दोषी परिवार का सामाजिक बहिष्कार की तैयारी

नारनौल Updated Tue, 06 May 2014 12:50 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
 गांव बुचौली से लड़की को बहला-फुसला कर भगा ले जाने के मामले में सोमवार को अचानक नया मोड़ आ गया। बुचौली में पंचायत के बाद सोमवार को गांव मेघनवास में भी पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें दोषी परिवार के लोगों का सामाजिक बहिष्कार करने की तैयारी की गई। चर्चा है कि अगर दोषी लोगों का गांव का कोई भी व्यक्ति या उनका परिवार साथ देता है तो गांव मेघनवास उसका सामाजिक बहिष्कार भी कर सकता है। हलांकि कुछ लोग दोनों गांवों के बीच भाईचारा कायम रखने के पक्षधर भी दिखे।
विज्ञापन

 इससे पहले दोनों गांवों में आपसी भाईचारा टूटने के कगार पर था। हालांकि दो दिन पहले गांव बुचौली में हुई पंचायत में गांव मेघनवास का बहिष्कार किया गया था। लेकिन सोमवार को गांव मेघनवास में हुई पंचायत में गांव के मौजिज लोगों ने पंचायत में मुनादी करते हुए कहा कि दोषी लोगों के लिए गांव बुचौली और मेघनवास के बीच जो भाईचारा कायम है। वह चलता रहेगा। गांव मेघनवास की पंचायत दोषियों के खिलाफ है।
गांव मेघनवास में पंचायत के दौरान 37 लोगों की कमेटी का भी गठन किया गया। जो कमेटी दोषियों को पकड़वाने में पुलिस और गांव बुचौली का साथ देगी। कमेटी व गांव की पंचायत ऐसा कोई भी कार्य नहीं करेगी। जिससे की दोनों गांवों के भाईचारे व रिश्तों में किसी प्रकार की दरार आए। पंचायत में मुनादी करते हुए गांव के लोगों ने फैसला लिया कि अगर कोई परिवार दोषी लोगों का साथ देगा। या दोषियों का परिवार भी दोषियों का साथ देगा तो गांव मेघनवास की पंचायत उनका सामाजिक बहिष्कार भी कर सकती है।
 पंचायत में गांव के मौजिज व्यक्तियों व गांव की सर्वसम्मति से 37 लोगों की कमेटी का गठन किया गया। कमेटी की कमान गांव के पूर्व सरपंच सुदंरलाल को सौंपी गई है। गांव की पंचायत होने के बाद जिला पुलिस उपाधीक्षक शरीफ सिंह भी गांव में पहुंचे व आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव के लोगों से पूछताछ की। गांव के लोगों से डीएसपी ने कहा कि गांव के लोग पुलिस का सहयोग करें ताकि लड़की और दोषी को सही सलामत बरामद किया जा सके। इसके बाद गांव के लोगों ने डीएसपी को बताया कि गांव के लोगों ने एक कमेटी का भी आयोजन किया है।

कई जगहों पर पुलिस ने की छापेमारी
पुलिस ने लड़की को बरामद करने के लिए जिले में ही नहीं बल्कि जिले से बाहर दर्जनोें स्थानों पर छापेमारी की। लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली। लड़की को बरामद करना अब पुलिस के लिए चुनौती बन चुकी है। हालांकि दोनों गांव के लोगों ने पुलिस कमेटी बनाकर लड़की को बरामद कराने के लिए एक अच्छी पहल कि है। लेकिन इतना कुछ होने के बावजूद भी पुलिस की चुनौती कम होती नजर नहीं आ रही है। फिलहाल लड़की को बरामद करना पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।

 बुचौली गांव के लोगों ने किया जनसंपर्क
बुचौली गांव के लोगों ने 11 गांवों को एकत्रित करने के लिए अलग-अलग गांवों से संपर्क कर लड़की को बरामद करवाने के लिए पंचायत से सहयोग मांगा है। वहीं अगर लड़की बरामद नहीं हुई तो छह मई को होने वाली पंचायत में आगे की रणनीती का फैसला लिया जाएगा।

शर्त पर कायम रहेगा भाईचारा
गांव बुचौली की पंचायत का मानना है कि अगर गांव मेघनवास की पंचायत लड़की को ढूंढने में अगर उनकी व पुलिस की सहायता करें तो वे उनसे भाईचारे के बारे में सोच सकते है। पंचायत का कहना है कि उनका मेघनवास के लोगों से कोई जातीय दुश्मनी नहीं है। अगर वे साथ देते है। तो वे भाईचारे को भी बनाए रख सकते है।

क्या कहते हैं एसपी
इस संबंध में जब जिला पुलिस अधीक्षक सिमरनदीप सिंह से बातचीत कि गई तो उन्होंने कहा कि पुलिस मामले को सुलझाने के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही है। जल्द ही लड़की और आरोपियों को बरामद कर लिया जाएगा। गांव के लोगों की ओर से पुलिस को पूरा सहयोग मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us