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Mahendragarh-Narnaul News: जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए किया जागरूक
Fri, 27 Sep 2024 05:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 27 Sep 2024 05:42 PM IST
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फोटो संख्या:52- विशेषज्ञ व्याख्यान के बाद विशेषज्ञ डॉ. संजय सेन गुप्ता के साथ शिक्षक एवं विद्या
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ के पर्यावरण अध्ययन विभाग द्वारा वैश्विक जलवायु परिवर्तन विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया।
आयोजन में एनआईएससीएआईआर-सीएसआईआर के पूर्व वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संजय सेन गुप्ता विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने अपने संदेश में कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य पृथ्वी की रक्षा करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. मोना ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कई परिणाम हैं जो पर्यावरण और मानव समाज दोनों को प्रभावित करते हैं। इन पर्यावरणीय प्रभावों से भोजन और पानी की कमी, प्राकृतिक आपदाओं के कारण लोगों का विस्थापन और संक्रामक रोगों जैसे सामाजिक और आर्थिक परिणाम हो सकते हैं। डॉ. संजय सेन गुप्ता ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन के पीछे के वैज्ञानिक साक्ष्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार विभिन्न कारकों पर चर्चा की। कार्यक्रम में मंच का संचालक आयोजन के सह-संयोजक डॉ. विक्रम सिंह ने किया। इस अवसर पर नविता, अंजलि, विकास कुमार, अभिनंदन, अनीश, गायत्री, मीना, मोहिनी मौजूद रहीं।
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आयोजन में एनआईएससीएआईआर-सीएसआईआर के पूर्व वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संजय सेन गुप्ता विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने अपने संदेश में कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य पृथ्वी की रक्षा करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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डॉ. मोना ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कई परिणाम हैं जो पर्यावरण और मानव समाज दोनों को प्रभावित करते हैं। इन पर्यावरणीय प्रभावों से भोजन और पानी की कमी, प्राकृतिक आपदाओं के कारण लोगों का विस्थापन और संक्रामक रोगों जैसे सामाजिक और आर्थिक परिणाम हो सकते हैं। डॉ. संजय सेन गुप्ता ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन के पीछे के वैज्ञानिक साक्ष्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार विभिन्न कारकों पर चर्चा की। कार्यक्रम में मंच का संचालक आयोजन के सह-संयोजक डॉ. विक्रम सिंह ने किया। इस अवसर पर नविता, अंजलि, विकास कुमार, अभिनंदन, अनीश, गायत्री, मीना, मोहिनी मौजूद रहीं।
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