फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Projects to revive Daohan and Krishnavati rivers with canal water are in the final stages.

Mahendragarh-Narnaul News: दौहान और कृष्णावती नदियों को नहरी पानी से पुनर्जीवित करने की परियोजनाएं अंतिम चरण में

Tue, 23 Sep 2025 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Tue, 23 Sep 2025 11:48 PM IST
विज्ञापन
Projects to revive Daohan and Krishnavati rivers with canal water are in the final stages.
फोटो संख्या:-51 गांव गांव देवास से गुजर रही दोहान नदी क्षेत्र में बनाया गया बांध---संवाद
महेंद्रगढ़। वर्षों से अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही महेंद्रगढ़ जिले की दौहान व कृष्णावती नदियों में इस बार अच्छी बारिश से पानी है। वहीं दूसरी ओर डार्क जोन में शामिल दोनों नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए नहर एवं सिंचाई विभाग की 65 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का काम अंतिम चरण में है।
विज्ञापन

वर्ष 1995 में अच्छी बारिश से इन नदियों में पानी था। इसके बाद विभाग की ओर से बरसाती सीजन में जिले के लिए जीवन रेखा कही जाने वाली जेएलएन नहर से भूमिगत पाइप लाइनों के सहारे इन नदियों में पानी पहुंचाया जा रहा है। इससे भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद जगी है।
विज्ञापन

जिले में करीब 50 किलोमीटर दूरी में फैली कृष्णावती नदी राजस्थान के अरावली क्षेत्र से निकलती है और हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले से होकर बहती है। साथ ही रेवाड़ी की सीमाओं में भी कई गांवों से गुजरती है। हमीदपुर और दोस्तपुर गांवों के पास हरियाणा में प्रवेश करती है और रेवाड़ी की साहिबी नदी में मिल जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नदी पांच दशकों से अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है लेकिन सिंचाई विभाग की परियोजनाओं से इस नदी को पुनर्जीवित करने के लिए करीब 31 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का काम अंतिम चरण में चल रहा है। इनमें 17.50 करोड़ रुपये से भूमिगत पाइप लाइन दबाकर गांव भालखी व रातां क्षेत्र में जेएलएन से पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं सुरजनवास से मानपुरा तक 13.50 करोड़ रुपये भूमिगत पाइप लाइन दबाई गई है जिसका काम अंतिम चरण में है।
इंसेट
- दौहान में नियमित छोड़ा जा रहा है पानी:
महेंद्रगढ़ में बेरी जासावास से गांव जाट-भुरजट तक 32 किलोमीटर लंबी दौहान को पुनर्जीवित करने के लिए करीब 35 करोड़ रुपये की परियोजनाओं में से अधिकांश पूरी हो चुकी हैं। कुछ पर काम अंतिम चरण में चल रहा है। दो सालों से बरसाती सीजन में जेएलएन के माध्यम से मिलने वाले अतिरिक्त पानी को छोड़ा जा रहा है। इसके लिए 1.43 करोड़ रुपये से हंप रेगुलेटर आधारित पानी की परियोजना बनाई है जो पांच फुट तक नदी क्षेत्र भरने के बाद गांव जासावास,बेरी, कौथल खुर्द, डेरोली अहीर व देवास बांध में छोड़ा जाता है। वहीं गांव माजरा में 13 करोड़, व भगड़ाना में 12 करोड़ रुपये की लगात से पाथेड़ा जेएलएन क्षेत्र से भूमिगत पाइप लाइन दबाकर पानी पहुंचाया जा रहा है।

------------
- वर्जन:
दौहान व कृष्णावतती नदी को पुनर्जीवित करने के लिए नहर एवं सिंचाई विभाग की ओर से करीब 65 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का अंतिम चरण में काम चल रहा है। कुछ परियोजनाएं पूरी कर ली गई हैं। दो सालों से लगातार दौहान में पानी छोड़ने से 15 से अधिक गांवों में भूजल स्तर में काफी सुधार हुआ है। इस बार अच्छी बारिश से भी इन नदियों में पानी पहुंचा है। - अरुण यादव, उपमंडल अधिकारी, नहर एवं सिंचाई विभाग महेंद्रगढ़।

फोटो संख्या:-51 गांव गांव देवास से गुजर रही दोहान नदी क्षेत्र में बनाया गया बांध---संवाद

फोटो संख्या:-51 गांव गांव देवास से गुजर रही दोहान नदी क्षेत्र में बनाया गया बांध---संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed