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सिंचाई के लिए डीजल इंजन की जगह लगेंगे सोलर पंपिंग सिस्टम ः मुख्यमंत्री
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प्रमाणपत्र वितरित करते एडीसी अनुराग ढालिया। संवाद
- फोटो : Narnol
प्रदेश में सिंचाई के क्षेत्र में प्रयोग हो रहे सभी डीजल इंजन के स्थान पर सोलर पंपिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके साथ-साथ बिजली से चलने वाले पंप की बजाय सोलर पंप को बढ़ावा दिया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री मनोहर लाल वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम कुसुम योजना के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी राष्ट्र का भविष्य है। प्रदेश सरकार पारंपरिक ऊर्जा स्रोत की बजाय ग्रीन एनर्जी पर फोकस कर रही है। इसी उद्देश्य के लिए वर्ष 2020-21 में प्रदेश में 15 हजार सोलर पंपिंग सिस्टम स्थापित किए हैं। प्रदेश में वर्ष 2022-23 में पहले फेज में 50 हजार सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होेंने कहा कि पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप सिस्टम पर खर्च होने वाला 75 फीसदी पैसा सरकार दे रही है। किसान को केवल 25 फीसदी पैसा ही खर्च करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को बिजली पर 6500 करोड़ रुपये सब्सिडी देनी पड़ती है। गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के प्रयोग से यह सब्सिडी का बोझ भी कम होगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां पर एक साल के अंदर 15 हजार सोलर पंपिंग सिस्टम स्थापित किए हैं। हरियाणा में 320 दिन सूर्य अच्छी तरह से चमकता है। ऐसे में हमें कोयला आधारित बिजली की निर्भरता कम करनी है और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इसी प्रकार हरियाणा वेस्ट टू एनर्जी के क्षेत्र में भी कार्य कर रहा है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि कृषि व किसान का विकास हो तथा उनकी खेती पर होने वाला खर्च कम से कम हो। इसी उद्देश्य से प्रदेश में सोलर पंपिंग सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर यूजर गाइड पुस्तक का भी विमोचन किया जिसको पढ़कर किसान इस सिस्टम का अच्छी तरह से रखरखाव कर पाएंगे।
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नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 219 किसानों को प्रमाणपत्र वितरित किए। 68 सोलर पंपिंग सिस्टम का आभासी उद्घाटन किया गया। स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने जिले के 6 किसानों को प्रमाणपत्र वितरित किए।
महेंद्रगढ़ के 6 किसानों के सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम का आभासी उद्घाटन
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये राज्य के किसानों के 68 सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम का उद्घाटन किया। इनमें जिले के 6 किसानों के सोलर पंपिंग सिस्टम शामिल थे। कार्यक्रम के बाद एडीसी अनुराग ढालिया ने किसानों को प्रमाणपत्र वितरित किए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिले में इस वित्त वर्ष के दौरान 1122 किसानों को सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम दिए गए हैं। पीएम कुसुम योजना के तहत इन सभी किसानों को कुल लागत का केवल 25 फीसदी खर्च वहन करना पड़ा है। शेष 75 फीसदी खर्च सरकार उठा रही है।
उन्होंने बताया कि इस पंपिंग सिस्टम से किसान दिनभर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से अपने खेतों को सींच सकते हैं। इस सिस्टम के लगने से न केवल किसानों का खर्चा कम होगा बल्कि उनकी पैदावार भी बढ़ेगी।
योजना के तहत वीरवार को गांव पोता के अजीत सिंह, गांव पाली के भवानी सिंह, गांव भांखरी के कृष्ण कुमार, शाहपुर अव्वल के खगेश यादव, गांव बदोपुर के गोबिंद राम व गांव नसीबपुर गणेश कॉलोनी की प्रतिभा को प्रमाणपत्र वितरित किए।
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उन्होंने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी राष्ट्र का भविष्य है। प्रदेश सरकार पारंपरिक ऊर्जा स्रोत की बजाय ग्रीन एनर्जी पर फोकस कर रही है। इसी उद्देश्य के लिए वर्ष 2020-21 में प्रदेश में 15 हजार सोलर पंपिंग सिस्टम स्थापित किए हैं। प्रदेश में वर्ष 2022-23 में पहले फेज में 50 हजार सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होेंने कहा कि पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप सिस्टम पर खर्च होने वाला 75 फीसदी पैसा सरकार दे रही है। किसान को केवल 25 फीसदी पैसा ही खर्च करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को बिजली पर 6500 करोड़ रुपये सब्सिडी देनी पड़ती है। गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के प्रयोग से यह सब्सिडी का बोझ भी कम होगा।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां पर एक साल के अंदर 15 हजार सोलर पंपिंग सिस्टम स्थापित किए हैं। हरियाणा में 320 दिन सूर्य अच्छी तरह से चमकता है। ऐसे में हमें कोयला आधारित बिजली की निर्भरता कम करनी है और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इसी प्रकार हरियाणा वेस्ट टू एनर्जी के क्षेत्र में भी कार्य कर रहा है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि कृषि व किसान का विकास हो तथा उनकी खेती पर होने वाला खर्च कम से कम हो। इसी उद्देश्य से प्रदेश में सोलर पंपिंग सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर यूजर गाइड पुस्तक का भी विमोचन किया जिसको पढ़कर किसान इस सिस्टम का अच्छी तरह से रखरखाव कर पाएंगे।
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नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 219 किसानों को प्रमाणपत्र वितरित किए। 68 सोलर पंपिंग सिस्टम का आभासी उद्घाटन किया गया। स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने जिले के 6 किसानों को प्रमाणपत्र वितरित किए।
महेंद्रगढ़ के 6 किसानों के सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम का आभासी उद्घाटन
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये राज्य के किसानों के 68 सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम का उद्घाटन किया। इनमें जिले के 6 किसानों के सोलर पंपिंग सिस्टम शामिल थे। कार्यक्रम के बाद एडीसी अनुराग ढालिया ने किसानों को प्रमाणपत्र वितरित किए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिले में इस वित्त वर्ष के दौरान 1122 किसानों को सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम दिए गए हैं। पीएम कुसुम योजना के तहत इन सभी किसानों को कुल लागत का केवल 25 फीसदी खर्च वहन करना पड़ा है। शेष 75 फीसदी खर्च सरकार उठा रही है।
उन्होंने बताया कि इस पंपिंग सिस्टम से किसान दिनभर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से अपने खेतों को सींच सकते हैं। इस सिस्टम के लगने से न केवल किसानों का खर्चा कम होगा बल्कि उनकी पैदावार भी बढ़ेगी।
योजना के तहत वीरवार को गांव पोता के अजीत सिंह, गांव पाली के भवानी सिंह, गांव भांखरी के कृष्ण कुमार, शाहपुर अव्वल के खगेश यादव, गांव बदोपुर के गोबिंद राम व गांव नसीबपुर गणेश कॉलोनी की प्रतिभा को प्रमाणपत्र वितरित किए।