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ग्रामीणों ने सबस्टेशन पर जड़ा ताला
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 09 Jan 2017 11:58 PM IST
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ग्रामीणों ने सबस्टेशन पर जड़ा ताला
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ग्रामीणों को बेहतर बिजली सप्लाई मुहैया करवाने के मकसद से आसरावास में सबस्टेशन स्थापित किया गया था। निशुल्क जमीन उपलब्ध करवाने के बावजूद ग्रामीणों को 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही है। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने सबस्टेशन पर ताला लगा दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि विभाग द्वारा करीब तीन साल पहले आसरावास में सबस्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। उस दौरान पंचायत को सिटी लाइन से बिजली सप्लाई व पूरी वोल्टेज का आश्वासन देकर निशुल्क जमीन ली गई। लगभग पांच करोड़ की लागत से सबस्टेशन का निर्माण हुआ। उपकरण व्यवस्था होने पर उपभोक्ताओं को सप्लाई उपलब्ध करवा दी गई। किंतु सिटी लाइन में कनेक्शन नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को 8-10 घंटे बिजली मिलती है। इतनी सप्लाई भी दर्जनों कट में मिल रही है जिससे गांव में पेयजल व अंधेरे की समस्या बनी रहती है। इसके अलावा अंतर्गत ढाणियों को घरेलू फीडर से नहीं जोड़ा गया। एपी फीडर से अधिकांश बिजली सप्लाई रात को होती है। इस दौरान ग्रामीणों को पेयजल व्यवस्था करना संभव नहीं। समस्या से अधिकारियों को कई बार अवगत करवा दिया गया। उन्होंने 10-15 दिन मेें सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा देकर टरका दिया। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार दोपहर करीब 1.30 बजे तालाबंदी कर दी। इसके बाद निगम व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
ग्रामीणों ने आश्वासन के बाद खोला ताला
सूचना पाकर एसआई शिवकुमार पावर हाउस पहुंचे। उन्होंने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा देकर तालाबंदी खुलवाने के प्रयास किए। सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने निगम के अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद एसडीओ हनुमान यादव, जेई अशोक कुमार घटना स्थल पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को 24 घंटे सप्लाई संबंधित पंचायती प्रस्ताव देने का आग्रह किया। जिसे अधिकारियों को भेजकर समाधान करवाने का भरोसा दिया। आश्वासन से संतुष्ट ग्रामीणों ने करीब 3 बजे ताला खोला
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समाधान नहीं होने पर कोर्ट केस का अल्टीमेटम
ग्रामीणों ने बताया कि 24 घंटे बिजली सप्लाई की शर्त पर निगम को मुफ्त में जमीन उपलब्ध करवाई गई थी। सबस्टेशन स्थापित होने के बाद विभाग शर्त से मुकर गया। उन्होंने कहा कि विभाग को सिटी लाइन से कनेक्शन जोड़ने होंगे वरना कोर्ट में केस दायर कर जमीन वापस या डीसी रेट के मुताबिक जमीन के पैसे मांगे जाएंगे।
उच्चाधिकारियों भेजेंगे प्रस्ताव
निगम के कनिष्ठ अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की सिटी लाइन से कनेक्शन जोड़ने तथा ढाणियों को घरेलू फीडर से जोड़ने की मांग थी। नियमानुसार लाल डोरे से बाहर ढाणियों को खुद से खर्चें से घरेलू फीडर से बिजली सुविधा लेनी होगी। सिटी लाइन के लिए पंचायत को प्रस्ताव देना होगा। जिसे उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
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ग्रामीणों ने बताया कि विभाग द्वारा करीब तीन साल पहले आसरावास में सबस्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। उस दौरान पंचायत को सिटी लाइन से बिजली सप्लाई व पूरी वोल्टेज का आश्वासन देकर निशुल्क जमीन ली गई। लगभग पांच करोड़ की लागत से सबस्टेशन का निर्माण हुआ। उपकरण व्यवस्था होने पर उपभोक्ताओं को सप्लाई उपलब्ध करवा दी गई। किंतु सिटी लाइन में कनेक्शन नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को 8-10 घंटे बिजली मिलती है। इतनी सप्लाई भी दर्जनों कट में मिल रही है जिससे गांव में पेयजल व अंधेरे की समस्या बनी रहती है। इसके अलावा अंतर्गत ढाणियों को घरेलू फीडर से नहीं जोड़ा गया। एपी फीडर से अधिकांश बिजली सप्लाई रात को होती है। इस दौरान ग्रामीणों को पेयजल व्यवस्था करना संभव नहीं। समस्या से अधिकारियों को कई बार अवगत करवा दिया गया। उन्होंने 10-15 दिन मेें सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा देकर टरका दिया। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार दोपहर करीब 1.30 बजे तालाबंदी कर दी। इसके बाद निगम व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
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ग्रामीणों ने आश्वासन के बाद खोला ताला
सूचना पाकर एसआई शिवकुमार पावर हाउस पहुंचे। उन्होंने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा देकर तालाबंदी खुलवाने के प्रयास किए। सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने निगम के अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद एसडीओ हनुमान यादव, जेई अशोक कुमार घटना स्थल पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को 24 घंटे सप्लाई संबंधित पंचायती प्रस्ताव देने का आग्रह किया। जिसे अधिकारियों को भेजकर समाधान करवाने का भरोसा दिया। आश्वासन से संतुष्ट ग्रामीणों ने करीब 3 बजे ताला खोला
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समाधान नहीं होने पर कोर्ट केस का अल्टीमेटम
ग्रामीणों ने बताया कि 24 घंटे बिजली सप्लाई की शर्त पर निगम को मुफ्त में जमीन उपलब्ध करवाई गई थी। सबस्टेशन स्थापित होने के बाद विभाग शर्त से मुकर गया। उन्होंने कहा कि विभाग को सिटी लाइन से कनेक्शन जोड़ने होंगे वरना कोर्ट में केस दायर कर जमीन वापस या डीसी रेट के मुताबिक जमीन के पैसे मांगे जाएंगे।
उच्चाधिकारियों भेजेंगे प्रस्ताव
निगम के कनिष्ठ अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की सिटी लाइन से कनेक्शन जोड़ने तथा ढाणियों को घरेलू फीडर से जोड़ने की मांग थी। नियमानुसार लाल डोरे से बाहर ढाणियों को खुद से खर्चें से घरेलू फीडर से बिजली सुविधा लेनी होगी। सिटी लाइन के लिए पंचायत को प्रस्ताव देना होगा। जिसे उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।