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सदर थाने से हुई शराब तस्करी मामले की जांच एसआईटी करेगी

Thu, 14 May 2020 10:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 14 May 2020 10:45 PM IST
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SIT will investigate liquor smuggling case from Sadar police station
लॉक डाउन में पकड़ी गई शराब। - फोटो : Narnol
सदर थाने के दो पुलिसकर्मियों ने जब्त शराब को बेच दिया। मामले का खुलासा लॉकडाउन में पकड़ी गई अवैध शराब से हुआ। जांच में पता चला कि सदर थाना में लाखों रुपये की जब्त की गई शराब नष्ट करने की बजाय शराब तस्कर रविंद्र को बेच दी गई। मामला सामने आने पर डीएसपी की जांच के बाद दोनों कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अब मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। मामले में कई लोगों की भूमि का संदिग्ध है और इसमें बड़े लोगों के शामिल होने की आशंका है।
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जानकारी के अनुसार जुलाई 2016 को सदर थाना पुलिस ने एक कैंटर को पकड़ा था। कैंटर से अंग्रेजी शराब की लगभग 450 पेटी व बीयर की 250 पेटी बरामद हुई थीं। इसमें अन्य ब्रांड के अलावा चैम्सफोर्ड ब्रांड की 165 पेटी शामिल भी थी। इस मामले में सुरेंद्र, गाड़ी चालक व एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इस केस का फैसला होने के बाद 26 दिसंबर 2019 को शराब को नष्ट करने के आदेश दिए गए थे। दूसरी ओर लॉकडाउन के दौरान 16 अप्रैल को शहर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि केशव नगर में अवैध शराब बेचने के लिए लाई गई है। छापेमारी के दौरान शराब तस्कर रविंद्र भागने में कामयाब हो गया लेकिन, पिकअप से अंग्रेजी शराब की 30 व देसी शराब की 10 पेटी बरामद हुई। अंग्रेजी शराब का मार्का चैैैैम्सफोर्ड था, जो वर्तमान में स्थानीय स्तर पर चलन में नहीं है। तीन मई को थाना शहर पुलिस ने रविंद्र कुमार उर्फ लीला को गिरफ्तार किया। पूछताछ में लीला ने बताया कि सदर थाना के मुंशी विनोद व मालखाना मोहर्रिर रोहतास ने खरीदी थी। प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी रविंद्र ने पूछताछ में बताया कि करीब पांच माह पहले थाना सदर के मुंशी व मोहर्रिर मालखाना ने बुलाया गया था। मालखाना से 70 पेटी शराब नष्ट कराने के लिए चिंकारा रेस्ट हाउस के साथ नदी में जाना था। दोनों कर्मियों ने शराब कहीं और ले जाने के लिए कहा और शराब नदी में लेकर नहीं गया। इसमें से 30 पेटी शराब लॉकडाउन में बेच दी। मामला संज्ञान में आ ने पर एसपी सुलोचना प्रारंभिक जांच डीएसपी राज सिंह को सौंपी। डीएसपी की जांच में सामने आया कि शराब मालखाना नारनौल से नष्ट कराने के लिए भेजी गई थी। दोनों ने मिलीभगत कर शराब को बेचा। केस दर्ज कर 11 मई को सदर थाने के मुंशी एससी विनोद कुमार व मोहर्रिर एएसआई रोहतास को गिरफ्तार किया गया। दोनों को नारनौल कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने जेल भेज दिया। मामले की जांच के लिए एसपी ने एसआईटी बना दी है। एसआईटी का प्रभारी डीएसपी विनोद कुमार को बनाया गया है।
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कई लोगों की भूमि का संदिग्ध :
शराब तस्करी के मामले में कइयों की भूमिका संदिग्ध है। शराब नष्ठ करने के लिए नियम के अनुसार ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त होता है। इसके अलावा एक टीम बनती है, जिसके सामने शराब को नष्ट किया जाता है। ऐसे में शराब नष्ट करने की प्रक्रिया में या तो लापरवाही बरती गई या इसमें और लोग भी शामिल है। सदर थाना प्रभारी को भी इसे लेकर ध्यान रखना चाहिए था। ऐसे में जांच में और नाम सामने आ सकते हैं। लॉकडाउन में एक पुलिस कर्मी शराब के ठेके से शराब लेकर आया था। ऐसे में सोनीपत जैसा शराब तस्करी का मामला नारनौल में भी निकल सकता है।
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