{"_id":"5e1f62c18ebc3e4b3b1e2364","slug":"post-of-surgeon-in-the-hospital-has-been-vacant-for-1-5-year-narnol-news-rtk537485977","type":"story","status":"publish","title_hn":"नागरिक अस्पताल में 10 साल से सर्जन, डेढ़ दशक से एमडी का पद खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नागरिक अस्पताल में 10 साल से सर्जन, डेढ़ दशक से एमडी का पद खाली
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़।
- फोटो : Narnol
नागरिक अस्पताल का दर्जा मिलने के चार माह बाद भी अस्पताल में एक भी स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं है। अस्पताल में पिछले दस वर्षों से कोई सर्जन नहीं है। अस्पताल में 15 वर्षों से एमडी भी नहीं है। जिससे मरीजों को 70 किलोमीटर दूर पथरी, हर्निया, अपेंडिक्स, मस्से, रसोली, प्रोस्टेट, बच्चेदानी आदि के ऑपरेशन करवाने पड़ रहे हैं। ऑपरेशन के लिए मरीजों को 35 से 40 हजार रुपये देने पड़ रहे हैं। यहां तक परिवार नियोजन के ऑपरेशन भी सप्ताह में एक दिन उधार के चिकित्सक से कराए जा रहे हैं। नारनौल में दो सर्जन काम कर रहे हैं।
महेंद्रगढ़ अस्पताल को पहले उप नागरिक अस्पताल का दर्जा था। कुछ महीनों से इसे नागरिक अस्पताल का दर्जा भी मिल गया है। जिसमें सभी स्पेशलिस्ट चिकित्सकों के पद भी सृजित किए गए हैं। अभी तक गायनोलॉजिस्ट के अलावा कोई पद नहीं भरा गया। अस्पताल में एक भी सर्जन और एमडी नहीं है। मात्र एमबीबीएस के सहारे काम चलाया जा रहा है। 2010 में डॉ. ईश्वर सिंह यहां सर्जन थे। उस समय लगभग 40 से 50 ऑपरेशन प्रति माह होते थे। लेकिन अब मरीजों को छोटे से छोटे ऑपरेशन के लिए निजी अस्पताल में जाना पड़ता है। जिससे परेशानी होती है सबसे ज्यादा गरीब वर्ग परेशान होता है। अस्पताल में 15 वर्षों से एमडी भी नहीं हैं। 2005 में डॉ. करण सिंह अस्पताल में एमडी के पद पर कार्य किया था। उनके जाने के बाद कोई एमडी नहीं आया।
इन विशेषज्ञों की है जरूरत
महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल को स्टाफ बढ़ाने की अनुमति आ गई है। अनुमति के बाद अस्पताल में 42 चिकित्सक होने हैं। जिनमें विशेषज्ञों की पोस्ट भी बनाई गई है। अस्पताल में आर्थोपेडिक्स, सर्जन, फिजिशियन (एमडी), बालरोग, ईएनटी आदि विशेषज्ञों की आवश्यकता है। इनके अभावों में मरीजों को ऑपरेशन के लिए नारनौल, रेवाड़ी, गुरुग्राम, जयपुर जाना पड़ता है।
विज्ञापन
ऐसे हो सकती है वैकल्पिक व्यवस्था
नारनौल और महेंद्रगढ़ दोनों ही नागरिक अस्पताल हैं। नारनौल में दो सर्जन काम कर रहे हैं। इनमें से एक सर्जन को महेंद्रगढ़ नियुक्त किया जा सकता है। जब तक कोई स्थायी सर्जन महेंद्रगढ़ नहीं आ जाता तब तक डेपुटेशन से काम चलाया जा सकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अपनी पॉवर से कुछ दिनों के लिए एक सर्जन को डेपुटेशन पर भेज सकते हैं। इसके बाद वह चंडीगढ़ उच्च अधिकारियों से अनुमति लेकर डेपुटेशन की अवधि बढ़वा सकते हैं।
सतनाली एरिया को सबसे अधिक परेशानी
