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Mahendragarh-Narnaul News: गोपाल गोशाला में छह गायों में लंपी जैसे लक्षण, सैंपल जांच को भेजे
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फोटो नंबर- 17श्री गोपाल गोशाला में बनाए गए अलग वार्ड में रोग से संक्रमित गाय। संवाद
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नारनौल। शहर की सबसे बड़ी गोपाल गोशाला में छह गायों में लंपी जैसे लक्षण मिले हैं। पशुपालन विभाग ने इन गायों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल सभी छह गायों को अलग वार्ड में रखा गया है और उनका इलाज चल रहा है।
इन छह गायों में दो को हाल ही में शहर से ही पकड़ कर लाए थे जबकि चार गायें पहले से गोशाला में थीं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि संक्रमण बाहर से आई गायों के जरिये फैला हो सकता है। हालांकि, गोपाल गोशाला ने अभी नए गोवंश के प्रवेश पर रोक नहीं लगाई है।
वहीं, गोपाल गोशाला में बीमारी की आशंका के बाद श्री अनाथ गोशाला और स्वर्ग आश्रम गो उपचार शाला ने बाहर से आने वाले गोवंश का प्रवेश बंद कर दिया है। जगह की कमी के कारण दोनों गोशालाएं संक्रमित गायों के लिए अलग वार्ड नहीं बना सकतीं।
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तीनों गोशालाओं में गायों को लग चुका टीका
नारनौल की तीनों प्रमुख गोशालाओं में लंपी से बचाव के लिए गायों का टीकाकरण पहले ही कराया जा चुका है। गोपाल गोशाला में करीब 2 हजार, श्री अनाथ गोशाला में 500 और उपचार शाला में 300 गायों की क्षमता है। फिलहाल यहां क्रमशः 1200, 500 और 300 गायें रह रही हैं। पशुपालन विभाग के माध्यम से तीनों गोशालाओं में करीब 2 हजार गायों को गोट पॉक्स के टीके लगाए जा चुके हैं।
लंपी जैसे लक्षण लेकिन रिपोर्ट नेगेटिव
लंपी रोग जैसे लक्षण से ग्रसित गांव हुडिना में दो गायों की मौत भी हो चुकी है। वहीं पशुपालन विभाग का कहना है कि अभी तक लंपी रोग से ग्रसित कोई गोवंश नहीं मिला है। वहीं संक्रमण से संभावित करीब 133 गोवंश के सैंपल जांच के लिए सोनीपत व हिसार की सरकारी लैब में भेजे गए थे और सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं।
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गोशाला में छह गायें लंपी जैसे लक्षणों वाले रोग से संक्रमित हैं जिन्हें अलग वार्ड में रखा गया है। उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। संक्रमण बढ़ने पर बाहर से आने वाली गायों का प्रवेश रोक दिया जाएगा।-रामकुमार भोजावासिया, प्रधान, श्री गोपाल गोशाला
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जगह की कमी के कारण गोशाला में अलग से वार्ड बनाना संभव नहीं है। बाहर से आने वाले पशुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। यदि किसी पशु को प्रवेश दिया जाता है तो पहले उसकी जांच करानी अनिवार्य होगा।-उज्जनपाल, प्रधान, श्री अनाथ गोशाला
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लंपी से संक्रमित गोवंश के प्रवेश पर फिलहाल रोक है। हालांकि, संक्रमित गोवंश की सूचना मिलने पर उनके उपचार के लिए चिकित्सकों की टीम और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।-गंगाराम सैनी, प्रधान, गोमाता उपचार गोशाला
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वर्जन :
लंपी से बचाव के लिए जिले में करीब 60 हजार गोवंश का टीकाकरण किया जा चुका है। अब तक 133 संभावित संक्रमित गोवंश के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। संदिग्ध गोवंशों का इलाज जारी है। एहतियातन दोबारा जांच के लिए सैंपल लेकर लैब भेजे जाएंगे।-डॉ. नसीब सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, नारनौल।
