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महाकुंभ में स्नान करने से कट जाते हैं पाप : शिवानंद
Sun, 12 Jan 2025 05:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 12 Jan 2025 05:31 AM IST
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कनीना। प्रयागराज में 12 साल बाद आयोजित महाकुंभ में स्नान करने से सभी पाप कट जाते हैं। महाकुंभ में स्नान जरूर करना चाहिए।
यह बातें परम संत शिरोमणि स्वामी कृष्णानंद महाराज की गद्दी पर आसीन ब्रह्मचारी स्वामी शिवानंद महाराज ने शनिवार को आश्रम में कही।
स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि महाकुंभ के इस पावन पर्व पर हर नागरिक भगवान का ध्यान करते हुए महाकुंभ में स्नान करे। जो व्यक्ति लाचार है, अपंग है, बीमार है, मजबूर है, जिसके कारण वह व्यक्ति वहां तक नहीं पहुंच सकता।
वह अपनी आत्मा शुद्ध करते हुए भगवान का ध्यान करते हुए घर में ही स्नान करने वाली अपनी बाल्टी के जल में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। भूमि पर कुषा का आसन बिछाकर उस परमपिता का ध्यान करें तो उनको भी महाकुंभ में स्नान का ही फल प्राप्त होता है।
स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि देश का यह सनातन धर्म सबसे बड़ा मेला है। उन्होंने यह भी कहा कि इस महाकुंभ में गंगा, जमुना, सरस्वती तीनों नदियों का जल एक जगह एकत्रित होता है। इसको हम संगम कहते है। संगम हमें मिलकर जीना सीखाता है। संवाद
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यह बातें परम संत शिरोमणि स्वामी कृष्णानंद महाराज की गद्दी पर आसीन ब्रह्मचारी स्वामी शिवानंद महाराज ने शनिवार को आश्रम में कही।
स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि महाकुंभ के इस पावन पर्व पर हर नागरिक भगवान का ध्यान करते हुए महाकुंभ में स्नान करे। जो व्यक्ति लाचार है, अपंग है, बीमार है, मजबूर है, जिसके कारण वह व्यक्ति वहां तक नहीं पहुंच सकता।
वह अपनी आत्मा शुद्ध करते हुए भगवान का ध्यान करते हुए घर में ही स्नान करने वाली अपनी बाल्टी के जल में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। भूमि पर कुषा का आसन बिछाकर उस परमपिता का ध्यान करें तो उनको भी महाकुंभ में स्नान का ही फल प्राप्त होता है।
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स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि देश का यह सनातन धर्म सबसे बड़ा मेला है। उन्होंने यह भी कहा कि इस महाकुंभ में गंगा, जमुना, सरस्वती तीनों नदियों का जल एक जगह एकत्रित होता है। इसको हम संगम कहते है। संगम हमें मिलकर जीना सीखाता है। संवाद
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