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जिले में छठी बार टिड्डी दल का हमला, 70 फीसदी को मारा
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दवा का छिड़काव करते कर्मचारी ।
- फोटो : Narnol
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जिले में छठी बार टिड्डी दल का हमला हुआ। इस बार भी जिला प्रशासन और किसानों की सतर्कता से फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ। टिड्डियों को मारने के लिए रात भर चलाए गए बेयर फुट अभियान में 70 फीसदी से अधिक टिड्डियों का खात्मा कर दिया गया। देर रात तक उपायुक्त आरके सिंह अधिकारियों को दिशा निर्देश देते रहे। वहीं फील्ड में महेंद्रगढ़ के एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने अधिकारियों व किसानों के साथ अलर्ट रहे।
शुक्रवार की शाम लगभग 4 बजे राजस्थान की ओर से 4 किलोमीटर लंबा और 1.5 किलोमीटर चौड़ाई में उड़ रहा टिड्डी दल सतनाली में प्रवेश किया। इसके बाद राठीवास होते हुए कुराहवटा, पालड़ी, पनिहारी व पाली आदि गांवों में पहुंच गया। शाम लगभग साढ़े पांच बजे किसानों ने काफी संख्या में डीजे साउंड सिस्टम का इंतजाम किया था। लेकिन अचानक बूंदाबांदी होने के कारण टिड्डियों के पंख गीले हो गए और वे इन्हीं गांव में रुक गई। यदि बारिश नहीं होती तो यह दल चरखी दादरी जिले में प्रवेश कर जाता। चरखी दादरी जिले के अधिकारियों को भी पहले ही अलर्ट कर दिया गया था। ज्यादातर टिड्डी पालड़ी व पनिहारी की बनी में बड़े पेड़ों पर रुकी हुई थी। इसी दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी अपनी पूरी तैयारियां की हुई थी। पहले से ही कृषि विभाग के पास इन गांवों के ऐसे किसानों की सूची थी। जिनके पास ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर मशीन थी। ऐसे 35 ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रे मशीन को छह बजे मौके पर बुलाया गया और पानी डालने का काम शुरू किया गया। वहीं नगर परिषद व नगर पालिकाओं की 11 फायर ब्रिगेड गाड़ियां भी मौके पर पहुंच चुकी थी। शाम छह बजे से ही दवाई और पानी का मिश्रण करने का काम शुरू किया गया।
एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने आसपास के किसानों व मौके पर मौजूद सभी अधिकारियों के साथ अभियान शुरू करने की रणनीति बनाई। इसके बाद ठीक रात 11 बजे दवाई छिड़कने का अभियान शुरू किया गया। इसके बाद दो बजे इस अभियान को रोकना पड़ा। रात भर चले इस अभियान के दौरान यहां पर लगभग 70 फीसदी टिड्डी का खात्मा हो चुका था। फिलहाल शेष बचा टिड्डी का दल वापस सुरहेती और जाखल होते हुए राजस्थान में प्रवेश कर गया।
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अभी खतरा टला नहीं है : डॉ. जसविंदर
कृषि विभाग के उपनिदेशक नारनौल डॉ. जसविंदर सिंह सैनी ने बताया कि टिड्डियों का दल अभी और भी आ सकता है। इसलिए किसानों को सतर्क रहना होगा। उन्होंने बताया कि विभाग के पास जिले के हर गांव के किसानों का व्हाट्सएप ग्रुप हैं जिसके माध्यम से वे लगातार किसानों को पल-पल की जानकारी साझा कर रहे हैं ताकि किसान अपने स्तर पर भी शोर आदि करके उन्हें अपने खेतों में ना बैठने दें। कृषि विभाग के अधिकारी खुद किसानों को फोन करके इस संबंध में जानकारी दे रहे हैं।
जिला में पर्याप्त मात्रा में दवाई उपलब्ध : डॉ. हरपाल
सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह यादव ने बताया कि जिला में पर्याप्त मात्रा में क्लोरपायरीफॉस दवाई उपलब्ध है। दवाई मिश्रण से लेकर छिड़काव तक का हर कार्य बहुत ही ऐहतियात के साथ किया जा रहा है। इसमें बहुत सी सावधानी बरतनी होती हैं।
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शुक्रवार की शाम लगभग 4 बजे राजस्थान की ओर से 4 किलोमीटर लंबा और 1.5 किलोमीटर चौड़ाई में उड़ रहा टिड्डी दल सतनाली में प्रवेश किया। इसके बाद राठीवास होते हुए कुराहवटा, पालड़ी, पनिहारी व पाली आदि गांवों में पहुंच गया। शाम लगभग साढ़े पांच बजे किसानों ने काफी संख्या में डीजे साउंड सिस्टम का इंतजाम किया था। लेकिन अचानक बूंदाबांदी होने के कारण टिड्डियों के पंख गीले हो गए और वे इन्हीं गांव में रुक गई। यदि बारिश नहीं होती तो यह दल चरखी दादरी जिले में प्रवेश कर जाता। चरखी दादरी जिले के अधिकारियों को भी पहले ही अलर्ट कर दिया गया था। ज्यादातर टिड्डी पालड़ी व पनिहारी की बनी में बड़े पेड़ों पर रुकी हुई थी। इसी दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी अपनी पूरी तैयारियां की हुई थी। पहले से ही कृषि विभाग के पास इन गांवों के ऐसे किसानों की सूची थी। जिनके पास ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर मशीन थी। ऐसे 35 ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रे मशीन को छह बजे मौके पर बुलाया गया और पानी डालने का काम शुरू किया गया। वहीं नगर परिषद व नगर पालिकाओं की 11 फायर ब्रिगेड गाड़ियां भी मौके पर पहुंच चुकी थी। शाम छह बजे से ही दवाई और पानी का मिश्रण करने का काम शुरू किया गया।
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एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने आसपास के किसानों व मौके पर मौजूद सभी अधिकारियों के साथ अभियान शुरू करने की रणनीति बनाई। इसके बाद ठीक रात 11 बजे दवाई छिड़कने का अभियान शुरू किया गया। इसके बाद दो बजे इस अभियान को रोकना पड़ा। रात भर चले इस अभियान के दौरान यहां पर लगभग 70 फीसदी टिड्डी का खात्मा हो चुका था। फिलहाल शेष बचा टिड्डी का दल वापस सुरहेती और जाखल होते हुए राजस्थान में प्रवेश कर गया।
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अभी खतरा टला नहीं है : डॉ. जसविंदर
कृषि विभाग के उपनिदेशक नारनौल डॉ. जसविंदर सिंह सैनी ने बताया कि टिड्डियों का दल अभी और भी आ सकता है। इसलिए किसानों को सतर्क रहना होगा। उन्होंने बताया कि विभाग के पास जिले के हर गांव के किसानों का व्हाट्सएप ग्रुप हैं जिसके माध्यम से वे लगातार किसानों को पल-पल की जानकारी साझा कर रहे हैं ताकि किसान अपने स्तर पर भी शोर आदि करके उन्हें अपने खेतों में ना बैठने दें। कृषि विभाग के अधिकारी खुद किसानों को फोन करके इस संबंध में जानकारी दे रहे हैं।
जिला में पर्याप्त मात्रा में दवाई उपलब्ध : डॉ. हरपाल
सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह यादव ने बताया कि जिला में पर्याप्त मात्रा में क्लोरपायरीफॉस दवाई उपलब्ध है। दवाई मिश्रण से लेकर छिड़काव तक का हर कार्य बहुत ही ऐहतियात के साथ किया जा रहा है। इसमें बहुत सी सावधानी बरतनी होती हैं।