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भगवान का साक्षात स्वरूप है श्रीमद्भागवत : हेमराज
Thu, 01 May 2025 12:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 01 May 2025 12:17 AM IST
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फोटो संख्या:77- गांव भोजावास में श्रीमद्देवी भागवत कथा के समापन पर कथा सुनाते पंडित हेमराज भारद
कनीना। भोजावास के सेठ बोदन सिंह मंदिर में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को समापन हवन के साथ हुआ। बुधवार को कथावाचक पंडित हेमराज भारद्वाज ने भगवान के स्वधाम गमन कथा सुनाते हुए कहा कि जो मनुष्य श्रद्धा और विश्वास से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण व पठन करेगा मोक्ष अवश्य मिलेगा।
श्रीमद्भागवत भगवान का साक्षात स्वरूप है। उन्होंने कहा कि जब भगवान स्वधाम जाने लगे तब उनके परम मित्र उद्धव ने चरण पकड़कर पूछा कि प्रभु आपके जाने के बाद संसार के मनुष्यों का कल्याण कैसे होगा। मनुष्यों को आपके दर्शन किस प्रकार होंगे। तब भगवान ने अपना एक रूप श्रीमद्भागवत भागवत में स्थापित कर कहा कि है उद्धव यह भागवत मेरा साक्षात रूप है। हर पन्नों और हर श्लोक में मेरे पूर्ण दर्शन होंगे। सात दिन में परीक्षित को मोक्ष मिला। कथाएं कभी भी समाप्त नहीं होती, सिर्फ विश्राम होता है।
समाजसेवी डॉ. रणवीर सिंह ने बताया कि कथावाचक पंडित हेमराज भारद्वाज के सान्निध्य में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का बुधवार को समापन हुआ। बुधवार को ग्रामीणों के सहयोग से हवन यज्ञ, कन्यापूजन, कन्याभोज के साथ हलवा एवं चने का प्रसाद का वितरण किया गया। कथा के दौरान सेठ विजय कुमार, योगेंद्र गर्ग, सुरेश शर्मा, प्रकाश राजपूत, मीना देवी, अनुज देवी, माया देवी, बीना देवी, सरोज, शारदा, पिंकी, सरिता सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
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श्रीमद्भागवत भगवान का साक्षात स्वरूप है। उन्होंने कहा कि जब भगवान स्वधाम जाने लगे तब उनके परम मित्र उद्धव ने चरण पकड़कर पूछा कि प्रभु आपके जाने के बाद संसार के मनुष्यों का कल्याण कैसे होगा। मनुष्यों को आपके दर्शन किस प्रकार होंगे। तब भगवान ने अपना एक रूप श्रीमद्भागवत भागवत में स्थापित कर कहा कि है उद्धव यह भागवत मेरा साक्षात रूप है। हर पन्नों और हर श्लोक में मेरे पूर्ण दर्शन होंगे। सात दिन में परीक्षित को मोक्ष मिला। कथाएं कभी भी समाप्त नहीं होती, सिर्फ विश्राम होता है।
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समाजसेवी डॉ. रणवीर सिंह ने बताया कि कथावाचक पंडित हेमराज भारद्वाज के सान्निध्य में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का बुधवार को समापन हुआ। बुधवार को ग्रामीणों के सहयोग से हवन यज्ञ, कन्यापूजन, कन्याभोज के साथ हलवा एवं चने का प्रसाद का वितरण किया गया। कथा के दौरान सेठ विजय कुमार, योगेंद्र गर्ग, सुरेश शर्मा, प्रकाश राजपूत, मीना देवी, अनुज देवी, माया देवी, बीना देवी, सरोज, शारदा, पिंकी, सरिता सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
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