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Mahendragarh-Narnaul News: नशे को न कहकर खेल-शिक्षा में आगे बढ़ रहे गांव सेका के युवा
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फोटो नंबर- 10गिंदोडी देवी, गांव-सेका
नारनौल। गांव सेका को प्रशासन द्वारा नशा मुक्त गांव घोषित किया गया है यानि गांव में कोई भी व्यक्ति ड्रग्स का सेवन नहीं करता। गांव के युवा नशे से दूरी बनाकर खेल व शिक्षा ग्रहण कर आगे बढ़ रहे हैं। नशा मुक्ता गांव को लेकर पड़ताल की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में युवा, बुजुर्ग सहित कोई भी व्यक्ति स्मैक, गांजा सहित अन्य सूखा नशा नहीं करता। गांव में अधिकतर लोग शिक्षित है और जीवन यापन के लिए नौकरी, व्यापार व खेती-बाड़ी करते हैं। वहीं युवा खेल व उच्च शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ रहे हैं और गांव का नाम रोशन कर रहे हैं। गांव सेका की जनसंख्या 4 हजार है और करीब 2800 मतदाता है।
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गांव के प्रत्येक घर में शिक्षित लोगों की संख्या अधिक है। वहीं बुजुर्ग युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए व उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। गांव के अनेक युवा उच्च पद पर कार्यरत हैं तो गांव का नाम रोशन कर रहे हैं। -ईश्वर सिंह, ग्रामीण
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गांव में कोई भी व्यक्ति गांजा, स्मैक सहित सूखा नशा नहीं करता। गांव में कभी भी शराब पीकर लड़ाई-झगड़े करने व घरेलू हिंसा के मामले देखने को नहीं मिलते। -लीलावती देवी, गांव-सेका
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गांव के युवा खेती-बाड़ी में बड़ों का सहयोग करते हैं। सुबह के समय व्यायाम करते हैं जिससे गांव में शांति और सोहार्द पूर्ण वातावरण बना रहता है। -गिंदोडी देवी, गांव-सेका
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गांव में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध है जिससे लोगों को जीवनयापन में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। वहीं गांव सेका की पहचान हमेशा से सकारात्मक रही हैं। गांव के सभी लोग भाईचारे से रहते हैं। -विजयपाल, सरपंच, गांव सेका
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ग्रामीणों ने बताया कि गांव में युवा, बुजुर्ग सहित कोई भी व्यक्ति स्मैक, गांजा सहित अन्य सूखा नशा नहीं करता। गांव में अधिकतर लोग शिक्षित है और जीवन यापन के लिए नौकरी, व्यापार व खेती-बाड़ी करते हैं। वहीं युवा खेल व उच्च शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ रहे हैं और गांव का नाम रोशन कर रहे हैं। गांव सेका की जनसंख्या 4 हजार है और करीब 2800 मतदाता है।
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गांव के प्रत्येक घर में शिक्षित लोगों की संख्या अधिक है। वहीं बुजुर्ग युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए व उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। गांव के अनेक युवा उच्च पद पर कार्यरत हैं तो गांव का नाम रोशन कर रहे हैं। -ईश्वर सिंह, ग्रामीण
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गांव में कोई भी व्यक्ति गांजा, स्मैक सहित सूखा नशा नहीं करता। गांव में कभी भी शराब पीकर लड़ाई-झगड़े करने व घरेलू हिंसा के मामले देखने को नहीं मिलते। -लीलावती देवी, गांव-सेका
गांव के युवा खेती-बाड़ी में बड़ों का सहयोग करते हैं। सुबह के समय व्यायाम करते हैं जिससे गांव में शांति और सोहार्द पूर्ण वातावरण बना रहता है। -गिंदोडी देवी, गांव-सेका
गांव में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध है जिससे लोगों को जीवनयापन में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। वहीं गांव सेका की पहचान हमेशा से सकारात्मक रही हैं। गांव के सभी लोग भाईचारे से रहते हैं। -विजयपाल, सरपंच, गांव सेका