{"_id":"6660d065a2e469d34d0ecc54","slug":"rules-ignored-in-tender-anti-corruption-bureau-team-collected-samples-for-three-roads-narnol-news-c-203-1-sroh1011-109897-2024-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: टेंडर में नियमों की अनदेखी, एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने तीन सड़कों के लिए सैंपल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: टेंडर में नियमों की अनदेखी, एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने तीन सड़कों के लिए सैंपल
Thu, 06 Jun 2024 02:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 06 Jun 2024 02:23 AM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:75- लोक निर्माण विश्राम गृह में कार्रवाई करती एसीबी की टीम--स्रोत-संवाद
महेंद्रगढ़। साल 2021 में तत्कालीन प्रशासक की देखरेख में बनी 10 सड़कों के सैंपल लेने के लिए पंचकूला से एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम तीसरी बार महेंद्रगढ़ पहुंची। टीम ने तीन सड़कों कोटेक महेंद्रा बैंक से रेलवे स्टेशन टाइल्स रोड, एसडीएम आवास से अनाज मंडी सीसी रोड, माजरा फाटक से अनाज मंडी गेट सीसी रोड का सैंपल लिए।
पिछले कार्यकाल में महेंद्रगढ़ नगरपालिका की रीना बंटी चेयरपर्सन थीं। उनके पति सुरेंद्र बंटी पार्षद थे, जबकि रमेश बोहरा उप प्रधान थे। एक मामले में नपा चेयरपर्सन निलंबित हो गई थी। उसके बाद प्रधान का चार्ज भी तत्कालीन उप प्रधान रमेश बोहर के पास चला गया था। कार्यकाल पूरा होने के बाद चार्ज प्रशासक के पास चला गया। प्रशासक की देखरेख में 8 जनवरी 2021 को 5 करोड़ रुपये के 18 विकास कार्यों के टेंडर ठेकेदारों को अलॉट हुए। इसके तीन दिन बाद 3.50 करोड़ रुपये के 24 विकास कार्यों के टेंडर ओपन किए गए। इस पर पूर्व पार्षद सुरेंद्र बंटी एवं सोसाइटियों ने नपा सचिव और प्रधान को उसी दिन टेंडर नियमों के विरुद्ध जाकर अलॉट किए जाने की शिकायत की थी। उस पर तत्कालीन सचिव ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद शिकायकर्ताओं ने उपायुक्त, स्थानीय शहरी निकाय विभाग के निदेशक सहित अन्य अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
नपा को हुआ था डेढ़ करोड़ का नुकसान
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि नियम के मुताबिक, 50 लाख रुपये तक के टेंडर में सोसाइटियों की प्राथमिकता होती है। सोसाइटी नहीं आने पर टेंडर दोबारा कॉल होते हैं। फिर ठेकेदार को टेंडर अलॉट किए जा सकते हैं। 8 जनवरी 2021 को सोसाइटियों ने टेंडर के लिए आवेदन किया था, लेकिन दस्तावेजों में छोटी-मोटी खामियां निकालकर प्राइवेट ठेकेदारों को पांच प्रतिशत ज्यादा रेट में टेंडर दिए गए। वहीं तीन दिन बाद साढ़े तीन करोड़ के 24 विकास कार्यों के टेंडर में नपा ने पहली कॉल में ही सोसाइटियों को टेंडर अलॉट कर दिए थे। वह भी सरकारी रेट 28 प्रतिशत कम कीमत में। इससे नपा को 33 प्रतिशत यानी लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हो गया था।
विज्ञापन
जांच टीम में ये रहे शामिल
अधिशाषी अभियंता भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पंचकूला की ओर से एक्सईएन जयसिंह, इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह, बसंत कुमान एएसआई, मनोज कुमार जेई, तत्कालीन एमई योगेश कुमार, शिव कुमार लिपिक नगरपालिका, सतीश कटारिया व नवीन मित्तल ठेकेदार जांच के लिए पहुंचे थे।
गुप्तचर विभाग के महानिदेशक ने की थी शिकायत
गुप्तचर विभाग के महानिदेशक ने 1 जनवरी 2022 को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक एवं एंटी करप्शन ब्यूरो को टेंडर के गलत अलॉटमेंट की रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन एसडीएम, सचिव, एमई, जेई और कार्यकारी प्रधान और दो ठेकेदारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। गुप्तचर विभाग की रिपोर्ट के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम हरकत में आई। इसके बाद 8 मई 2023 को जांच कर 6 अक्तूबर 2023 को अपनी रिपोर्ट डिपार्टमेंट को सौंप दी थी।
इन प्रमुख सड़कों का हुआ था निर्माण
- माजरा फाटक से अनाज मंडी तक सीमेंट व कंकरीट की सड़क का निर्माण, 42.16 लाख रुपये
- अनाज मंडी गेट से एसडीएम आवास तक आरसीसी की सड़क निर्माण, 35.86 लाख रुपये
- सतनाली चौक से मुसद्दी लाल धर्मशाला तक इंटर लोकिंग टाइलों का सड़क निर्माण , 49.35 लाख रुपये
- बीडीपीओ कार्यालय से पुरानी तहसील तक आरसीसी सडक निर्माण, 43.21 लाख रुपये
