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Mahendragarh-Narnaul News: शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी का 1268.71 लाख से होगा काम
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नारनौल। जिले में अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए सिंचाई विभाग लगातार प्रयासरत है। अब शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी का करीब 40 वर्ष बाद पुन: उद्धार किया जाएगा। इसमें करीब 1268.71 लाख रुपये का खर्च आएगा, जिसकी प्रशासन की तरफ से स्वीकृति मिल चुकी है और अब एस्टीमेट के लिए पंचकुला रिपोर्ट भेजी गई है, जिसकी स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी का निर्माण कार्य 1979 से 1983 में हुआ था। उस समय डिस्ट्रीब्यूटरी का निर्माण ईंटों से किया गया था, जिसकी वजह से अब नहरी पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है। अब इसे विभाग सीमेंट कंक्रीट से बनाएगा ताकि अंतिम छोर तक पानी आसानी से पहुंच सके। इस दौरान विभाग की तरफ से पुल व साइफन की भी मरम्मत की जाएगी। राजस्थान सीमावर्ती के ज्यादातर गांव नहरी पानी पर ही निर्भर है। ऐसे में डिस्ट्रीब्यूटरी का पुन: उद्धार होने से अंतिम छोर के किसान भी आसानी से फसल में पानी दे सकेंगे।
शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी की लंबाई 22 किलोमीटर
नारनौल डिवीजन के अंतर्गत आने वाली शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी की लंबाई करीब 22 किलोमीटर है। इस डिस्ट्रीब्यूटरी से 5 माइनर निकलती है। जिनमें नारनौल माइनर, कमानिया माइनर, मेघोत माइनर, अलीपुर माइनर और दोस्तपुर माइनर शामिल है। हालांकि इनमें से नारनौल माइनर व अलीपुर माइनर का कार्य पहले हो चुका है। इस योजना में कमानिया माइनर, दोस्तपुर व मेघोत माइनर का मरम्मत कार्य किया जाएगा।
81.25 क्यूसेक से बढ़ाकर किया जाएगा 100 क्यूसेक
शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी की अभी 81.25 क्यूसेक की क्षमता है, जिसे अब सिंचाई विभाग बढ़ाकर 100 क्यूसेक करेगा, जिससे डिस्ट्रीब्यूटरी के अंतर्गत आने वाले गांवों में अंतिम छोर तक पानी आसानी से पहुंच सकेगा। इस डिस्ट्रीब्यूटरी के नीचे करीब 60 से 70 गांवों के जोहड़ भी आते हैं, जिन्हें भी आसानी से सिंचाई विभाग भर सकेगा।
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कृष्णावती नदी को रिचार्ज करने के लिए भी डाला जाएगा पानी
शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी का पुन: उद्धार होने के बाद सिंचाई विभाग बरसात के मौसम में आसानी से कृष्णावती नदी को रिचार्ज कर सकेगा। इसके लिए कमानिया, नांगल पीपा व भेडंटी गांवों के नजदीक से ढाणी ठाकरान के पास कृष्णावती नदी में पानी डाला जाएगा।
शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी का 1268.71 लाख रुपये से पुन: उद्धार किया जाएगा। एस्टीमेट के लिए पंचकूला रिपोर्ट भेजी गई है। इस डिस्ट्रीब्यूटरी की पहले 81.25 क्यूसेक की क्षमता थी, अब इसकी 100 क्यूसेक पानी की क्षमता की जाएगी।
राजेश वर्मा, एसडीओ सिंचाई विभाग नारनौल।
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शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी की लंबाई 22 किलोमीटर
नारनौल डिवीजन के अंतर्गत आने वाली शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी की लंबाई करीब 22 किलोमीटर है। इस डिस्ट्रीब्यूटरी से 5 माइनर निकलती है। जिनमें नारनौल माइनर, कमानिया माइनर, मेघोत माइनर, अलीपुर माइनर और दोस्तपुर माइनर शामिल है। हालांकि इनमें से नारनौल माइनर व अलीपुर माइनर का कार्य पहले हो चुका है। इस योजना में कमानिया माइनर, दोस्तपुर व मेघोत माइनर का मरम्मत कार्य किया जाएगा।
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81.25 क्यूसेक से बढ़ाकर किया जाएगा 100 क्यूसेक
शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी की अभी 81.25 क्यूसेक की क्षमता है, जिसे अब सिंचाई विभाग बढ़ाकर 100 क्यूसेक करेगा, जिससे डिस्ट्रीब्यूटरी के अंतर्गत आने वाले गांवों में अंतिम छोर तक पानी आसानी से पहुंच सकेगा। इस डिस्ट्रीब्यूटरी के नीचे करीब 60 से 70 गांवों के जोहड़ भी आते हैं, जिन्हें भी आसानी से सिंचाई विभाग भर सकेगा।
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कृष्णावती नदी को रिचार्ज करने के लिए भी डाला जाएगा पानी
शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी का पुन: उद्धार होने के बाद सिंचाई विभाग बरसात के मौसम में आसानी से कृष्णावती नदी को रिचार्ज कर सकेगा। इसके लिए कमानिया, नांगल पीपा व भेडंटी गांवों के नजदीक से ढाणी ठाकरान के पास कृष्णावती नदी में पानी डाला जाएगा।
शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी का 1268.71 लाख रुपये से पुन: उद्धार किया जाएगा। एस्टीमेट के लिए पंचकूला रिपोर्ट भेजी गई है। इस डिस्ट्रीब्यूटरी की पहले 81.25 क्यूसेक की क्षमता थी, अब इसकी 100 क्यूसेक पानी की क्षमता की जाएगी।
राजेश वर्मा, एसडीओ सिंचाई विभाग नारनौल।