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Mahendragarh-Narnaul News: हल्की बारिश में ही सीवरों से उफन रही गंदगी, 15 लाख रुपये का बजट बेअसर
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फोटो संख्या:57- कॉलेज रोड पर सीवरेज ओवरफ्लो होने से बहता गंदा पानी--संवाद
महेंद्रगढ़। हल्की बारिश होते ही शहर के सीवर ओवरफ्लो होने लगे हैं। सड़कों पर सीवर की गंदगी व दूषित पानी आ रहा है। विभाग की ओर से तैयार किया गया 15 लाख रुपये का बजट अब बेअसर दिखाई दे रहा है।
सीवर ओवरफ्लो होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से सीवरेज की उचित सफाई न होने के कारण यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है। विभाग के पास सुपर सकर मशीन होने के बावजूद सीवरों की सफाई नहीं हो पा रही है।
शहर के सिनेमा रोड, सब्जी मंडी रोड, दीवान कॉलोनी, कॉलेज रोड पर हर साल समय अंतराल पर सीवर ओवरफ्लो होते रहते हैं। सीवर अवरूद्ध होने के कारण पानी व गंदगी मेनहोल से बाहर निकलती है और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हर साल बारिश के मौसम में यह समस्या उत्पन्न होती है, लेकिन विभाग इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।
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जनस्वास्थ्य विभाग ने सीवरेज सफाई के लिए 15 लाख रुपये का बजट स्वीकृत कर काम शुरू कर दिया है। इसके बावजूद, शहर के मुख्य मार्गों और आवासीय क्षेत्रों में मेनहोल उफन रहे हैं। विभाग के दावों के विपरीत, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
जनस्वास्थ्य विभाग के पास सीवर सफाई के लिए सुपर सकर मशीन उपलब्ध है। यह मशीन बड़े पैमाने पर सीवर लाइनों की सफाई करने में सक्षम है। हालांकि, इस मशीन का उचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। एक बार मशीन को मेनहोल के पास खड़ी कर सफाई का नाम किया जा रहा है।
सीवर लाइनों की चौड़ाई भी बनी बाधा
शहर की पुरानी सीवर लाइनें अब आबादी के हिसाब से छोटी पड़ रही हैं। इन लाइनों की चौड़ाई कम होने के कारण हल्की बारिश में ही ओवरफ्लो हो जाती हैं। नई और चौड़ी सीवर लाइनें बिछाने की योजना पर कोई काम नहीं हुआ है। विभाग को इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना बनानी चाहिए।
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वर्जन
सीवरों की सफाई के लिए काम शुरू कर दिया है और कुछ स्थानों पर अवरूद्ध बनी हुई है। इनकी सफाई होने पर सीवर ओवरफ्लो नहीं होंगे। प्लास्टिक की थैलियां सीवर रुकने का मुख्य कारण बनी हुई हैं। अब नियमित रूप से सफाई कार्य किया जाएगा। सीवरेज लाइनों को चौड़ा करने के लिए योजना तैयार की जाएगी।-सतीश कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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सीवर ओवरफ्लो होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से सीवरेज की उचित सफाई न होने के कारण यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है। विभाग के पास सुपर सकर मशीन होने के बावजूद सीवरों की सफाई नहीं हो पा रही है।
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शहर के सिनेमा रोड, सब्जी मंडी रोड, दीवान कॉलोनी, कॉलेज रोड पर हर साल समय अंतराल पर सीवर ओवरफ्लो होते रहते हैं। सीवर अवरूद्ध होने के कारण पानी व गंदगी मेनहोल से बाहर निकलती है और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हर साल बारिश के मौसम में यह समस्या उत्पन्न होती है, लेकिन विभाग इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।
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जनस्वास्थ्य विभाग ने सीवरेज सफाई के लिए 15 लाख रुपये का बजट स्वीकृत कर काम शुरू कर दिया है। इसके बावजूद, शहर के मुख्य मार्गों और आवासीय क्षेत्रों में मेनहोल उफन रहे हैं। विभाग के दावों के विपरीत, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
जनस्वास्थ्य विभाग के पास सीवर सफाई के लिए सुपर सकर मशीन उपलब्ध है। यह मशीन बड़े पैमाने पर सीवर लाइनों की सफाई करने में सक्षम है। हालांकि, इस मशीन का उचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। एक बार मशीन को मेनहोल के पास खड़ी कर सफाई का नाम किया जा रहा है।
सीवर लाइनों की चौड़ाई भी बनी बाधा
शहर की पुरानी सीवर लाइनें अब आबादी के हिसाब से छोटी पड़ रही हैं। इन लाइनों की चौड़ाई कम होने के कारण हल्की बारिश में ही ओवरफ्लो हो जाती हैं। नई और चौड़ी सीवर लाइनें बिछाने की योजना पर कोई काम नहीं हुआ है। विभाग को इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना बनानी चाहिए।
वर्जन
सीवरों की सफाई के लिए काम शुरू कर दिया है और कुछ स्थानों पर अवरूद्ध बनी हुई है। इनकी सफाई होने पर सीवर ओवरफ्लो नहीं होंगे। प्लास्टिक की थैलियां सीवर रुकने का मुख्य कारण बनी हुई हैं। अब नियमित रूप से सफाई कार्य किया जाएगा। सीवरेज लाइनों को चौड़ा करने के लिए योजना तैयार की जाएगी।-सतीश कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग

फोटो संख्या:57- कॉलेज रोड पर सीवरेज ओवरफ्लो होने से बहता गंदा पानी--संवाद