{"_id":"6a9c53a39204d296430bfc87","slug":"second-cow-dies-of-goat-pox-an-infection-resembling-lumpy-skin-disease-in-hudina-cattle-infected-narnol-news-c-196-1-nnl1010-144887-2026-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: हुडीना में लंपी जैसे दिखने वाले संक्रमण गोट पॉक्स से दूसरी गाय की मौत, 97 गोवंश संक्रमित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: हुडीना में लंपी जैसे दिखने वाले संक्रमण गोट पॉक्स से दूसरी गाय की मौत, 97 गोवंश संक्रमित
विज्ञापन
फोटो 04 लंपी के जैसे संक्रमण से ग्रसित गाय। संवाद
नारनौल। शहर के समीपवर्ती गांव हुडीना में 2 अगस्त को पशुपालक जिले सिंह की गाय की मौत लंपी जैसे संक्रमण गोट पॉक्स से हुई थी। अब वीरवार देर रात इसी गांव के हवासिंह की गाय की भी इसी संक्रमण से मौत हो गई। दोनों गाय 20 अगस्त से बीमार चल रही थीं और उनका इलाज गांव के राजकीय पशु अस्पताल के डॉक्टर कर रहे थे।
विभागीय जानकारी के अनुसार, जिले में फिलहाल 97 गोवंश गोट पॉक्स संक्रमण से ग्रसित हैं और उनका भी टीकाकरण हो चुका है। वहीं, कुछ दिन पहले 133 गायों के सैंपल लेकर सोनीपत व हिसार स्थित सरकारी लैब में भेजे थे जिनमें सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई। जिले में 60 हजार गोवंश का टीकाकरण हो चुका है।
14 दिन बाद असर दिखाता है एंटी गोट पॉक्स टीका
पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. नसीब सिंह ने बताया कि संक्रमण से गोवंश को बचाने के लिए एंटी गोट पॉक्स टीका लगाया जा रहा है। टीका लगने के करीब 14 दिन बाद इसका असर शुरू होता है और पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। उन्होंने बताया कि टीका लगने के शुरुआती 14 दिनों में पशु संक्रमित हो सकता है लेकिन इसके बाद उसके रिकवर होने की संभावना रहती है।
विज्ञापन
...............
डॉक्टरों ने गाय को देखने के बाद कहा था कि लक्षण तो लंपी वाले ही लग रहे हैं लेकिन टीकाकरण नहीं होने के कारण गाय की हालत दिन-ब-दिन खराब होती चली गई। दूसरी गाय भी इसकी चपेट में आकर बीमार हो गई थी। टीका लगाने के बाद अब उसकी सेहत में पहले से सुधार है।-जिले सिंह, पशुपालक, गांव हुडीना
..................
शुरुआत में मौसम में बदलाव का असर समझकर गाय की तबीयत बिगड़ने पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। धीरे-धीरे गाय की हालत बिगड़ती गई। बाद में इलाज कराया लेकिन तब तक उसकी स्थिति काफी खराब हो चुकी थी और उसकी मौत हो गई।-हवा सिंह, पशुपालक, गांव हुडीना
....................
हुडीना में दो गायों की मौत लंपी बीमारी से नहीं, बल्कि उससे मिलते-जुलते संक्रमण के कारण हुई। गायों को गोट पॉक्स का टीका नहीं लगवाया गया था। इसके चलते संक्रमण बढ़ता गया और दोनों गायों की हालत बिगड़ती चली गई। -डॉ. मधु सूदन, पशु चिकित्सक, उप पशु अस्पताल, हुडीना।
................
बाहर से पशु लाएं तो पहले टीकाकरण कराएं
पशु पालन एवं डेयरी विभाग के उप निदेशक डॉ. नसीब सिंह ने कहा कि
जिले की तीनों ओर राजस्थान से सीमा लगने के कारण पशुपालक अक्सर सीमावर्ती क्षेत्रों से पशु खरीदकर लाते हैं। ऐसे में पशुपालकों से अपील है कि बाहर से लाए गए पशुओं का पहले टीकाकरण जरूर करवाएं।
विज्ञापन
विभागीय जानकारी के अनुसार, जिले में फिलहाल 97 गोवंश गोट पॉक्स संक्रमण से ग्रसित हैं और उनका भी टीकाकरण हो चुका है। वहीं, कुछ दिन पहले 133 गायों के सैंपल लेकर सोनीपत व हिसार स्थित सरकारी लैब में भेजे थे जिनमें सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई। जिले में 60 हजार गोवंश का टीकाकरण हो चुका है।
विज्ञापन
14 दिन बाद असर दिखाता है एंटी गोट पॉक्स टीका
पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. नसीब सिंह ने बताया कि संक्रमण से गोवंश को बचाने के लिए एंटी गोट पॉक्स टीका लगाया जा रहा है। टीका लगने के करीब 14 दिन बाद इसका असर शुरू होता है और पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। उन्होंने बताया कि टीका लगने के शुरुआती 14 दिनों में पशु संक्रमित हो सकता है लेकिन इसके बाद उसके रिकवर होने की संभावना रहती है।
विज्ञापन
...............
डॉक्टरों ने गाय को देखने के बाद कहा था कि लक्षण तो लंपी वाले ही लग रहे हैं लेकिन टीकाकरण नहीं होने के कारण गाय की हालत दिन-ब-दिन खराब होती चली गई। दूसरी गाय भी इसकी चपेट में आकर बीमार हो गई थी। टीका लगाने के बाद अब उसकी सेहत में पहले से सुधार है।-जिले सिंह, पशुपालक, गांव हुडीना
..................
शुरुआत में मौसम में बदलाव का असर समझकर गाय की तबीयत बिगड़ने पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। धीरे-धीरे गाय की हालत बिगड़ती गई। बाद में इलाज कराया लेकिन तब तक उसकी स्थिति काफी खराब हो चुकी थी और उसकी मौत हो गई।-हवा सिंह, पशुपालक, गांव हुडीना
....................
हुडीना में दो गायों की मौत लंपी बीमारी से नहीं, बल्कि उससे मिलते-जुलते संक्रमण के कारण हुई। गायों को गोट पॉक्स का टीका नहीं लगवाया गया था। इसके चलते संक्रमण बढ़ता गया और दोनों गायों की हालत बिगड़ती चली गई। -डॉ. मधु सूदन, पशु चिकित्सक, उप पशु अस्पताल, हुडीना।
................
बाहर से पशु लाएं तो पहले टीकाकरण कराएं
पशु पालन एवं डेयरी विभाग के उप निदेशक डॉ. नसीब सिंह ने कहा कि
जिले की तीनों ओर राजस्थान से सीमा लगने के कारण पशुपालक अक्सर सीमावर्ती क्षेत्रों से पशु खरीदकर लाते हैं। ऐसे में पशुपालकों से अपील है कि बाहर से लाए गए पशुओं का पहले टीकाकरण जरूर करवाएं।