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डस्टबिन घोटाले में पाथेड़ा की सरपंच कृष्णा देवी गिरफ्तार ,न्यायिक हिरासत में भेजा
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डस्टबिन घोटाले में गांव पाथेड़ा की सरपंच कृष्णा देवी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। महेंद्रगढ़ के कार्यवाहक एसएचओ कृपाल सिंह ने बताया कि कृष्णा देवी को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
तीन वर्ष पहले ग्राम पाथेड़ा की सरपंच कृष्णा देवी पर डस्टबिन घोटाले की जांच के लिए ग्रामीण बच्चन सिंह ने सीएम विंडो में शिकायत दर्ज कराई थी। पंचायत विभाग के एसडीओ ने 15 नवंबर 2017 को गांव जाकर जांच की। उन्होंने 5 फरवरी 2018 को अपनी रिपोर्ट सीएम विंडो पर अपलोड करते हुए 137201.78 रुपये का डस्टबिन घोटाला उजागर किया। बीडीपीओ कनीना ने इस पर कार्रवाई करते हुए 1 मई 2018 को पुलिस थाना महेंद्रगढ़ को सरपंच कृष्णा देवी पर मुकदमा दर्ज करने के लिए लिखित आदेश दिया था। एसएचओ महेंद्रगढ़ ने 2 मई 2018 को विभिन्न धाराओं के तहत सरपंच कृष्णा देवी पर एफआईआर नंबर 203 मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मुकदमे को दर्ज होने के दो साल बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। शिकायतकर्ता बच्चन सिंह ने थाना महेंद्रगढ़, डीएसपी, एसपी महेंद्रगढ़ के कार्यालय में कई बार शिकायत दी। बच्चन सिंह ने बताया कि 25 फरवरी 2020 को तत्कालीन उपायुक्त जगदीश शर्मा ने पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 511 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरपंच कृष्णा देवी को निलंबित किया। चल अचल संपत्ति का चार्ज बहुमत वाले पंच को सौंपने के निर्देश दिए। करीब दो महीने पहले उपायुक्त आरके सिंह ने सरपंच कृष्णा देवी को बहाल कर दिया था। इसके बाद बच्चन सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
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तीन वर्ष पहले ग्राम पाथेड़ा की सरपंच कृष्णा देवी पर डस्टबिन घोटाले की जांच के लिए ग्रामीण बच्चन सिंह ने सीएम विंडो में शिकायत दर्ज कराई थी। पंचायत विभाग के एसडीओ ने 15 नवंबर 2017 को गांव जाकर जांच की। उन्होंने 5 फरवरी 2018 को अपनी रिपोर्ट सीएम विंडो पर अपलोड करते हुए 137201.78 रुपये का डस्टबिन घोटाला उजागर किया। बीडीपीओ कनीना ने इस पर कार्रवाई करते हुए 1 मई 2018 को पुलिस थाना महेंद्रगढ़ को सरपंच कृष्णा देवी पर मुकदमा दर्ज करने के लिए लिखित आदेश दिया था। एसएचओ महेंद्रगढ़ ने 2 मई 2018 को विभिन्न धाराओं के तहत सरपंच कृष्णा देवी पर एफआईआर नंबर 203 मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मुकदमे को दर्ज होने के दो साल बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। शिकायतकर्ता बच्चन सिंह ने थाना महेंद्रगढ़, डीएसपी, एसपी महेंद्रगढ़ के कार्यालय में कई बार शिकायत दी। बच्चन सिंह ने बताया कि 25 फरवरी 2020 को तत्कालीन उपायुक्त जगदीश शर्मा ने पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 511 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरपंच कृष्णा देवी को निलंबित किया। चल अचल संपत्ति का चार्ज बहुमत वाले पंच को सौंपने के निर्देश दिए। करीब दो महीने पहले उपायुक्त आरके सिंह ने सरपंच कृष्णा देवी को बहाल कर दिया था। इसके बाद बच्चन सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
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