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Mahendragarh-Narnaul News: गांव लावण में कलश यात्रा के साथ शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा
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महेंद्रगढ़। गांव लावण में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया जाएगा। बाबा समाध वाले मंदिर से होते हुए गांव के मुख्य मार्गों से 51 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली गई।
कथावाचक कुलदीप भारद्वाज ने बताया कि भागवत को समझना भगवान को समझने के बराबर है। उन्होंने कहा कि जन्म-जन्मांतर एवं युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है, तब ऐसा अनुष्ठान होता है।
उन्होंने कहा कि व्यास ने जब इस भगवत प्राप्ति का ग्रंथ लिखा, तब भागवत नाम दिया गया। बाद में इसे श्रीमद् भागवत नाम दिया गया। इस श्रीमद् शब्द के पीछे एक बड़ा मर्म छुपा हुआ है। व्यक्ति इस संसार से केवल अपना कर्म लेकर जाता है। इसलिए अच्छे कर्म करो। मां-बाप, गुरु की सुनो तो उनकी मानो भी तो आपके कर्म श्रेष्ठ होंगे और जब कर्म श्रेष्ठ होंगे तो आप को संसार की कोई भी वस्तु कभी दुखी नहीं कर पाएगी।
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जब आप को संसार की किसी बात का फर्क पड़ना बंद हो जाएगा तो निश्चित ही आप वैराग्य की और अग्रसर हो जाएगे और तब ईश्वर को पाना सरल हो जायेगा। इस मौके पर मिलूराम यादव, कुलदीप यादव, कृष्ण यादव, कैलाश यादव, लालसिंह यादव, ईश्वर राव, मिंटू पंच, रूपराम, शेरसिंह पंच व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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कथावाचक कुलदीप भारद्वाज ने बताया कि भागवत को समझना भगवान को समझने के बराबर है। उन्होंने कहा कि जन्म-जन्मांतर एवं युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है, तब ऐसा अनुष्ठान होता है।
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उन्होंने कहा कि व्यास ने जब इस भगवत प्राप्ति का ग्रंथ लिखा, तब भागवत नाम दिया गया। बाद में इसे श्रीमद् भागवत नाम दिया गया। इस श्रीमद् शब्द के पीछे एक बड़ा मर्म छुपा हुआ है। व्यक्ति इस संसार से केवल अपना कर्म लेकर जाता है। इसलिए अच्छे कर्म करो। मां-बाप, गुरु की सुनो तो उनकी मानो भी तो आपके कर्म श्रेष्ठ होंगे और जब कर्म श्रेष्ठ होंगे तो आप को संसार की कोई भी वस्तु कभी दुखी नहीं कर पाएगी।
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जब आप को संसार की किसी बात का फर्क पड़ना बंद हो जाएगा तो निश्चित ही आप वैराग्य की और अग्रसर हो जाएगे और तब ईश्वर को पाना सरल हो जायेगा। इस मौके पर मिलूराम यादव, कुलदीप यादव, कृष्ण यादव, कैलाश यादव, लालसिंह यादव, ईश्वर राव, मिंटू पंच, रूपराम, शेरसिंह पंच व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।