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Mahendragarh-Narnaul News: शौचालय की सफाई के लिए अध्यापक जुटा रहे 200-200 रुपये, सफाई कर्मी का पद रिक्त

Tue, 10 Feb 2026 11:02 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 10 Feb 2026 11:02 PM IST
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Teachers are collecting Rs 200 each for cleaning toilets, the post of sanitation worker is vacant.
फोटो 17पीएम श्री राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बना छात्राओं के लिए शौचालय।संवाद
जितेंद्र कुमार सोनी
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नांगल चौधरी। नांगल चौधरी पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 9 माह से सफाई कर्मचारी का पद खाली होने से शौचालय की सफाई समय पर नहीं हो रही है। अब स्टाफ कर्मचारियों ने 200-200 रुपये एकत्र कर अस्थाई सफाई कर्मचारी रखा है।
वह भी नियमित स्कूल में नहीं आता है। विद्यालय में जून 2025 से सफाई कर्मचारी की स्थाई पद खाली है। शौचालय की सफाई नियमित नहीं होने से स्कूल में पढ़ने वाली सैकड़ों छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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यह स्थिति न केवल छात्राओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है बल्कि शिक्षा विभाग की व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को भी उजागर करती है।
हालांकि प्राचार्य डॉ. दिनेश कुमार व स्टाफ सदस्य हर महीने 200-200 रुपये जोड़कर लगभग 6000 रुपये एकत्र करते हैं जिससे एक व्यक्ति को सफाई कार्य के लिए रखा गया है।
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नवंबर 2025 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने स्कूलों में शौचालयों की खराब स्थिति को लेकर शिक्षा विभाग पर सख्त रुख अपनाया था।
कोर्ट ने विभाग पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए स्कूलों के शौचालयों की मरम्मत और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ शौचालयों की व्यवस्था करने के स्पष्ट आदेश दिए थे। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा है। संवाद

562 छात्राएं अध्ययनरत फिर भी सफाई कर्मी नहीं स्थाई

स्कूल में वर्तमान समय में लगभग 562 छात्राएं अध्ययनरत हैं। इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। हालांकि स्कूल में प्राइमरी कक्षा के लिए अलग व मिडिल और बड़ी कक्षाओं की छात्राओं के लिए अलग से पानी और शौचालयों की व्यवस्था की गई है। शौचालयों में पानी की भी व्यवस्था की गई है। लेकिन स्थाई सफाई कर्मी का पद खाली होने के कारण व्यवस्था दुरूस्त नहीं हो पाती है। सरकार की ओर से इस कार्य के लिए कोई नियमित फंड या सहायता नहीं मिल रही है, जिससे स्टाफ पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।


प्राचार्य बोले 200-200 रुपये एकत्रित कर करवा रहे सफाई
प्राचार्य डाॅ. दिनेश कुमार ने बताया कि स्कूल में लगी सफाईकर्मी का जून 2025 में देहांत हो गया था जिसके बाद से पद रिक्त है। इस बारे में उच्च विभाग को अवगत भी करवा गया है लेकिन फिलहाल स्कूल में छात्राओं के लिए बने शौचालयों की सफाई व्यवस्था का ध्यान रखते हुए एक अस्थाई कर्मचारी को रखा गया है। वहीं रखे गए अस्थाई कर्मचारी को स्टाफ द्वारा 200-200 रुपये एकत्रित करके 6 हजार रुपये माह के दे रहे हैं लेकिन जब कभी वह छुट्टी कर लेता है या लेट हो जाता है तो सफाई व्यवस्था सही नहीं रह पाती।
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