- अग्रसेन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में आरसीसी सड़क निर्माण, 4 लाख 31 हजार रुपये
- मसानी चौक से पुराना महिला कॉलेज तक आरसीसी सड़क निर्माण, 42.87 लाख रुपये
- कोटक महेंद्रा बैंक के सामने से रेलवे स्टेशन तक इंटर लॉकिंग टाइलों का सड़क निर्माण, 16.31 लाख रुपये
-अभी जांच चल रही है। जांच पूरी होने तक कुछ कहा नहीं जा सकता। बुधवार को शहर के कुछ स्थानों से सैंपल लिए गए हैं।
-जय सिंह वर्मा, टीम प्रभारी, विजिलेंस
विज्ञापन
पिछले कार्यकाल में महेंद्रगढ़ नगरपालिका की रीना बंटी चेयरपर्सन थीं। उनके पति सुरेंद्र बंटी पार्षद थे, जबकि रमेश बोहरा उप प्रधान थे। एक मामले में नपा चेयरपर्सन निलंबित हो गई थी। उसके बाद प्रधान का चार्ज भी तत्कालीन उप प्रधान रमेश बोहर के पास चला गया था। कार्यकाल पूरा होने के बाद चार्ज प्रशासक के पास चला गया। प्रशासक की देखरेख में 8 जनवरी 2021 को 5 करोड़ रुपये के 18 विकास कार्यों के टेंडर ठेकेदारों को अलॉट हुए। इसके तीन दिन बाद 3.50 करोड़ रुपये के 24 विकास कार्यों के टेंडर ओपन किए गए। इस पर पूर्व पार्षद सुरेंद्र बंटी एवं सोसाइटियों ने नपा सचिव और प्रधान को उसी दिन टेंडर नियमों के विरुद्ध जाकर अलॉट किए जाने की शिकायत की थी। उस पर तत्कालीन सचिव ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद शिकायकर्ताओं ने उपायुक्त, स्थानीय शहरी निकाय विभाग के निदेशक सहित अन्य अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
विज्ञापन
नपा को हुआ था डेढ़ करोड़ का नुकसान
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि नियम के मुताबिक, 50 लाख रुपये तक के टेंडर में सोसाइटियों की प्राथमिकता होती है। सोसाइटी नहीं आने पर टेंडर दोबारा कॉल होते हैं। फिर ठेकेदार को टेंडर अलॉट किए जा सकते हैं। 8 जनवरी 2021 को सोसाइटियों ने टेंडर के लिए आवेदन किया था, लेकिन दस्तावेजों में छोटी-मोटी खामियां निकालकर प्राइवेट ठेकेदारों को पांच प्रतिशत ज्यादा रेट में टेंडर दिए गए। वहीं तीन दिन बाद साढ़े तीन करोड़ के 24 विकास कार्यों के टेंडर में नपा ने पहली कॉल में ही सोसाइटियों को टेंडर अलॉट कर दिए थे। वह भी सरकारी रेट 28 प्रतिशत कम कीमत में। इससे नपा को 33 प्रतिशत यानी लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हो गया था।
विज्ञापन
जांच टीम में ये रहे शामिल
अधिशाषी अभियंता भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पंचकूला की ओर से एक्सईएन जयसिंह, इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह, बसंत कुमान एएसआई, मनोज कुमार जेई, तत्कालीन एमई योगेश कुमार, शिव कुमार लिपिक नगरपालिका, सतीश कटारिया व नवीन मित्तल ठेकेदार जांच के लिए पहुंचे थे।
गुप्तचर विभाग के महानिदेशक ने की थी शिकायत
गुप्तचर विभाग के महानिदेशक ने 1 जनवरी 2022 को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक एवं एंटी करप्शन ब्यूरो को टेंडर के गलत अलॉटमेंट की रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन एसडीएम, सचिव, एमई, जेई और कार्यकारी प्रधान और दो ठेकेदारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। गुप्तचर विभाग की रिपोर्ट के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम हरकत में आई। इसके बाद 8 मई 2023 को जांच कर 6 अक्तूबर 2023 को अपनी रिपोर्ट डिपार्टमेंट को सौंप दी थी।
इन प्रमुख सड़कों का हुआ था निर्माण
- माजरा फाटक से अनाज मंडी तक सीमेंट व कंकरीट की सड़क का निर्माण, 42.16 लाख रुपये
- अनाज मंडी गेट से एसडीएम आवास तक आरसीसी की सड़क निर्माण, 35.86 लाख रुपये
- सतनाली चौक से मुसद्दी लाल धर्मशाला तक इंटर लोकिंग टाइलों का सड़क निर्माण , 49.35 लाख रुपये
- बीडीपीओ कार्यालय से पुरानी तहसील तक आरसीसी सडक निर्माण, 43.21 लाख रुपये
- अग्रसेन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में आरसीसी सड़क निर्माण, 4 लाख 31 हजार रुपये
- मसानी चौक से पुराना महिला कॉलेज तक आरसीसी सड़क निर्माण, 42.87 लाख रुपये
- कोटक महेंद्रा बैंक के सामने से रेलवे स्टेशन तक इंटर लॉकिंग टाइलों का सड़क निर्माण, 16.31 लाख रुपये
-अभी जांच चल रही है। जांच पूरी होने तक कुछ कहा नहीं जा सकता। बुधवार को शहर के कुछ स्थानों से सैंपल लिए गए हैं।
-जय सिंह वर्मा, टीम प्रभारी, विजिलेंस

फोटो संख्या:75- लोक निर्माण विश्राम गृह में कार्रवाई करती एसीबी की टीम--स्रोत-संवाद

फोटो संख्या:75- लोक निर्माण विश्राम गृह में कार्रवाई करती एसीबी की टीम--स्रोत-संवाद

फोटो संख्या:75- लोक निर्माण विश्राम गृह में कार्रवाई करती एसीबी की टीम--स्रोत-संवाद