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Mahendragarh-Narnaul News: जूडो प्रतियोगिता में पदक जीतकर खिलाड़ी कर रहे क्षेत्र का नाम रोशन
Fri, 11 Oct 2024 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 11 Oct 2024 12:29 AM IST
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फोटो नंबर-10सुभाष स्टेडियम में जूड़ो का प्रशिक्षण लेते खिलाड़ी। संवाद
नारनौल। शिक्षा के साथ-साथ क्षेत्र के बच्चे अब खेलों में भी रुचि दिखा रहें हैं। जिन खेलों में बच्चों की सबसे ज्यादा रूचि है, उसमें जूडो भी प्रमुख है।
क्षेत्र में जूडो की ट्रेनिंग नारनौल स्थित सुभाष स्टेडियम में दी जाती है। इसमें ट्रेनिंग के लिए अभी केवल एक कोच को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सीहमा, नीरपुर और ककराला में बच्चों को जूडो की ट्रेनिंग दी जाती है। सुभाष स्टेडियम में 45 बच्चों को जूडो की ट्रेनिंग दी जा रही है, वहीं सीहमा, नीरपुर और ककराला में भी करीब 90 बच्चों को जूडो की ट्रेनिंग दी जा रही है। बच्चों को जूडो की ट्रेनिंग निशुल्क दी जाती है। सरकार द्वारा आहार के लिए ट्रेनिंग ले रहें 15 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को 2000 रुपये प्रतिमाह और 8 से 15 साल तक की उम्र के बच्चों को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। आहार के लिए रुपये ट्रेनिंग लेने वाले उन बच्चों को दिए जाते हैं, जिन्होंने नर्सरी ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन किया है। सुभाष स्टेडियम में खेल संबंधित मैट सहित अन्य कई सुविधाएं खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध करवाई गई है ताकि अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने जीते कई पदक
जूडो की ट्रेनिंग ले रहें कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेकर कई पदक अपने नाम किए हैं। जूडो की ट्रेनिंग ले रहे 4 बच्चों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीते हैं। वहीं हाल ही में संपन्न स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में सुभाष स्टेडियम में जूडो की ट्रेनिंग ले रही कोमल सैनी ने कांस्य पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। ट्रेनिंग ले रहें खिलाड़ियों में करीब 35 लड़कियां भी शामिल है।
मेरा सपना है कि मैं एक दिन ओलंपिक में पदक जीत कर देश का नाम रोशन करू। ट्रेनिंग के दौरान काफी कुछ नए अनुभव सीखने को मिल रहें हैं। मैंने हाल ही में स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता है। मेरी इस सफलता में मेरे माता-पिता व कोचिंग स्टॉफ का विशेष योगदान है।
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कोमल सैनी, पीरआगा, नारनौल।
जूडो के प्रति रूचि रखने वाले सभी खिलाड़ियों को निशुल्क कोचिंग दी जाती है। जूडो सिर्फ एक खेल नहीं है अपितु आत्मरक्षा भी सिखाता है। इसलिए सभी बच्चे ज्यादा से ज्यादा ट्रेनिंग में हिस्सा लें। नर्सरी स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले 15 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को 2000 और 15 साल से कम उम्र के बच्चों को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं।
विवेक कुमार, जूडो कोच, नारनौल।
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क्षेत्र में जूडो की ट्रेनिंग नारनौल स्थित सुभाष स्टेडियम में दी जाती है। इसमें ट्रेनिंग के लिए अभी केवल एक कोच को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सीहमा, नीरपुर और ककराला में बच्चों को जूडो की ट्रेनिंग दी जाती है। सुभाष स्टेडियम में 45 बच्चों को जूडो की ट्रेनिंग दी जा रही है, वहीं सीहमा, नीरपुर और ककराला में भी करीब 90 बच्चों को जूडो की ट्रेनिंग दी जा रही है। बच्चों को जूडो की ट्रेनिंग निशुल्क दी जाती है। सरकार द्वारा आहार के लिए ट्रेनिंग ले रहें 15 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को 2000 रुपये प्रतिमाह और 8 से 15 साल तक की उम्र के बच्चों को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। आहार के लिए रुपये ट्रेनिंग लेने वाले उन बच्चों को दिए जाते हैं, जिन्होंने नर्सरी ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन किया है। सुभाष स्टेडियम में खेल संबंधित मैट सहित अन्य कई सुविधाएं खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध करवाई गई है ताकि अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने जीते कई पदक
जूडो की ट्रेनिंग ले रहें कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेकर कई पदक अपने नाम किए हैं। जूडो की ट्रेनिंग ले रहे 4 बच्चों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीते हैं। वहीं हाल ही में संपन्न स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में सुभाष स्टेडियम में जूडो की ट्रेनिंग ले रही कोमल सैनी ने कांस्य पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। ट्रेनिंग ले रहें खिलाड़ियों में करीब 35 लड़कियां भी शामिल है।
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मेरा सपना है कि मैं एक दिन ओलंपिक में पदक जीत कर देश का नाम रोशन करू। ट्रेनिंग के दौरान काफी कुछ नए अनुभव सीखने को मिल रहें हैं। मैंने हाल ही में स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता है। मेरी इस सफलता में मेरे माता-पिता व कोचिंग स्टॉफ का विशेष योगदान है।
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कोमल सैनी, पीरआगा, नारनौल।
जूडो के प्रति रूचि रखने वाले सभी खिलाड़ियों को निशुल्क कोचिंग दी जाती है। जूडो सिर्फ एक खेल नहीं है अपितु आत्मरक्षा भी सिखाता है। इसलिए सभी बच्चे ज्यादा से ज्यादा ट्रेनिंग में हिस्सा लें। नर्सरी स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले 15 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को 2000 और 15 साल से कम उम्र के बच्चों को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं।
विवेक कुमार, जूडो कोच, नारनौल।