{"_id":"5e3085738ebc3e4b2736d98b","slug":"pardon-was-laid-before-the-foundation-stone-of-the-rest-house-narnol-news-rtk53947864","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह माह पहले किया था रेस्ट हाउस का शिलान्यास, अब तक जमीन ही नहीं मिली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह माह पहले किया था रेस्ट हाउस का शिलान्यास, अब तक जमीन ही नहीं मिली
विज्ञापन
10 अगस्त 2019 को लोक निर्माण विश्राम गृह महेंद्रगढ़ का शिलान्यास करते तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री र?
- फोटो : Narnol
गांव पायगा की दो एकड़ जमीन पर प्रस्तावित लोक निर्माण विभाग का रेस्ट हाउस के लिए अभी इंतजार करना होगा। आधारशिला पत्थर रखने के छह महीने बाद भी विभाग को जमीन ट्रांसफर नहीं हो सकी है।
पंचायत एवं विकास अधिकारी के उच्च अधिकारियों ने दो बार आपत्ति लगाकर फाइल वापस भेज दी। अब एक सप्ताह पूर्व ही विभाग ने फाइल की कमियों को दुरस्त कर वापस चंडीगढ़ भेजी है।
अगस्त 2019 में तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह, तात्कालीन शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने लगभग आठ करोड़ रुपये से बनने वाले रेस्ट हाउस का शिलान्यास पत्थर रखा था। महेंद्रगढ़ में कैंची मोड़ के पास गांव पायगा की दो एकड़ जमीन पर रेस्ट हाउस बनाने का निर्णय लिया गया था। गांव के सरपंच सुरेंद्र सिंह ने जमीन का प्रस्ताव मंजूर कर संबंधित विभाग को सौंप दिया था। जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने अपनी फाइल उच्च अधिकारियों को भेज दी थी। जमीन को विभाग के नाम ट्रांसफर करने की फाइल पर पीडब्ल्यूडी ने दो बार ओब्जेक्शन लगा दिया। पिछले सप्ताह पंचायत एवं विकास विभाग ने इन कमियों को दूर कर केस वापस भेज दिया है। सरकार की ओर से रेस्ट हाउस के लिए लगभग 7.67 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इसमें 1.36 करोड रुपये से जमीन खरीदी जाएगी। 6.31 लाख रुपये से निर्माण कार्य किया जाएगा। रेस्ट हाउस के लिए जमीन मिलने के बाद ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
विज्ञापन
लोक निर्माण विश्राम गृह आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। रेस्ट हाउस में आठ कमरे बनाए जाएंगे। इनमें से एक सीएम सूट, तीन वीआईपी सूट तथा चार ऑफिसर कक्ष बनाए जाएंगे। प्रत्येक कक्ष के साथ शौचालय एवं स्नानगृह अटैच होंगे। एक कांफ्रेंस रूम तथा एक डोरमेटरी भी होगी।
विभाग के उच्च अधिकारियों से रेस्ट हाउस की फाइल पर आपत्ति लगकर आया था। आठ दिन पहले विभाग की ओर से फाइल भेज दी गई है। मुुख्यालय की ओर से मांगी गई सभी जानकारी भेज दी गई हैं।
- ऋषि दांगी, पंचायत एवं विकास अधिकारी, महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
पंचायत एवं विकास अधिकारी के उच्च अधिकारियों ने दो बार आपत्ति लगाकर फाइल वापस भेज दी। अब एक सप्ताह पूर्व ही विभाग ने फाइल की कमियों को दुरस्त कर वापस चंडीगढ़ भेजी है।
विज्ञापन
अगस्त 2019 में तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह, तात्कालीन शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने लगभग आठ करोड़ रुपये से बनने वाले रेस्ट हाउस का शिलान्यास पत्थर रखा था। महेंद्रगढ़ में कैंची मोड़ के पास गांव पायगा की दो एकड़ जमीन पर रेस्ट हाउस बनाने का निर्णय लिया गया था। गांव के सरपंच सुरेंद्र सिंह ने जमीन का प्रस्ताव मंजूर कर संबंधित विभाग को सौंप दिया था। जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने अपनी फाइल उच्च अधिकारियों को भेज दी थी। जमीन को विभाग के नाम ट्रांसफर करने की फाइल पर पीडब्ल्यूडी ने दो बार ओब्जेक्शन लगा दिया। पिछले सप्ताह पंचायत एवं विकास विभाग ने इन कमियों को दूर कर केस वापस भेज दिया है। सरकार की ओर से रेस्ट हाउस के लिए लगभग 7.67 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इसमें 1.36 करोड रुपये से जमीन खरीदी जाएगी। 6.31 लाख रुपये से निर्माण कार्य किया जाएगा। रेस्ट हाउस के लिए जमीन मिलने के बाद ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
विज्ञापन
लोक निर्माण विश्राम गृह आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। रेस्ट हाउस में आठ कमरे बनाए जाएंगे। इनमें से एक सीएम सूट, तीन वीआईपी सूट तथा चार ऑफिसर कक्ष बनाए जाएंगे। प्रत्येक कक्ष के साथ शौचालय एवं स्नानगृह अटैच होंगे। एक कांफ्रेंस रूम तथा एक डोरमेटरी भी होगी।
विभाग के उच्च अधिकारियों से रेस्ट हाउस की फाइल पर आपत्ति लगकर आया था। आठ दिन पहले विभाग की ओर से फाइल भेज दी गई है। मुुख्यालय की ओर से मांगी गई सभी जानकारी भेज दी गई हैं।
- ऋषि दांगी, पंचायत एवं विकास अधिकारी, महेंद्रगढ़।