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छह हजार किसानों को फसल के मुआवजे की आस, किया आवेदन

Sat, 25 Sep 2021 11:29 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 11:29 PM IST
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Six thousand farmers expected crop compensation, applied
कार्यालय में आवेदन भरते हुए किसान - फोटो : Narnol
महेंद्रगढ़। मौसम की मार झेल रहे किसानों को फसलों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए फार्म जमा कराने में भी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। जिला के अधिकांश क्षेत्र में बुधवार को तेज बारिश हुई। ऐसे में जलभराव से किसानों की फसलों में काफी नुकसान हुआ है। इसी संबंध में मुआवजा लेने के लिए जिला के करीब 6 हजार किसानों ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कार्यालय में अपने आवेदन जमा कराए हैं।
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72 घंटे की गाइडलाइन के अनुसार बुधवार को जिला के अधिकांश क्षेत्र में तेज बारिश हुई थी। 25 सितंबर को गाइडलाइन के अनुसार 72 घंटे का समय भी पूरा हो चुका है। अब दोबारा बारिश होने की स्थिति में जलभराव, ओलावृष्टि या बिजली के कारण नुकसान होने पर ही किसान फार्म जमा करा सकते हैं। जागरूकता के अभाव में किसान भी आधे-अधूरे फार्म जमा करा रहे हैं। विभाग के अनुसार केवल बीमित किसान ही फसल खराब होने की स्थिति में 72 घंटे के अंदर-अंदर आवेदन फार्म जमा कर सकते हैं। इसके लिए किसान को प्रारूप- 1 फार्म भरकर विभाग में जमा कराना होगा। फार्म में दिए गए 17 बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी किसान को सही उपलब्ध करानी होगी जिसके बाद ही फार्म स्वीकार किया जाएगा अन्यथा फार्म रद्द समझा जाएगा।
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- तीन तरह से फसल खराब होने पर ही जमा करा सकते हैं फार्म
फार्म जमा कराने के लिए किसानेें की होड़ सी लगी है लेकिन जलभराव, ओलावृष्टि या आसमानी बिजली से खराब फसल को ही प्रधानमंत्री किसान फसल योजना में शामिल किया गया है। इन तीनों सूरतों में ही फसल खराब होने पर 72 घंटे के अंदर-अंदर किसान मुआवजे के लिए आवेदन फार्म जमा करा सकते हैं। इसके बाद खंड कृषि अधिकारी एवं बीमा कंपनी अधिकारी द्वारा करीब एक सप्ताह के समय में सर्वे किया जाएगा जिसमें खराब फसल का आंकलन कर रिपोर्ट विभाग को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट की एक प्रति बीमित किसान को भी दी जाएगी।
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- सर्वे तक फसल की रखनी होगी यथा स्थिति:
जब तक विभाग एवं बीमा कंपनी की टीम द्वारा सर्वे नहीं किया जाता है तब तक किसानों को अपनी फसलों की यथा स्थिति ही रखनी होगी। पसार में रखी गई बाजरे की फसल में पानी भरने से यदि नुकसान हुआ है तो विभाग की टीम के पहुंचने तक फसल को ज्यों का त्यों रखना पड़ेगा।
- किसान बैंकों से नहीं ले पाए एप्लीकेशन आईडी:
जिन किसानों ने विभिन्न बैंकों से अपनी फसलों का बीमा कराया था वे बैंक बंद होने के कारण एप्लीकेशन आईडी भी नहीं ले पाए जिसके कारण प्रारूप फार्म में पहले ही बिंदु पर मांग गई जानकारी भी अधूरी रही। शनिवार को अवकाश के बावजूद कृषि एवं किसान कल्याण कार्यालय तो खुला रहा लेकिन बैंक बंद होने के कारण किसानेें को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
- जिला में ये है पंजीकृत किसानों एवं फसल की स्थिति:
मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर जिला के 62944 किसानों ने अपनी 259241 एकड़ में खड़ी विभिन्न फसलों का पंजीकरण कराया है। इसमें से सबसे अधिक 57583 किसानों ने 208028 एकड़ में खड़ी बजारे तथा 11278 किसानों ने 20996 एकड़ में खड़ी कपास का पंजीकरण कराया है।

- नुकसान के बाद फार्म जमा कराने पर सर्वे में करीब एक सप्ताह का समय लगता है। लेकिन किसानों को अपनी फसलों की यथा स्थिति रखनी होगी। किसान जलभराव, ओलावृष्टि एवं बिजली के कारण हुए फसली नुकसान पर ही आवेदन करें। एक बार आवेदन करने के उपरांत दोबारा फार्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। मांगी गई जानकारी सभी बिंदुओं पर देनी अनिवार्य है। - अनिल कुमार भगड़ाना, सांख्यकी पर्यवेक्षक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग महेंद्रगढ़,

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कार्यालय महेंद्रगढ़

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कार्यालय महेंद्रगढ़- फोटो : Narnol

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