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वर्जन :
संक्रमित गोवंशों को अलग वार्ड में रखा गया है और अब उनकी स्थिति में सुधार है। टीकाकरण के बाद लंपी संक्रमण से ग्रसित गोवंश नियमित इलाज से जल्द ही स्वस्थ्य हो जाता है। संक्रमण की जांच के लिए सैंपल लिए गए है जिनकी रिर्पाेट आनी अभी बाकि हैं। -डॉ. विरेंद्र, पशु चिकित्सक, श्री गोपाल गोशाला, नारनौल।
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इन छह गायों में दो को हाल ही में शहर से ही पकड़ कर लाए थे जबकि चार गायें पहले से गोशाला में थीं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि संक्रमण बाहर से आई गायों के जरिये फैला हो सकता है। हालांकि, गोपाल गोशाला ने अभी नए गोवंश के प्रवेश पर रोक नहीं लगाई है।
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वहीं, गोपाल गोशाला में बीमारी की आशंका के बाद श्री अनाथ गोशाला और स्वर्ग आश्रम गो उपचार शाला ने बाहर से आने वाले गोवंश का प्रवेश बंद कर दिया है। जगह की कमी के कारण दोनों गोशालाएं संक्रमित गायों के लिए अलग वार्ड नहीं बना सकतीं।
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तीनों गोशालाओं में गायों को लग चुका टीका
नारनौल की तीनों प्रमुख गोशालाओं में लंपी से बचाव के लिए गायों का टीकाकरण पहले ही कराया जा चुका है। गोपाल गोशाला में करीब 2 हजार, श्री अनाथ गोशाला में 500 और उपचार शाला में 300 गायों की क्षमता है। फिलहाल यहां क्रमशः 1200, 500 और 300 गायें रह रही हैं। पशुपालन विभाग के माध्यम से तीनों गोशालाओं में करीब 2 हजार गायों को गोट पॉक्स के टीके लगाए जा चुके हैं।
लंपी जैसे लक्षण लेकिन रिपोर्ट नेगेटिव
लंपी रोग जैसे लक्षण से ग्रसित गांव हुडिना में दो गायों की मौत भी हो चुकी है। वहीं पशुपालन विभाग का कहना है कि अभी तक लंपी रोग से ग्रसित कोई गोवंश नहीं मिला है। वहीं संक्रमण से संभावित करीब 133 गोवंश के सैंपल जांच के लिए सोनीपत व हिसार की सरकारी लैब में भेजे गए थे और सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं।
गोशाला में छह गायें लंपी जैसे लक्षणों वाले रोग से संक्रमित हैं जिन्हें अलग वार्ड में रखा गया है। उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। संक्रमण बढ़ने पर बाहर से आने वाली गायों का प्रवेश रोक दिया जाएगा।-रामकुमार भोजावासिया, प्रधान, श्री गोपाल गोशाला
जगह की कमी के कारण गोशाला में अलग से वार्ड बनाना संभव नहीं है। बाहर से आने वाले पशुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। यदि किसी पशु को प्रवेश दिया जाता है तो पहले उसकी जांच करानी अनिवार्य होगा।-उज्जनपाल, प्रधान, श्री अनाथ गोशाला
लंपी से संक्रमित गोवंश के प्रवेश पर फिलहाल रोक है। हालांकि, संक्रमित गोवंश की सूचना मिलने पर उनके उपचार के लिए चिकित्सकों की टीम और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।-गंगाराम सैनी, प्रधान, गोमाता उपचार गोशाला
वर्जन :
लंपी से बचाव के लिए जिले में करीब 60 हजार गोवंश का टीकाकरण किया जा चुका है। अब तक 133 संभावित संक्रमित गोवंश के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। संदिग्ध गोवंशों का इलाज जारी है। एहतियातन दोबारा जांच के लिए सैंपल लेकर लैब भेजे जाएंगे।-डॉ. नसीब सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, नारनौल।
वर्जन :
संक्रमित गोवंशों को अलग वार्ड में रखा गया है और अब उनकी स्थिति में सुधार है। टीकाकरण के बाद लंपी संक्रमण से ग्रसित गोवंश नियमित इलाज से जल्द ही स्वस्थ्य हो जाता है। संक्रमण की जांच के लिए सैंपल लिए गए है जिनकी रिर्पाेट आनी अभी बाकि हैं। -डॉ. विरेंद्र, पशु चिकित्सक, श्री गोपाल गोशाला, नारनौल।