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Mahendragarh-Narnaul News: निजी सहायकों की मदद से काम करवाने वाले पटवारियों पर गिरेगी गाज
Wed, 01 Jan 2025 11:21 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 01 Jan 2025 11:21 PM IST
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फोटो नंबर- 17मंडी अटेली का तहसील कार्यालय।
- फोटो : किशनी के हिंदूपुर गांव में एक शिकारी के यहां पैर बंधे हुए बिक्री को रखा गया। संवाद
मंडी अटेली। अटेली को तहसील का दर्जा मिले बेशक एक दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन यहां अब भी कई समस्या बनी हुई है। मुख्य समस्या तहसील में पटवारियों का टोटा और पटवार घर न होना है। वहीं पटवारियों द्वारा निजी कार्यालयों में निजी सहायक बैठाकर काम काज कराना लोगों के लिए और समस्या बढ़ा रहा है।
ब्लॉक में पटवारी अलग-अलग स्थानों पर किराये के भवनों में कार्यालय बना कर बैठे हैं। इनको तलाश करने में भी नागरिकों को काफी परेशानी होती है। पटवारियों ने कृष्णा कुंज, अनाज मंडी, कनीना रोड व तोबडा सड़क पर किराये के भवनों में कार्यकाल बनाए हुए हैं। लोगों को जब पटवारी से काम होता है तो सबसे पहले तहसील से यह पता करना होता है किस गांव का पटवारी कौन है, वह कहां बैठता है। इसके बाद पटवारी की तलाश शुरू होती है। अगर तहसील में पटवार घर की सुविधा उपलब्ध हो तो लोगों को इस समस्या से तो निजात मिल सकती है, लेकिन सरकार व प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।
वहीं सरकार द्वारा निजी सहायक न रखने का पत्र जारी होने पर पटवारियों में खलबली मची हुई है। बताया जाता है इनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। क्योंकि इनका अधिकांश कार्य निजी सहायकों के माध्यम से हो रहा है। इसके कारण आम नागरिक परेशानी से गुजर रहा है। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। बता दें कि अटेली को 2011 में तहसील का दर्जा मिल गया था। उस समय क्षेत्र के लोगों में खुशी थी कि उनके जमीन से जुड़े सारे काम एक छत के नीचे ही हो जाएंगे। वहीं विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार का प्रमाण पत्र निर्धारित समय में मिल जाएंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया।
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इंसेट
अटेली तहसील में आते हैं 52 गांव
अटेली तहसील के अंतर्गत 52 गांव हैं। इनको 14 सर्कल में बांटा गया है। प्रत्येक सर्कल पर एक पटवारी होना आवश्यक है, लेकिन इस समय तहसील में मात्र चार पटवारी ही स्थायी रूप से तैनात हैं। शेष पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में आमजन का कार्य समय पर भी हो रहा। लोग चक्कर लगा लगा कर परेशान भी हो रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या पटवार घर की सुविधा उपलब्ध नहीं होने की है।
वर्जन
तहसील कार्यालय में पटवार घर नहीं होने के कारण पटवारियों ने निजी कार्यालय बनाएं हैं, जहां वह अपना काम करते हैं। जहां तक निजी सहायकों की बात है यह मामला संज्ञान में नहीं है। फिर भी इस तरह की कोई बात सामने आती है तो संबंधित पटवारी पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।- संजीव नागर, तहसीलदार मंडी अटेली।
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ब्लॉक में पटवारी अलग-अलग स्थानों पर किराये के भवनों में कार्यालय बना कर बैठे हैं। इनको तलाश करने में भी नागरिकों को काफी परेशानी होती है। पटवारियों ने कृष्णा कुंज, अनाज मंडी, कनीना रोड व तोबडा सड़क पर किराये के भवनों में कार्यकाल बनाए हुए हैं। लोगों को जब पटवारी से काम होता है तो सबसे पहले तहसील से यह पता करना होता है किस गांव का पटवारी कौन है, वह कहां बैठता है। इसके बाद पटवारी की तलाश शुरू होती है। अगर तहसील में पटवार घर की सुविधा उपलब्ध हो तो लोगों को इस समस्या से तो निजात मिल सकती है, लेकिन सरकार व प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।
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वहीं सरकार द्वारा निजी सहायक न रखने का पत्र जारी होने पर पटवारियों में खलबली मची हुई है। बताया जाता है इनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। क्योंकि इनका अधिकांश कार्य निजी सहायकों के माध्यम से हो रहा है। इसके कारण आम नागरिक परेशानी से गुजर रहा है। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। बता दें कि अटेली को 2011 में तहसील का दर्जा मिल गया था। उस समय क्षेत्र के लोगों में खुशी थी कि उनके जमीन से जुड़े सारे काम एक छत के नीचे ही हो जाएंगे। वहीं विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार का प्रमाण पत्र निर्धारित समय में मिल जाएंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया।
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अटेली तहसील में आते हैं 52 गांव
अटेली तहसील के अंतर्गत 52 गांव हैं। इनको 14 सर्कल में बांटा गया है। प्रत्येक सर्कल पर एक पटवारी होना आवश्यक है, लेकिन इस समय तहसील में मात्र चार पटवारी ही स्थायी रूप से तैनात हैं। शेष पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में आमजन का कार्य समय पर भी हो रहा। लोग चक्कर लगा लगा कर परेशान भी हो रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या पटवार घर की सुविधा उपलब्ध नहीं होने की है।
वर्जन
तहसील कार्यालय में पटवार घर नहीं होने के कारण पटवारियों ने निजी कार्यालय बनाएं हैं, जहां वह अपना काम करते हैं। जहां तक निजी सहायकों की बात है यह मामला संज्ञान में नहीं है। फिर भी इस तरह की कोई बात सामने आती है तो संबंधित पटवारी पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।- संजीव नागर, तहसीलदार मंडी अटेली।