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Mahendragarh-Narnaul News: महेंद्रगढ़ की दोनों रामलीला के रंगमंच पर श्रवण नाटिका का किया मंचन
Fri, 04 Oct 2024 12:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 04 Oct 2024 12:00 AM IST
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फोटो संख्या:62- श्रीरामलीला परिषद महेंद्रगढ़ में श्रवण नाटक का मंचन करते कलाकार--संवाद
महेंद्रगढ़। रामलीला परिषद के राजा राम पालड़ी रंगमंच पर फिल्मी अंदाज में श्रवण नाटिका का बहुत ही आकर्षक एवं रोमांचक मंचन किया गया। नगरपालिका के चेयरमैन रमेश सैनी व वाइस चेयरमैन मंजू कौशिक ने कहा कि धर्म और संस्कृति की रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है।
युवाओं को नशे से दूर रह कर त्रेता युग में भगवान राम द्वारा स्थापित किए आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया। रामलीला के मंच पर श्रवण कुमार का नाटक व राम जन्म की लीला का मंचन किया गया। एक और जहां दशरथ के अभिनय में वरिष्ठ कलाकार कुलदीप मंदीवाल व श्रवण कुमार के अभिनय को साक्षात मंच पर जीवंत करने वाले कलाकार पंकज यदुवंशी ने अपने सुंदर अभिनय व गायन शैली का लोहा मनवाया। उनके द्वारा बोले गए एक-एक संवाद को दर्शकों ने अपनी करतल ध्वनि का भरपूर सहयोग दिया। महाराज दशरथ के एक एक संवाद में उनके अभिनय को पूरी ऊंचाई प्रदान की। वहीं दूसरी ओर ज्ञानवती व शांतनु के अभिनय में विकास तिवाड़ी व प्रथम भारद्वाज द्वारा अपने पुत्र के वियोग में बोला गया एक एक संवाद लीला मंचन को समर्पण भाव दे गया। राम जन्म दिखाया गया। इस मौके पर परिषद के कलाकार व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
श्री आदर्श राम लीला कनीना के मंच पर दिग्विजय की लीला का हुआ मंचन
कनीना। श्री आदर्श राम लीला कमेटी के रंगमंच पर दिग्विजय की लीला का मंचन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक अनीता यादव व अधिवक्ता विनय यादव ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलि कर तीसरे दिन के मंचन का शुभारंभ किया। श्री आदर्श रामलीला कनीना के रंगमंच पर रावण के दरबार में मेघनाथ की गर्जना और इंद्र के साथ युद्ध होना और इंद्र को बंदी बनाना लीला में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। लीला में पहली बार मेघनाथ का किरदार निभा रहे मनोज रोहिल्ला ने अपने संवाद अदायगी के साथ मेघनाथ के चरित्र को मंच पर जीवित कर दिया। इंद्र के किरदार में कपिल अरोड़ा, रावण के किरदार में नंदलाल शर्मा ने अपना अभिनय प्रस्तुत दी। इस मौके पर कमेटी के पदाधिकारी व कलाकार उपस्थित रहे।
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श्रवण कुमार नाटिका का मंचन किया
महेंद्रगढ़। श्री आदर्श रामलीला कमेटी के भव्य रंगमंच पर तीसरे दिन मातृ- पितृ भक्त श्रवण कुमार नाटक का मंचन किया गया। मंचन मुख्यातिथि आप प्रत्याशी डॉ. मनीष यादव ने भगवान गणेश व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके शुभारंभ करते हुए कहा की हमें भी श्रवण कुमार से प्रेरणा लेकर अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए। रामलीला कमेटी के प्रधान सुरेंद्र बंटी ने बताया कि रामलीला में श्रवण बने प्रेम सैनी ने अपनी कला का अभिनय किया।दशरथ का अभिनय हरिशंकर कौशिक, शांतनु प्रकाश, ज्ञानवती शुभम, वशिष्ठ के लक्की वशिष्ठ, श्रृंगी ऋषि कुलदीप सैनी, शांतनु प्रकाश सैनी, विष्णु साहिल यादव, अग्नि देव मानव ने अपने-अपने अभिनय की शानदार प्रस्तुति दी। गुरु वशिष्ठ के पास जाकर श्रवण अपने माता-पिता की नेत्र ज्योति लौटने की औषधि पूछते हैं। गुरु के कहने पर कि तुम अपने माता-पिता को समस्त तीर्थों की यात्रा करवाओ तो तुम्हारे माता-पिता की नेत्र ज्योति लौट आएगी और इतना सुनते ही श्रवण अपने माता-पिता को लेकर तीर्थों पर निकल पड़ते और सरयू तट पर राजा दशरथ के शब्दभेदी बाण का शिकार हो जाते हैं। श्रवण द्वारा गाया मार्मिक गाना हाय जालिम तेरा क्या बिगाड़ा तीर सीने में क्यूं तूने मारा के गाने पर माहौल को गंभीर बना दिया। दशरथ और श्रवण के विलाप व मार्मिक दृश्य को देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गई। इस मौके पर कमेटी के सभी पदाधिकारी व कलाकार मौजूद रहे।
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युवाओं को नशे से दूर रह कर त्रेता युग में भगवान राम द्वारा स्थापित किए आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया। रामलीला के मंच पर श्रवण कुमार का नाटक व राम जन्म की लीला का मंचन किया गया। एक और जहां दशरथ के अभिनय में वरिष्ठ कलाकार कुलदीप मंदीवाल व श्रवण कुमार के अभिनय को साक्षात मंच पर जीवंत करने वाले कलाकार पंकज यदुवंशी ने अपने सुंदर अभिनय व गायन शैली का लोहा मनवाया। उनके द्वारा बोले गए एक-एक संवाद को दर्शकों ने अपनी करतल ध्वनि का भरपूर सहयोग दिया। महाराज दशरथ के एक एक संवाद में उनके अभिनय को पूरी ऊंचाई प्रदान की। वहीं दूसरी ओर ज्ञानवती व शांतनु के अभिनय में विकास तिवाड़ी व प्रथम भारद्वाज द्वारा अपने पुत्र के वियोग में बोला गया एक एक संवाद लीला मंचन को समर्पण भाव दे गया। राम जन्म दिखाया गया। इस मौके पर परिषद के कलाकार व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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श्री आदर्श राम लीला कनीना के मंच पर दिग्विजय की लीला का हुआ मंचन
कनीना। श्री आदर्श राम लीला कमेटी के रंगमंच पर दिग्विजय की लीला का मंचन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक अनीता यादव व अधिवक्ता विनय यादव ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलि कर तीसरे दिन के मंचन का शुभारंभ किया। श्री आदर्श रामलीला कनीना के रंगमंच पर रावण के दरबार में मेघनाथ की गर्जना और इंद्र के साथ युद्ध होना और इंद्र को बंदी बनाना लीला में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। लीला में पहली बार मेघनाथ का किरदार निभा रहे मनोज रोहिल्ला ने अपने संवाद अदायगी के साथ मेघनाथ के चरित्र को मंच पर जीवित कर दिया। इंद्र के किरदार में कपिल अरोड़ा, रावण के किरदार में नंदलाल शर्मा ने अपना अभिनय प्रस्तुत दी। इस मौके पर कमेटी के पदाधिकारी व कलाकार उपस्थित रहे।
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श्रवण कुमार नाटिका का मंचन किया
महेंद्रगढ़। श्री आदर्श रामलीला कमेटी के भव्य रंगमंच पर तीसरे दिन मातृ- पितृ भक्त श्रवण कुमार नाटक का मंचन किया गया। मंचन मुख्यातिथि आप प्रत्याशी डॉ. मनीष यादव ने भगवान गणेश व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके शुभारंभ करते हुए कहा की हमें भी श्रवण कुमार से प्रेरणा लेकर अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए। रामलीला कमेटी के प्रधान सुरेंद्र बंटी ने बताया कि रामलीला में श्रवण बने प्रेम सैनी ने अपनी कला का अभिनय किया।दशरथ का अभिनय हरिशंकर कौशिक, शांतनु प्रकाश, ज्ञानवती शुभम, वशिष्ठ के लक्की वशिष्ठ, श्रृंगी ऋषि कुलदीप सैनी, शांतनु प्रकाश सैनी, विष्णु साहिल यादव, अग्नि देव मानव ने अपने-अपने अभिनय की शानदार प्रस्तुति दी। गुरु वशिष्ठ के पास जाकर श्रवण अपने माता-पिता की नेत्र ज्योति लौटने की औषधि पूछते हैं। गुरु के कहने पर कि तुम अपने माता-पिता को समस्त तीर्थों की यात्रा करवाओ तो तुम्हारे माता-पिता की नेत्र ज्योति लौट आएगी और इतना सुनते ही श्रवण अपने माता-पिता को लेकर तीर्थों पर निकल पड़ते और सरयू तट पर राजा दशरथ के शब्दभेदी बाण का शिकार हो जाते हैं। श्रवण द्वारा गाया मार्मिक गाना हाय जालिम तेरा क्या बिगाड़ा तीर सीने में क्यूं तूने मारा के गाने पर माहौल को गंभीर बना दिया। दशरथ और श्रवण के विलाप व मार्मिक दृश्य को देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गई। इस मौके पर कमेटी के सभी पदाधिकारी व कलाकार मौजूद रहे।

फोटो संख्या:62- श्रीरामलीला परिषद महेंद्रगढ़ में श्रवण नाटक का मंचन करते कलाकार--संवाद