महेंद्रगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत करीब 250 गांव एवं 30 से 35 ढाणियां आती हैं। इनमें सबसे अधिक परेशानी श्यामपुरा, कुम्हारों की ढाणी, सतनाली, बास, पथरवा, डिगरोता, नावां, सेहलंग, नौताना, बाघोत, बवाना, आकोदा, खुडाना, बास, बसई सहित अनेक गांवों के मरीजों को उठानी पड़ती है। इन मरीजों को छोटे से छोटे ऑपरेशन के लिए नारनौल जाना पड़ता है जो लगभग 50 किलोमीटर से अधिक दूूरी पर पड़ता है।
नारनौल में दो सर्जन काम कर रहे हैं। मैं बाहर हूं। महेंद्रगढ़ उप नागरिक अस्पताल में स्टाफ बढ़ाया जाना प्रस्तावित है। एक या दो दिन में एक सर्जन को हम महेंद्रगढ़ डेपुट कर देंगे।
- संतलाल वर्मा, सीएमओ, महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
महेंद्रगढ़ अस्पताल को पहले उप नागरिक अस्पताल का दर्जा था। कुछ महीनों से इसे नागरिक अस्पताल का दर्जा भी मिल गया है। जिसमें सभी स्पेशलिस्ट चिकित्सकों के पद भी सृजित किए गए हैं। अभी तक गायनोलॉजिस्ट के अलावा कोई पद नहीं भरा गया। अस्पताल में एक भी सर्जन और एमडी नहीं है। मात्र एमबीबीएस के सहारे काम चलाया जा रहा है। 2010 में डॉ. ईश्वर सिंह यहां सर्जन थे। उस समय लगभग 40 से 50 ऑपरेशन प्रति माह होते थे। लेकिन अब मरीजों को छोटे से छोटे ऑपरेशन के लिए निजी अस्पताल में जाना पड़ता है। जिससे परेशानी होती है सबसे ज्यादा गरीब वर्ग परेशान होता है। अस्पताल में 15 वर्षों से एमडी भी नहीं हैं। 2005 में डॉ. करण सिंह अस्पताल में एमडी के पद पर कार्य किया था। उनके जाने के बाद कोई एमडी नहीं आया।
विज्ञापन
इन विशेषज्ञों की है जरूरत
महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल को स्टाफ बढ़ाने की अनुमति आ गई है। अनुमति के बाद अस्पताल में 42 चिकित्सक होने हैं। जिनमें विशेषज्ञों की पोस्ट भी बनाई गई है। अस्पताल में आर्थोपेडिक्स, सर्जन, फिजिशियन (एमडी), बालरोग, ईएनटी आदि विशेषज्ञों की आवश्यकता है। इनके अभावों में मरीजों को ऑपरेशन के लिए नारनौल, रेवाड़ी, गुरुग्राम, जयपुर जाना पड़ता है।
विज्ञापन
ऐसे हो सकती है वैकल्पिक व्यवस्था
नारनौल और महेंद्रगढ़ दोनों ही नागरिक अस्पताल हैं। नारनौल में दो सर्जन काम कर रहे हैं। इनमें से एक सर्जन को महेंद्रगढ़ नियुक्त किया जा सकता है। जब तक कोई स्थायी सर्जन महेंद्रगढ़ नहीं आ जाता तब तक डेपुटेशन से काम चलाया जा सकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अपनी पॉवर से कुछ दिनों के लिए एक सर्जन को डेपुटेशन पर भेज सकते हैं। इसके बाद वह चंडीगढ़ उच्च अधिकारियों से अनुमति लेकर डेपुटेशन की अवधि बढ़वा सकते हैं।
सतनाली एरिया को सबसे अधिक परेशानी
महेंद्रगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत करीब 250 गांव एवं 30 से 35 ढाणियां आती हैं। इनमें सबसे अधिक परेशानी श्यामपुरा, कुम्हारों की ढाणी, सतनाली, बास, पथरवा, डिगरोता, नावां, सेहलंग, नौताना, बाघोत, बवाना, आकोदा, खुडाना, बास, बसई सहित अनेक गांवों के मरीजों को उठानी पड़ती है। इन मरीजों को छोटे से छोटे ऑपरेशन के लिए नारनौल जाना पड़ता है जो लगभग 50 किलोमीटर से अधिक दूूरी पर पड़ता है।
नारनौल में दो सर्जन काम कर रहे हैं। मैं बाहर हूं। महेंद्रगढ़ उप नागरिक अस्पताल में स्टाफ बढ़ाया जाना प्रस्तावित है। एक या दो दिन में एक सर्जन को हम महेंद्रगढ़ डेपुट कर देंगे।
- संतलाल वर्मा, सीएमओ, महेंद्रगढ़।