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Mahendragarh-Narnaul News: शिव ने तोड़ा रावण का घमंड, श्रवण के श्राप ने भिगोईं पलकें...रामलीला का दमदार आगाज
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फोटो नंबर-08रामलीला के मंच पर रावण-वेदवती संवाद की लीला का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : Archive
नारनौल। मंच पर कैलाश का दृश्य उभरा तो दर्शकों की निगाहें थम गईं। भगवान शिव के सामने रावण खड़ा था, मन में अपनी शक्ति का अहंकार लिए। शिव ने उसका घमंड तोड़ा और फिर उसे चंद्रहास तलवार सौंपी। कुछ ही देर बाद मंच पर वेदवती का श्राप गूंजा।
इसके बाद श्रवण कुमार की मृत्यु का प्रसंग आया। बेटे को खोने के दुख में उसके माता-पिता ने राजा दशरथ को पुत्र वियोग का श्राप दिया। इस मार्मिक दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
यह नजारा शहर की पुरानी अनाज मंडी स्थित श्री कृष्णा ड्रामेटिक क्लब के मंच पर बुधवार को भगवान नारायण सेवा संस्था रजिस्टर्ड की ओर से शुरू हुए 15 दिवसीय रामलीला महोत्सव के पहले दिन का था। रामलीला प्रभारी एवं मंत्री दयानंद सैनी ने बताया कि पहले दिन शिव-तलहटी, शिव-पार्वती संवाद, रावण-वेदवती संवाद और श्रवण कुमार की लीला का मंचन किया गया।
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शिव की भूमिका नवीन सिंघल और पार्वती की अरविंद सैनी ने निभाई। मारीच की भूमिका में जगदीश बिल्ला, नंदी की भूमिका में मनोज तायल और वेदवती की भूमिका में मनोज निर्मल नजर आए। श्रवण कुमार का किरदार डॉ. ओमप्रकाश सैनी ने, दशरथ का अरविंद गर्ग ने और रावण का नरेश तायल ने निभाया।
कार्यक्रम की शुरुआत ड्राफ्ट पूजन और गणेश पूजन से हुई। रामलीला कमेटी के स्थान संयोजक अनुप भाटा और बिशन दयाल सैनी ने परिवार सहित पूजन किया। अध्यक्ष सुरेंद्र पंडित ने मां सरस्वती के सामने दीप प्रज्वलित किया। मुख्य अतिथि रामकिशोर अग्रवाल और दर्शन कुमार ने रिबन काटकर रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। इस दौरान रामलीला कमेटी की ओर से वरिष्ठजनों और अतिथियों का सम्मान किया गया।
अध्यक्ष और मुख्य अतिथियों ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की लीला हमें सत्य, धर्म और मर्यादा के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने लोगों से भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
सचिव मनोज निर्मल ने बताया कि रामलीला का मंचन 7 से 21 अक्तूबर तक होगा। मंच संचालन भारत भूषण तायल ने किया। वहीं दूसरी ओर, धार्मिक रामलीला चांदूवाड़ा के शुभारंभ को लेकर वीरवार सुबह गणेश पूजन किया गया।
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इसके बाद श्रवण कुमार की मृत्यु का प्रसंग आया। बेटे को खोने के दुख में उसके माता-पिता ने राजा दशरथ को पुत्र वियोग का श्राप दिया। इस मार्मिक दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
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यह नजारा शहर की पुरानी अनाज मंडी स्थित श्री कृष्णा ड्रामेटिक क्लब के मंच पर बुधवार को भगवान नारायण सेवा संस्था रजिस्टर्ड की ओर से शुरू हुए 15 दिवसीय रामलीला महोत्सव के पहले दिन का था। रामलीला प्रभारी एवं मंत्री दयानंद सैनी ने बताया कि पहले दिन शिव-तलहटी, शिव-पार्वती संवाद, रावण-वेदवती संवाद और श्रवण कुमार की लीला का मंचन किया गया।
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शिव की भूमिका नवीन सिंघल और पार्वती की अरविंद सैनी ने निभाई। मारीच की भूमिका में जगदीश बिल्ला, नंदी की भूमिका में मनोज तायल और वेदवती की भूमिका में मनोज निर्मल नजर आए। श्रवण कुमार का किरदार डॉ. ओमप्रकाश सैनी ने, दशरथ का अरविंद गर्ग ने और रावण का नरेश तायल ने निभाया।
कार्यक्रम की शुरुआत ड्राफ्ट पूजन और गणेश पूजन से हुई। रामलीला कमेटी के स्थान संयोजक अनुप भाटा और बिशन दयाल सैनी ने परिवार सहित पूजन किया। अध्यक्ष सुरेंद्र पंडित ने मां सरस्वती के सामने दीप प्रज्वलित किया। मुख्य अतिथि रामकिशोर अग्रवाल और दर्शन कुमार ने रिबन काटकर रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। इस दौरान रामलीला कमेटी की ओर से वरिष्ठजनों और अतिथियों का सम्मान किया गया।
अध्यक्ष और मुख्य अतिथियों ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की लीला हमें सत्य, धर्म और मर्यादा के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने लोगों से भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
सचिव मनोज निर्मल ने बताया कि रामलीला का मंचन 7 से 21 अक्तूबर तक होगा। मंच संचालन भारत भूषण तायल ने किया। वहीं दूसरी ओर, धार्मिक रामलीला चांदूवाड़ा के शुभारंभ को लेकर वीरवार सुबह गणेश पूजन किया गया।