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Mahendragarh-Narnaul News: तीन दिन तक बाजरे की खरीद रहेगी बंद, चुनाव में ड्यूटी देंगे कर्मचारी
Fri, 04 Oct 2024 01:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 04 Oct 2024 01:21 AM IST
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फोटो नंबर- 14नारनौल के एक खेत में काट कर डाली गई बाजरे की फसल। संवाद
नारनौल। जिले की 6 मंडियों में पिछले तीन दिन से बाजरे की खरीद की जा रही है। तीसरे दिन अटेली, कनीना, सतनाली और महेंद्रगढ़ की मंडियों में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचे।
नांगल चौधरी में पिछले तीन दिनों से और नारनौल में पिछले दो दिनों से किसान अपनी फसल लेकर मंडी नहीं पहुंचे हैं। क्योंकि क्षेत्र में अधिकतर जगह पर अभी फसल की कटाई का कार्य किया जा रहा है क्योंकि फसल की नमी को सूखने में भी समय लगता है। यही कारण है कि जिले की मंडियों में बाजरे की आवक कम है।
वीरवार को अटेली में 877 गेटपास जारी किए गए जो जिले की सभी 6 मंडियों में सबसे ज्यादा है। कनीना में 709, महेंद्रगढ़ में 270 और सतनाली में 108 गेट पास जारी किए गए। जिले में तीसरे दिन 44123.9 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। जिले में पिछले तीन दिन में अब तक 87106.1 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। अटेली में सबसे ज्यादा 23225.2 क्विंटल बाजरे की आवक रही। कनीना में 19649 क्विंटल और सतनाली में 2705.5 क्विंटल, महेंद्रगढ़ में 6568.7 बाजरे की आवक हुई।
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तीन दिन तक बंद रहेगी खरीद
प्रदेश भर में 1 अक्तूबर से बाजरे की खरीद शुरू की गई थी। बाजरे के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2625 रुपये निर्धारित किया गया है। प्रदेश में 5 अक्तूबर को चुनाव होने हैं, जिसकी वजह से चुनाव में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में शुक्रवार, शनिवार और रविवार को मंडियां बंद रहेगी। तीन दिन मंडी रहने के बाद सोमवार से खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चालू की जाएगी।
8000 रुपये प्रति किला के हिसाब से हो रही बाजरे की कटाई
बाजरे की फसल की कटाई जारी है और मौसम भी साफ बना हुआ है। किसान भी जल्द से जल्द कटाई का कार्य पूरा करना चाहते हैं ताकि बारिश आने पर नुकसान नहीं उठाना पड़े। शीघ्रता से फसल की कटाई करने के लिए किसान फसल को ठेके पर भी दे रहे हैं। बाजरे की कटाई मजदूरी पिछले साल की तुलना में इस बार काफी महंगी है। किसान बाजरे की कटाई के लिए 8000 रुपये प्रति किला पर ठेका देकर करवा रहे हैं। महंगी मजदूरी के बाद भी मजदूरों की मांग बनी हुई, जिस कारण 8000 रुपये प्रति किला पर ठेका देने के बाद भी मजदूर दो से तीन दिन बाद कटाई का कार्य शुरू करते हैं।
क्षेत्र में फसल की कटाई का कार्य किया जा रहा है, जिस कारण किसान मंडी में फसल लेकर कम पहुंच रहे हैं। आगामी तीन दिनों तक बाजरा खरीद का कार्य बंद रहेगा क्योंकि कर्मचारियों की ड्यूटी चुनावों में लगी हुई है। सोमवार से बाजरे की खरीद प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया जाएगा।
नुकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल।
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नांगल चौधरी में पिछले तीन दिनों से और नारनौल में पिछले दो दिनों से किसान अपनी फसल लेकर मंडी नहीं पहुंचे हैं। क्योंकि क्षेत्र में अधिकतर जगह पर अभी फसल की कटाई का कार्य किया जा रहा है क्योंकि फसल की नमी को सूखने में भी समय लगता है। यही कारण है कि जिले की मंडियों में बाजरे की आवक कम है।
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वीरवार को अटेली में 877 गेटपास जारी किए गए जो जिले की सभी 6 मंडियों में सबसे ज्यादा है। कनीना में 709, महेंद्रगढ़ में 270 और सतनाली में 108 गेट पास जारी किए गए। जिले में तीसरे दिन 44123.9 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। जिले में पिछले तीन दिन में अब तक 87106.1 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। अटेली में सबसे ज्यादा 23225.2 क्विंटल बाजरे की आवक रही। कनीना में 19649 क्विंटल और सतनाली में 2705.5 क्विंटल, महेंद्रगढ़ में 6568.7 बाजरे की आवक हुई।
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तीन दिन तक बंद रहेगी खरीद
प्रदेश भर में 1 अक्तूबर से बाजरे की खरीद शुरू की गई थी। बाजरे के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2625 रुपये निर्धारित किया गया है। प्रदेश में 5 अक्तूबर को चुनाव होने हैं, जिसकी वजह से चुनाव में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में शुक्रवार, शनिवार और रविवार को मंडियां बंद रहेगी। तीन दिन मंडी रहने के बाद सोमवार से खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चालू की जाएगी।
8000 रुपये प्रति किला के हिसाब से हो रही बाजरे की कटाई
बाजरे की फसल की कटाई जारी है और मौसम भी साफ बना हुआ है। किसान भी जल्द से जल्द कटाई का कार्य पूरा करना चाहते हैं ताकि बारिश आने पर नुकसान नहीं उठाना पड़े। शीघ्रता से फसल की कटाई करने के लिए किसान फसल को ठेके पर भी दे रहे हैं। बाजरे की कटाई मजदूरी पिछले साल की तुलना में इस बार काफी महंगी है। किसान बाजरे की कटाई के लिए 8000 रुपये प्रति किला पर ठेका देकर करवा रहे हैं। महंगी मजदूरी के बाद भी मजदूरों की मांग बनी हुई, जिस कारण 8000 रुपये प्रति किला पर ठेका देने के बाद भी मजदूर दो से तीन दिन बाद कटाई का कार्य शुरू करते हैं।
क्षेत्र में फसल की कटाई का कार्य किया जा रहा है, जिस कारण किसान मंडी में फसल लेकर कम पहुंच रहे हैं। आगामी तीन दिनों तक बाजरा खरीद का कार्य बंद रहेगा क्योंकि कर्मचारियों की ड्यूटी चुनावों में लगी हुई है। सोमवार से बाजरे की खरीद प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया जाएगा।
नुकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल।