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Mahendragarh-Narnaul News: निजी स्कूलों ने किया दो दिन का अवकाश, रात में ही अभिभावकों के पास भेजे मैसेज
Sat, 13 Apr 2024 02:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 13 Apr 2024 02:09 AM IST
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नारनौल। कनीना के गांव उन्हाणी में वीरवार सुबह हादसे में छह बच्चों की मौत होने के बाद शुक्रवार को शहर के सभी निजी स्कूलों ने दो दिन का अवकाश घोषित कर दिया। हादसे के बाद वीरवार को भी निजी स्कूलों ने आनन-फानन में 12 बजे ही स्कूल की छुट्टी कर दी थी। हालांकि सरकारी स्कूल नियमित रूप से खुले रहे।
गांव उन्हाणी में हुए दर्दनाक हादसे के बाद शहर के सभी निजी स्कूलों में हड़कंप मच गया। लोग ईद की छुट्टी होने के बाद स्कूल खोलने की मनमानी से नाराज थे। इसको लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने निजी स्कूल की व्यवस्था पर जमकर भड़ास निकाली। अब इस हादसे के बाद जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग भी सतर्क दिखाई दे रहा है और किसी भी समय इन स्कूलों में जांच हो सकती है। हालांकि निजी स्कूल संचालकों का मानना है कि इस दर्दनाक हादसे में मारे गए छह छात्रों को लेकर दुख है और इसी कारण दो दिन का अवकाश कर अपनी श्रद्धांजलि उन बच्चों को दी है। सभी निजी स्कूल संचालकों ने रात को ही अभिभावकों के मोबाइल फोन पर दो दिन के अवकाश का मैसेज भेज दिया था। शहर में निजी स्कूलों ने दो दिन का अवकाश रखा, लेकिन सरकारी स्कूल अपने नियमित समय पर चालू रहे। हादसे के बाद सरकारी स्कूलों में अवकाश नहीं होने को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उनके पास सरकार या प्रशासन की तरफ ऐसा कोई आदेश नहीं आया कि स्कूलों का अवकाश किया जाए। अब महीने के दूसरे शनिवार व रविवार को सरकारी अवकाश रहेगा।
निजी स्कूलों की छुट्टी को लेकर रही चर्चा
मृतक बच्चों को श्रद्धांजलि देने के लिए शहर में दो दिन बंद किए गए निजी स्कूलों को लेकर भी लोगों में चर्चा का विषय बना रहा है। लोगों का कहना था कि अगर ये स्कूल सरकारी अवकाश के दिन छुट्टी रखते तो ऐसा हादसा ही नहीं होता। लोगों का कहना था कि निजी स्कूल अब प्रशासन व सरकार की कार्रवाई से बचना चाहते थे, जिसके चलते यह अवकाश किया गया।
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निजी स्कूल संचालकों ने बैठक कर हादसे पर गहरा दुख जताया है। बैठक के बाद मौन रखकर मृत बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई और उसी समय सभी ने दो दिन अवकाश रखने का निर्णय लिया। लोगों में जो कार्रवाई के डर से स्कूल बंद करने की चर्चा चल रही है, यह सब सरासर गलत है।
- अनिल कौशिक, प्रधान प्रोग्रेसिव प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन
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गांव उन्हाणी में हुए दर्दनाक हादसे के बाद शहर के सभी निजी स्कूलों में हड़कंप मच गया। लोग ईद की छुट्टी होने के बाद स्कूल खोलने की मनमानी से नाराज थे। इसको लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने निजी स्कूल की व्यवस्था पर जमकर भड़ास निकाली। अब इस हादसे के बाद जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग भी सतर्क दिखाई दे रहा है और किसी भी समय इन स्कूलों में जांच हो सकती है। हालांकि निजी स्कूल संचालकों का मानना है कि इस दर्दनाक हादसे में मारे गए छह छात्रों को लेकर दुख है और इसी कारण दो दिन का अवकाश कर अपनी श्रद्धांजलि उन बच्चों को दी है। सभी निजी स्कूल संचालकों ने रात को ही अभिभावकों के मोबाइल फोन पर दो दिन के अवकाश का मैसेज भेज दिया था। शहर में निजी स्कूलों ने दो दिन का अवकाश रखा, लेकिन सरकारी स्कूल अपने नियमित समय पर चालू रहे। हादसे के बाद सरकारी स्कूलों में अवकाश नहीं होने को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उनके पास सरकार या प्रशासन की तरफ ऐसा कोई आदेश नहीं आया कि स्कूलों का अवकाश किया जाए। अब महीने के दूसरे शनिवार व रविवार को सरकारी अवकाश रहेगा।
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निजी स्कूलों की छुट्टी को लेकर रही चर्चा
मृतक बच्चों को श्रद्धांजलि देने के लिए शहर में दो दिन बंद किए गए निजी स्कूलों को लेकर भी लोगों में चर्चा का विषय बना रहा है। लोगों का कहना था कि अगर ये स्कूल सरकारी अवकाश के दिन छुट्टी रखते तो ऐसा हादसा ही नहीं होता। लोगों का कहना था कि निजी स्कूल अब प्रशासन व सरकार की कार्रवाई से बचना चाहते थे, जिसके चलते यह अवकाश किया गया।
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निजी स्कूल संचालकों ने बैठक कर हादसे पर गहरा दुख जताया है। बैठक के बाद मौन रखकर मृत बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई और उसी समय सभी ने दो दिन अवकाश रखने का निर्णय लिया। लोगों में जो कार्रवाई के डर से स्कूल बंद करने की चर्चा चल रही है, यह सब सरासर गलत है।
- अनिल कौशिक, प्रधान प्रोग्रेसिव प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन