{"_id":"66fd93b14658d84a4309a0b4","slug":"staging-of-tadka-vadh-leela-in-ramleela-of-chanduvada-narnol-news-c-196-1-nnl1003-116723-2024-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: चांदुवाड़ा की रामलीला में ताड़का वध की लीला का मंचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: चांदुवाड़ा की रामलीला में ताड़का वध की लीला का मंचन
Thu, 03 Oct 2024 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 03 Oct 2024 12:10 AM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर-10चांदुवाड़ा की रामलीला में ताड़का वध की लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
नारनौल। श्री धार्मिक रामलीला ट्रस्ट चांदुवाडा की रामलीला में दूसरे दिन मंगलवार रात रामजन्म, ताड़का वध, सुबाहु व मारीच की लीला का मंचन किया गया।
रामलीला ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष जगदीश भारद्वाज ने बताया कि रात रामलीला में डॉ. मनोज वर्मा ने दशरथ, मोहित सोनी ने गुरु विश्वामित्र, सत्यम वर्मा ने महर्षि वशिष्ठ, शुभम वर्मा ने राम, अनिल चौहान ने लक्ष्मण, रोहित वालिया ने भरत, भवानी शंकर ने शत्रुघ्र, विकास चौहान ने माता कौशल्या, बलवंत सैनी ने राक्षसी ताडका, अंशु हरित ने मारीच व प्रशांत ने सुबाहू के अभिनय में मंचन किया। रामलीला के दूसरे दिन के मंचन में भगवान विष्णु के विराट रूप में माता कौशल्या को दर्शन देकर उन्हें पुत्र रूप में जन्म लेने का आशीर्वाद देते हैं। जब राजा दशरथ संतान ना होने के दुख से अधीर होकर महर्षि वशिष्ठ से इस दुख का निवारण पूछते हैं, तो वशिष्ठ के सुझाव पर श्रृंगी ऋषि से पुत्रेष्टि यज्ञ के उपरांत राजा दशरथ को चार पुत्र प्राप्त हुए। जिनका नामकरण महर्षि वशिष्ठ ने राम, भरत, लक्ष्मण व शत्रुघ्र के रूप में किया। अयोध्या में पुत्र जन्मोत्सव मनाया जाता है। उधर जंगल में राक्षसों के आतंक से परेशान गुरु विश्वामित्र राजा दशरथ से आग्रह कर राम लक्ष्मण को अपने साथ वन ले जाते हैं। जहां राम और लक्ष्मण रावण की बहन राक्षसी ताड़का व उसके पुत्र सुबाहु का वध कर वन में रहने वाले ऋषि- मुनियों को राक्षस के आतंक से मुक्ति दिलाते हैं।
इस अवसर पर शिम्भु दयाल गर्ग, संजय गर्ग, जगदीश भारद्वाज, दीपक हरित, नरेंद्र जैन, मोहित सोनी, विष्णु शर्मा, बलवान सैनी, सुभाष कौशिक, तरुण सोनी, नरेश बादल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
रामलीला ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष जगदीश भारद्वाज ने बताया कि रात रामलीला में डॉ. मनोज वर्मा ने दशरथ, मोहित सोनी ने गुरु विश्वामित्र, सत्यम वर्मा ने महर्षि वशिष्ठ, शुभम वर्मा ने राम, अनिल चौहान ने लक्ष्मण, रोहित वालिया ने भरत, भवानी शंकर ने शत्रुघ्र, विकास चौहान ने माता कौशल्या, बलवंत सैनी ने राक्षसी ताडका, अंशु हरित ने मारीच व प्रशांत ने सुबाहू के अभिनय में मंचन किया। रामलीला के दूसरे दिन के मंचन में भगवान विष्णु के विराट रूप में माता कौशल्या को दर्शन देकर उन्हें पुत्र रूप में जन्म लेने का आशीर्वाद देते हैं। जब राजा दशरथ संतान ना होने के दुख से अधीर होकर महर्षि वशिष्ठ से इस दुख का निवारण पूछते हैं, तो वशिष्ठ के सुझाव पर श्रृंगी ऋषि से पुत्रेष्टि यज्ञ के उपरांत राजा दशरथ को चार पुत्र प्राप्त हुए। जिनका नामकरण महर्षि वशिष्ठ ने राम, भरत, लक्ष्मण व शत्रुघ्र के रूप में किया। अयोध्या में पुत्र जन्मोत्सव मनाया जाता है। उधर जंगल में राक्षसों के आतंक से परेशान गुरु विश्वामित्र राजा दशरथ से आग्रह कर राम लक्ष्मण को अपने साथ वन ले जाते हैं। जहां राम और लक्ष्मण रावण की बहन राक्षसी ताड़का व उसके पुत्र सुबाहु का वध कर वन में रहने वाले ऋषि- मुनियों को राक्षस के आतंक से मुक्ति दिलाते हैं।
इस अवसर पर शिम्भु दयाल गर्ग, संजय गर्ग, जगदीश भारद्वाज, दीपक हरित, नरेंद्र जैन, मोहित सोनी, विष्णु शर्मा, बलवान सैनी, सुभाष कौशिक, तरुण सोनी, नरेश बादल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन