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Mahendragarh-Narnaul News: कहीं राम ने किया बाली वध तो कहीं रावण हर ले गया सीता
Wed, 09 Oct 2024 04:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 09 Oct 2024 04:30 AM IST
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फोटो नंबर-02अनाज मंडी की रामलीला में सीता हरण की लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
महेंद्रगढ़। श्री आदर्श रामलीला कमेटी के रंगमंच पर मंगलवार रात को भगवान राम ने बाली वध तो श्रीरामलीला परिषद के मंच पर रावण ने सीता हरण की लीला का मंचन किया। श्री आदर्श रामलीला में मुख्यातिथि घनश्याम जोशी समाजसेवी रहे जबकि अध्यक्षता समाजसेवी रवि चौहान ने की और विशिष्ट अतिथि के रूप में कैलाश शर्मा पाली व रामजीवन मित्तल रहे।
रामलीला के प्रधान सुरेंद्र बंटी व रामलीला के प्रेस सचिव केशव अग्रवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि लीला में भगवान राम सीता की खोज करते हुए ऋषिमुक पर्वत पहुंचते हैं। यहां उनकी भेंट हनुमानजी से होती है। हनुमान राम की सुग्रीव से अग्नि को साक्षी मानकर मित्रता करवाते हैं। राम और सुग्रीव दोनों मित्रता निभाने का संकल्प लेते हैं। सुग्रीव जब राम को सीता जी की निशानी दिखाते हैं तो उसे देखकर रामजी की आंखें भर आती हैं। मंच पर सुग्रीव और बाली का युद्ध दिखाया जाता है, पहले युद्ध में सुग्रीव हार जाता है। दूसरे युद्ध में भगवान राम बाली का वध कर सकते हैं। इसके बाद सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाया जाता है। सुग्रीव व बाली का अभिनय दो सगे भाइयों राहुल व साहिल ने किया। लीला में हनुमान गोविंद राम सैनी, संपाति, लंकनी, सुरसा व विभीषण का अभिनय केशव अग्रवाल, जामवंत लकी वशिष्ठ, तारा संदीप यादव, राम सुरेश गोस्वामी, लक्ष्मण नवीन कुमार, नल मानव, नील नक्ष यादव ने अपने-अपने अभिनय में दर्शकों का मन मोह लिया। इस मौके पर मनोहर लाल, लक्ष्मीनारायण सैनी, कर्म खन्ना, रवि, संदीप, नाथूराम, जोगिंद्र सेठ, मोई गुर्जर, पुरुषोत्तम सेठ, सोनू बंसल, दीपू सिंगल, राजेंद्र शर्मा मौजूद रहे।
सीता हरण की लीला का किया मंचन
महेंद्रगढ़। रामलीला परिषद के राजा राम पालड़ी रंग मंच पर सीता हरण की लीला मंचन किया गया। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि महेंद्रगढ़ विकास मंच के अध्यक्ष राव कुलबीर बोहरा व समाजसेवी मंजुला कौशिक ने किया। उन्होंने कहा कि हमें भगवान राम के पदचिह्नों पर चलना चाहिए। भगवन राम ने आज्ञाकारी पुत्र का फर्ज निभाया। इसी तरह आप सभी लोगों को माता-पिता की सेवा करनी चाहिए।
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रामलीला मंचन में दिखाया जाता है कि जब राम, लक्ष्मण और सीता पंचवटी में रहते हैं, तब वहां पर एक सोने का हिरण आता है। सीता माता कहती हैं कि हे प्रभु मुझे यह हिरण चाहिए। तब भगवान राम मायावी सोने के हिरण के पीछे चले जाते हैं। तब वहां पर जोर से आवाज आती है कि लक्ष्मण भैया मुझे बचाओ। यह आवाज सुनकर सीता माता चिंतित होती है और अपने देवर लक्ष्मण को अपने पति राम की रक्षा की के भेज देती हैं। यहां लक्ष्मण पंचवटी में लक्ष्मण रेखा खींच कर चले जाते हैं। बाद में रावण पंडितजी का भेष बदलकर भिक्षा मांगने के लिए आता है और सीता का हरण करके ले जाता है। यहां राम के अभिनय में रवि सैनी, लक्ष्मण चंद्रमोहन, सीता पंकज यदुवंशी, सूर्पणखा प्रदीप सैन, खर लक्की, दूषण पुनीत भारद्वाज, दूत विकास तिवाड़ी, रावण दिनेश मैहता, मारीच प्रथम भारद्वाज, जटायू विक्की प्रजापत, शबरी का अभिनय सतीश गौड़ ने निभाया। इस मौके पर संरक्षक घीसा राम सैनी, अनिल कौशिक, प्रधान दिनकर बोहरा, महानिदेशक गिरीश कानोडिया, निदेशक प्रमोद तिवाड़ी, उप प्रधान सुनील यादव, कलाकार प्रधान विकास तिवाड़ी, प्रबंधक सोहन लाल, मुख्य सलाहकार प्रवीण गौड़, राजेंद्र पोपली, पूर्व प्रधान सुधीर दीवान, इंजीनियर अशोक जांगड़ा मौजूद रहे।
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रामलीला के प्रधान सुरेंद्र बंटी व रामलीला के प्रेस सचिव केशव अग्रवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि लीला में भगवान राम सीता की खोज करते हुए ऋषिमुक पर्वत पहुंचते हैं। यहां उनकी भेंट हनुमानजी से होती है। हनुमान राम की सुग्रीव से अग्नि को साक्षी मानकर मित्रता करवाते हैं। राम और सुग्रीव दोनों मित्रता निभाने का संकल्प लेते हैं। सुग्रीव जब राम को सीता जी की निशानी दिखाते हैं तो उसे देखकर रामजी की आंखें भर आती हैं। मंच पर सुग्रीव और बाली का युद्ध दिखाया जाता है, पहले युद्ध में सुग्रीव हार जाता है। दूसरे युद्ध में भगवान राम बाली का वध कर सकते हैं। इसके बाद सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाया जाता है। सुग्रीव व बाली का अभिनय दो सगे भाइयों राहुल व साहिल ने किया। लीला में हनुमान गोविंद राम सैनी, संपाति, लंकनी, सुरसा व विभीषण का अभिनय केशव अग्रवाल, जामवंत लकी वशिष्ठ, तारा संदीप यादव, राम सुरेश गोस्वामी, लक्ष्मण नवीन कुमार, नल मानव, नील नक्ष यादव ने अपने-अपने अभिनय में दर्शकों का मन मोह लिया। इस मौके पर मनोहर लाल, लक्ष्मीनारायण सैनी, कर्म खन्ना, रवि, संदीप, नाथूराम, जोगिंद्र सेठ, मोई गुर्जर, पुरुषोत्तम सेठ, सोनू बंसल, दीपू सिंगल, राजेंद्र शर्मा मौजूद रहे।
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सीता हरण की लीला का किया मंचन
महेंद्रगढ़। रामलीला परिषद के राजा राम पालड़ी रंग मंच पर सीता हरण की लीला मंचन किया गया। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि महेंद्रगढ़ विकास मंच के अध्यक्ष राव कुलबीर बोहरा व समाजसेवी मंजुला कौशिक ने किया। उन्होंने कहा कि हमें भगवान राम के पदचिह्नों पर चलना चाहिए। भगवन राम ने आज्ञाकारी पुत्र का फर्ज निभाया। इसी तरह आप सभी लोगों को माता-पिता की सेवा करनी चाहिए।
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रामलीला मंचन में दिखाया जाता है कि जब राम, लक्ष्मण और सीता पंचवटी में रहते हैं, तब वहां पर एक सोने का हिरण आता है। सीता माता कहती हैं कि हे प्रभु मुझे यह हिरण चाहिए। तब भगवान राम मायावी सोने के हिरण के पीछे चले जाते हैं। तब वहां पर जोर से आवाज आती है कि लक्ष्मण भैया मुझे बचाओ। यह आवाज सुनकर सीता माता चिंतित होती है और अपने देवर लक्ष्मण को अपने पति राम की रक्षा की के भेज देती हैं। यहां लक्ष्मण पंचवटी में लक्ष्मण रेखा खींच कर चले जाते हैं। बाद में रावण पंडितजी का भेष बदलकर भिक्षा मांगने के लिए आता है और सीता का हरण करके ले जाता है। यहां राम के अभिनय में रवि सैनी, लक्ष्मण चंद्रमोहन, सीता पंकज यदुवंशी, सूर्पणखा प्रदीप सैन, खर लक्की, दूषण पुनीत भारद्वाज, दूत विकास तिवाड़ी, रावण दिनेश मैहता, मारीच प्रथम भारद्वाज, जटायू विक्की प्रजापत, शबरी का अभिनय सतीश गौड़ ने निभाया। इस मौके पर संरक्षक घीसा राम सैनी, अनिल कौशिक, प्रधान दिनकर बोहरा, महानिदेशक गिरीश कानोडिया, निदेशक प्रमोद तिवाड़ी, उप प्रधान सुनील यादव, कलाकार प्रधान विकास तिवाड़ी, प्रबंधक सोहन लाल, मुख्य सलाहकार प्रवीण गौड़, राजेंद्र पोपली, पूर्व प्रधान सुधीर दीवान, इंजीनियर अशोक जांगड़ा मौजूद रहे।