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महेंद्रगढ़-नारनौल: कर्मचारियों के समाप्त पदों को बहाल करने की उठाई मांग
Sat, 18 Feb 2023 11:06 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 18 Feb 2023 11:06 PM IST
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नारनौल। स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ ने प्रदेश के सभी विधायकों को ज्ञापन भेजकर विधानसभा के बजट सत्र में स्वास्थ्य कर्मचारियों के समाप्त पदों को बहाल करवाने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश में पिछले तीन साल के दौरान वैश्विक कोरोना महामारी की तीनों लहर तथा 2021 व 2022 में डेगू के कहर से सबक लेकर आबादी के अनुसार स्वास्थ्य कर्मचारियों के नये पद स्वीकृत करने की भी मांग की है। स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ के प्रदेशाध्यक्ष राममेहर वर्मा, प्रचार सचिव राकेश सिवाच, उपप्रधान राजबाला देवी व संघ के संयोजक वेदप्रकाश यादव ने बताया कि ज्ञापन में पूर्व में स्वीकृत सभी पदों की बहाली तथा सरकार के नोरम व आबादी के अनुसार नये पद स्वीकृत किये जाये ताकि आम व गरीब जनता को उनके घर द्वार पर बेहतर स्वास्थ्य सेवायें मिलती रहें। कोरोना महामारी के बीच स्वास्थ्य विभाग की योजना शाखा द्वारा राज्य के सभी 22 जिला स्तरीय शहरों व ग्रामीण आंचल में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में पहले से स्वीकृत 333 एमपीएचडब्लू पुरुष के पद, 181 स्वास्थ्य सुपरवाइजर पुरुष के पद, 125 से ज्यादा महिला एमपीएचडब्लू, 100 से ज्यादा महिला स्वास्थ्य सुपरवाइजर, 44 एसएमआई के पद, 26 एयूओ व 14 एएमओ के पदों सहित 1500 से ज्यादा पदों को समाप्त करने का जनविरोधी व तुगलकी फरमान जारी किया हुआ है। जिससे राज्य में सभी स्वास्थ्य सेवाओं पर विपरित प्रभाव पड़ रहा है। क्योंकि राज्य की शहरी आबादी में स्वास्थ्य कर्मचारियों की भारी कमी है और कोविड तथा डेंगू के ज्यादातर मरीज शहरी आबादी में आते रहे है। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि अब विभाग की योजना शाखा ने दो कदम आगे बढ़ाकर उक्त पदों को एचआरएमएस पोर्टल से हटाने का कार्य आरंभ कर दिया है जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों में भारी रोष है।
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ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश में पिछले तीन साल के दौरान वैश्विक कोरोना महामारी की तीनों लहर तथा 2021 व 2022 में डेगू के कहर से सबक लेकर आबादी के अनुसार स्वास्थ्य कर्मचारियों के नये पद स्वीकृत करने की भी मांग की है। स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ के प्रदेशाध्यक्ष राममेहर वर्मा, प्रचार सचिव राकेश सिवाच, उपप्रधान राजबाला देवी व संघ के संयोजक वेदप्रकाश यादव ने बताया कि ज्ञापन में पूर्व में स्वीकृत सभी पदों की बहाली तथा सरकार के नोरम व आबादी के अनुसार नये पद स्वीकृत किये जाये ताकि आम व गरीब जनता को उनके घर द्वार पर बेहतर स्वास्थ्य सेवायें मिलती रहें। कोरोना महामारी के बीच स्वास्थ्य विभाग की योजना शाखा द्वारा राज्य के सभी 22 जिला स्तरीय शहरों व ग्रामीण आंचल में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में पहले से स्वीकृत 333 एमपीएचडब्लू पुरुष के पद, 181 स्वास्थ्य सुपरवाइजर पुरुष के पद, 125 से ज्यादा महिला एमपीएचडब्लू, 100 से ज्यादा महिला स्वास्थ्य सुपरवाइजर, 44 एसएमआई के पद, 26 एयूओ व 14 एएमओ के पदों सहित 1500 से ज्यादा पदों को समाप्त करने का जनविरोधी व तुगलकी फरमान जारी किया हुआ है। जिससे राज्य में सभी स्वास्थ्य सेवाओं पर विपरित प्रभाव पड़ रहा है। क्योंकि राज्य की शहरी आबादी में स्वास्थ्य कर्मचारियों की भारी कमी है और कोविड तथा डेंगू के ज्यादातर मरीज शहरी आबादी में आते रहे है। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि अब विभाग की योजना शाखा ने दो कदम आगे बढ़ाकर उक्त पदों को एचआरएमएस पोर्टल से हटाने का कार्य आरंभ कर दिया है जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों में भारी रोष है।
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