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Mahendragarh-Narnaul News: कुओं व ढाणियों के लोगों को पैट प्रणाली का नहीं मिल रहा लाभ

Mon, 04 Sep 2023 12:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 04 Sep 2023 12:33 AM IST
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People of wells and dhanis are not getting the benefit of PAT system
मंडी अटेली। कुओं व ढाणियों में रहने वाले परिवारों को घरेलू बिजली सप्लाई हेतु प्रदेश सरकार द्वारा पैट प्रणाली चलाई गई थी, लेकिन एक दशक बाद भी निगम को सफलता नहीं मिल पाई है। इसके चलते कुआं व ढाणियों में रहने वाले परिवारों को मात्र आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। अटेली 132 केवी पावर हाउस से कांटी, भीलवाड़ा तथा महासर 32 केवी पावर हाउस जुड़े हुए हैं। इनसे 53 गांवों के 5760 उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई हो रही है। निगम की ओर से इन सभी उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से बिजली उपलब्ध कराने के लिए 30 फीडर बनाए गए हैं। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण यहां अधिकतर परिवार कुओं व ढाणियों में रहते हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में बिजली न मिलने के कारण उन्हें भारी परेशानी गुजरना पड़ता है। इसलिए क्षेत्र के लोगों ने पैट प्रणाली से जोड़ने की मांग की थी और सरकार ने किसानों की मांग को जायज मानते हुए इस कार्य की पहल भी की थी, लेकिन विडंबना है कि एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी बिजली निगम पूर्ण रूप से इस कार्य को अमलीजामा नहीं पहना पाया है। लंबे अर्से में मात्र दो तिहाई फीडरों को ही पैट प्रणाली से जोड़ने का कार्य किया गया है। बताया जाता है कि जिन फीडरों को जोड़ा गया है उनके उपभोक्ताओं को 16 घंटे बिजली मिल पा रही है। अन्य उसी हाल में अपना काम चला रहे हैं। एक नजर यदि फीडरों पर नजर डाले तो अटेली 132 पावर हाउस से 12 फीडर, महासर से 6 तथा भीलवाड़ा, गणियार व कांटी से चार-चार जुड़े हुए हैं, लेकिन भीलवाड़ा फीडर में 4 पैट के ट्रांसफॉर्मर की आवश्यकता होने के बावजूद अभी तक एक ही ट्रांसफार्मर लगाया गया है। कांटी व गणियार पावर हाउस में अभी एक एक ट्रांसफार्मर की जरूरत है। इसके अलावा महासर व अटेली को भी दो-दो ट्रांसफार्मर की आवश्यकता है। निगम इस कार्य को कब तक पूर्ण रूप से अमलीजामा पहनाता है यह तो भविष्य के गर्भ में है, लेकिन कुओं व ढाणियों पर रहने वाले परिवारों को आज भी बिजली की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। फिलहाल इन गांवों में 24 में मात्र 8 घंटे बिजली मिल रही है।
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पावर हाउस के अंतर्गत 53 गांव जुड़े हुए हैं। इनमें से कृषि उपभोक्ताओं के लिए 30 फीडर बनाए हुए हैं। इनमें 21 को पैट प्रणाली से जोड़ दिया गया है बाकी 9 फीडरों को भी पैट प्रणाली से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही इस कार्य को पूरा किया जाएगा ताकि किसानों को भी पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध हो सके।
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नरेंद्र कुमार जेई, बिजली निगम कार्यालय मंडी अटेली।
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