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सरकार की गलत नीतियों के कारण छोटे व मध्यम उद्योग ठप हो रहे : बजरंग गर्ग
Thu, 24 Jul 2025 11:37 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 24 Jul 2025 11:37 PM IST
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फोटो संख्या:67- कमला भवन धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प
महेंद्रगढ़। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष और अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव बजरंग गर्ग ने वीरवार को महेंद्रगढ़ की कमला भवन धर्मशाला में व्यापारियों की बैठक ली।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण छोटे व मध्यम उद्योग प्रदेश में लगातार ठप हो रहे है। सरकार ने निर्धारित शुल्क 165 रुपये से बढ़ाकर 290 रुपये करके उद्योगपतियों की जेबों में डाका डालने का काम किया है। बिजली के रेट में बढ़ोतरी करके उद्योगपतियों को पलायन करने पर मजबूर किया जा रहा है।
सरकार द्वारा बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने से उद्योगपतियों पर लगभग 2300 रुपये का आर्थिक बोझ ओर बढ़ेगा, जो सरासर गलत है। सरकार को व्यापारी, उद्योगपति व आम जनता पर बिजली के रेटों की बढ़ोतरी को तुरंत वापिस लेना चाहिए। बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार ने रिहायशी व कामर्शियल में बिजली के दरों में बढ़ोतरी करके जनता पर आर्थिक बोझ डालने का काम किया है।
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501 यूनिट बिजली खपत पर पहले लगभग 2509 रुपये का बिल आता था अब 501 यूनिट पर लगभग 3800 रुपये बिजली का बिल आएगा जबकि सरकार ने पहले ही व्यापारी व आम जनता पर जीएसटी के तहत अनाप-शनाप टैक्स लगाया हुआ है। जब से देश आजाद हुआ है तब से कपड़ा, चीनी, दूध, दही, लस्सी, आटा आदि पर कभी टैक्स नहीं था। यदि इस सरकार ने इन वस्तुओं पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगा दिया पहले जिन वस्तुओं पर पांच प्रतिशत वैट होता था।
सरकार ने उन वस्तुओं पर 18 व 28 प्रतिशत जीएसटी लगाकर बेतहाशा महंगाई को बढ़ाने का काम किया है। बजरंग गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार को जीएसटी में सरलीकरण करके टैक्स की दरों को कम करना चाहिए, जिसमें सरकार को आम उपयोग में आने वाली वस्तुओं पर पांच प्रतिशत व जनरल गुड्स आइटम पर अधिकतम 12 प्रतिशत टैक्स करना चाहिए ताकि आम जनता को महंगाई से थोड़ी बहुत राहत मिल सकें।
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पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण छोटे व मध्यम उद्योग प्रदेश में लगातार ठप हो रहे है। सरकार ने निर्धारित शुल्क 165 रुपये से बढ़ाकर 290 रुपये करके उद्योगपतियों की जेबों में डाका डालने का काम किया है। बिजली के रेट में बढ़ोतरी करके उद्योगपतियों को पलायन करने पर मजबूर किया जा रहा है।
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सरकार द्वारा बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने से उद्योगपतियों पर लगभग 2300 रुपये का आर्थिक बोझ ओर बढ़ेगा, जो सरासर गलत है। सरकार को व्यापारी, उद्योगपति व आम जनता पर बिजली के रेटों की बढ़ोतरी को तुरंत वापिस लेना चाहिए। बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार ने रिहायशी व कामर्शियल में बिजली के दरों में बढ़ोतरी करके जनता पर आर्थिक बोझ डालने का काम किया है।
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501 यूनिट बिजली खपत पर पहले लगभग 2509 रुपये का बिल आता था अब 501 यूनिट पर लगभग 3800 रुपये बिजली का बिल आएगा जबकि सरकार ने पहले ही व्यापारी व आम जनता पर जीएसटी के तहत अनाप-शनाप टैक्स लगाया हुआ है। जब से देश आजाद हुआ है तब से कपड़ा, चीनी, दूध, दही, लस्सी, आटा आदि पर कभी टैक्स नहीं था। यदि इस सरकार ने इन वस्तुओं पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगा दिया पहले जिन वस्तुओं पर पांच प्रतिशत वैट होता था।
सरकार ने उन वस्तुओं पर 18 व 28 प्रतिशत जीएसटी लगाकर बेतहाशा महंगाई को बढ़ाने का काम किया है। बजरंग गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार को जीएसटी में सरलीकरण करके टैक्स की दरों को कम करना चाहिए, जिसमें सरकार को आम उपयोग में आने वाली वस्तुओं पर पांच प्रतिशत व जनरल गुड्स आइटम पर अधिकतम 12 प्रतिशत टैक्स करना चाहिए ताकि आम जनता को महंगाई से थोड़ी बहुत राहत मिल सकें।