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नागरिक अस्पताल के कंडम घोषित भवन में चल रही ओपीडी
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नागरिक अस्पताल की दूसरी मंजिल की दीवार पर बिखरी गंदगी। संवाद
- फोटो : Narnol
नारनौल। स्थानीय नागरिक अस्पताल कहने को तो जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है लेकिन यहां चिकित्सकों और चिकित्सीय सुविधाओं की कमी बनी हुई है। अस्पताल का पुराना भवन जर्जर हो चुका है। लोक निर्माण विभाग इसे कंडम घोषित कर चुका है लेकिन इसमें गायनी वार्ड के अलावा ओपीडी चलाई जा रही है।
हालांकि अस्पताल परिसर में एक तीन मंजिला नया भवन बनाया गया है। इसके प्रथम तल पर आपातकालीन वार्ड, दूसरे तल पर आईसीयू, कोविड और डेंगू वार्ड है। तीसरे तल पर सिविल सर्जन के अलावा अन्य कार्यालय हैं। नये भवन का निर्माण कार्य अभी चल रहा है।
अस्पताल के पुराने कंडम घोषित हो चुके भवन में समस्याएं अधिक हैं। इस भवन में चल रहे गायनी वार्ड के पास अक्सर गंदगी नजर आती है। इस वार्ड के पीछे गंदगी डाली जा रही है। वहीं शौचालय गंदगी से अटा है जिससे मरीज और उनके तीमारदारों को परेशानी होती है। शौचालय इस्तेमाल के लायक नहीं होने से मरीज के साथ आने वाले लोग गायनी वार्ड के पीछे खुले में शौच आदि करते हैं। वहीं पीपीटी सेंटर के पास बड़ी नाली और सीवर है। इनकी नियमित सफाई न होने से गंदगी का आलम बना रहता है। नागरिक अस्पताल के वार्डों की नियमित साफ-सफाई तो होती है लेकिन वार्डों में और सफाई की जरूरत महसूस की जा रही है।
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बेडों पर नहीं बदली जातीं चादरें
स्वास्थ्य विभाग भले ही प्रतिदिन वार्डों के बेडों की चादरें बदलने का दावा कर रहा हो लेकिन सच्चाई इसके विपरीत हैै। बेड के चादरों को देखकर नहीं लगता कि उनकी धुलाई भी की गई है। ऐसे में मरीज गंदी चादरों पर ही सोने को मजबूर होते हैं। गर्मी के मौसम में कर्मचारी मरीजों को चादर नहीं देते हैं। जबकि अस्पताल प्रशासन की ओर से चादरों की धुलाई के लिए कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं।
वर्जन -
नागरिक अस्पताल के शौचालयों की नियमित सफाई करवाई जाती है। सभी वार्डों की नियमित सफाई करने के निर्देश संबंधित कर्मचारी को दिए गए हैं। अस्पताल का नया भवन जल्द बनने वाला है। इसके बाद चिकित्सा सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी। -डॉ. केएम शर्मा, स्वास्थ्य अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल।
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हालांकि अस्पताल परिसर में एक तीन मंजिला नया भवन बनाया गया है। इसके प्रथम तल पर आपातकालीन वार्ड, दूसरे तल पर आईसीयू, कोविड और डेंगू वार्ड है। तीसरे तल पर सिविल सर्जन के अलावा अन्य कार्यालय हैं। नये भवन का निर्माण कार्य अभी चल रहा है।
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अस्पताल के पुराने कंडम घोषित हो चुके भवन में समस्याएं अधिक हैं। इस भवन में चल रहे गायनी वार्ड के पास अक्सर गंदगी नजर आती है। इस वार्ड के पीछे गंदगी डाली जा रही है। वहीं शौचालय गंदगी से अटा है जिससे मरीज और उनके तीमारदारों को परेशानी होती है। शौचालय इस्तेमाल के लायक नहीं होने से मरीज के साथ आने वाले लोग गायनी वार्ड के पीछे खुले में शौच आदि करते हैं। वहीं पीपीटी सेंटर के पास बड़ी नाली और सीवर है। इनकी नियमित सफाई न होने से गंदगी का आलम बना रहता है। नागरिक अस्पताल के वार्डों की नियमित साफ-सफाई तो होती है लेकिन वार्डों में और सफाई की जरूरत महसूस की जा रही है।
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बेडों पर नहीं बदली जातीं चादरें
स्वास्थ्य विभाग भले ही प्रतिदिन वार्डों के बेडों की चादरें बदलने का दावा कर रहा हो लेकिन सच्चाई इसके विपरीत हैै। बेड के चादरों को देखकर नहीं लगता कि उनकी धुलाई भी की गई है। ऐसे में मरीज गंदी चादरों पर ही सोने को मजबूर होते हैं। गर्मी के मौसम में कर्मचारी मरीजों को चादर नहीं देते हैं। जबकि अस्पताल प्रशासन की ओर से चादरों की धुलाई के लिए कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं।
वर्जन -
नागरिक अस्पताल के शौचालयों की नियमित सफाई करवाई जाती है। सभी वार्डों की नियमित सफाई करने के निर्देश संबंधित कर्मचारी को दिए गए हैं। अस्पताल का नया भवन जल्द बनने वाला है। इसके बाद चिकित्सा सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी। -डॉ. केएम शर्मा, स्वास्थ्य अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल।