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दस हजार उपभोक्ताओं पर मात्र दो कर्मचारी ले रहे हैं रीडिंग
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महेंद्रगढ़ बिजली विभाग का कार्यालय
- फोटो : Narnol
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महेंद्रगढ़। शहर में उपभोक्ताओं को पिछले पांच महीनों से बिल नहीं मिल रहे। पहले कोरोना संक्रमण बढ़ जाने की वजह से मीटर रीडिंग नहीं ली गई और अब शहर में मात्र दो मीटर रीडर रीडिंग के लिए लगाए गए हैं जो वहीं रीडिंग लेकर मशीन से बिजली बिल दे रहे हैं। परंतु दस हजार उपभोक्ताओं को दो मीटर रीडर कितने दिन में बिल वितरित करेंगे यह समझ से परे हैं।
वहीं बिल नहीं आने की वजह से उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि कोरोना काल में उन्हें समय पर बिजली बिल नहीं मिल रहे। जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ता बिजली बिल लेने के लिए निगम दफ्तर के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। लेकिन इस ओर बिजली निगम के अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।
बता दें कि शहर में जनवरी माह से बिजली बिल नहीं दिए जा रहे। बिजली निगम के अनुसार घरेलू कनेक्शन के बिल दो माह में दिए जाते हैं। जनवरी-फरवरी माह का बिजली बिल मार्च में जारी होना था जो कि अभी तक नहीं भेजे गए। कोरोना संक्रमण बढ़ने की वजह से मार्च और अप्रैल की मीटर रीडिंग नहीं हो पाई जिस वजह से मई में भी बिल नहीं भेजे गए। मई अंतिम सप्ताह से मीटर रीडर रीडिंग के साथ बिजली बिल भी वितरित कर रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता चिंतित हो रहे हैं कि पांच महीने का बिल होने से वो कैसे एकसाथ भर पाएंगे।
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शहर में दस हजार उपभोक्ता, मात्र दो मीटर रीडर:
शहर में बिजली निगम के लगभग दस हजार उपभोक्ता है। इनके मीटरों की रीडिंग लेने के लिए मात्र दो मीटर रीडर लगाए गए हैं। इस बार मीटर नंबर भी चेंज किए जा रहे हैं। मीटर नंबर दस अंकों का दिया जा रहा है। रीडर मौके पर जाकर रीडिंग लेकर मौके पर बिल दे रहे हैं। सवाल यह है कि एक मीटर रीडर दिनभर में मात्र 50 से 60 बिल वितरित कर सकता हैं। दो मीटर रीडर तो दो महीने में भी ये बिल वितरित नहीं कर पाएंगे।
क्या बोले उपभोक्ता
सतीश कौशिक, दलीप, संदीप, नरेश, पवन आदि ने बताया कि पिछले पांच माह से निगम द्वारा बिजली बिल वितरित नहीं किए गए हैं। ऐसे में उन्हें देरी से बिल भरने के लिए सरचार्ज की राशि भरनी पड़ेगी। उपभोक्ताओं ने बताया कि न तो बिजली बिल को लेकर कोई मैसेज मोबाइल पर आ रहा है तथा न ही बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। निगम अधिकारियों की लापरवाही से अटके बिजली बिलों का भुगतान एक साथ कर पाना सभी उपभोक्ताओं के लिए संभव नहीं है। पांच माह या इससे अधिक समय का बिल एक साथ आने से सरकार द्वारा तय किए गए मानकों के अनुसार उपभोक्ताओं को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।
कोरोना बढ़ने के कारण बिलों में देरी हो गई थी। इस वजह से बिल नहीं भेजे गए थे। अब दस अंकों के नए मीटर नंबर दिए जा रहे हैं और मौके पर ही रीडिंग लेकर उनको बिल भी दे रहे हैं। दस हजार उपभोक्ताओं को हमने दो हिस्सों में बांटा हुआ है। एक महीने में पांच हजार उपभोक्ताओं तथा उससे अगले महीने पांच हजार दूसरे उपभोक्ताओं को बिल वितरित करते हैं। अभी तक शहर के अधिकतर बिल वितरित किए जा चुका हैं, जहां पर नहीं हुए हैं वो भी जल्द करवा देंगे। सरकार की ओर से सरचार्ज माफ किया गया है। वहीं स्लैब प्रणाली में भी कोई दिक्कत नहीं है। चार महीने का बिल नहीं आया है तो औसत रीडिंग के अनुसार बिल दिए जा रहे हैं। इससे निगम को ही नुकसान हो रहा है।
-बुधराम पंवार, एक्सईएन, बिजली निगम, महेंद्रगढ़।
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वहीं बिल नहीं आने की वजह से उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि कोरोना काल में उन्हें समय पर बिजली बिल नहीं मिल रहे। जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ता बिजली बिल लेने के लिए निगम दफ्तर के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। लेकिन इस ओर बिजली निगम के अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।
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बता दें कि शहर में जनवरी माह से बिजली बिल नहीं दिए जा रहे। बिजली निगम के अनुसार घरेलू कनेक्शन के बिल दो माह में दिए जाते हैं। जनवरी-फरवरी माह का बिजली बिल मार्च में जारी होना था जो कि अभी तक नहीं भेजे गए। कोरोना संक्रमण बढ़ने की वजह से मार्च और अप्रैल की मीटर रीडिंग नहीं हो पाई जिस वजह से मई में भी बिल नहीं भेजे गए। मई अंतिम सप्ताह से मीटर रीडर रीडिंग के साथ बिजली बिल भी वितरित कर रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता चिंतित हो रहे हैं कि पांच महीने का बिल होने से वो कैसे एकसाथ भर पाएंगे।
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शहर में दस हजार उपभोक्ता, मात्र दो मीटर रीडर:
शहर में बिजली निगम के लगभग दस हजार उपभोक्ता है। इनके मीटरों की रीडिंग लेने के लिए मात्र दो मीटर रीडर लगाए गए हैं। इस बार मीटर नंबर भी चेंज किए जा रहे हैं। मीटर नंबर दस अंकों का दिया जा रहा है। रीडर मौके पर जाकर रीडिंग लेकर मौके पर बिल दे रहे हैं। सवाल यह है कि एक मीटर रीडर दिनभर में मात्र 50 से 60 बिल वितरित कर सकता हैं। दो मीटर रीडर तो दो महीने में भी ये बिल वितरित नहीं कर पाएंगे।
क्या बोले उपभोक्ता
सतीश कौशिक, दलीप, संदीप, नरेश, पवन आदि ने बताया कि पिछले पांच माह से निगम द्वारा बिजली बिल वितरित नहीं किए गए हैं। ऐसे में उन्हें देरी से बिल भरने के लिए सरचार्ज की राशि भरनी पड़ेगी। उपभोक्ताओं ने बताया कि न तो बिजली बिल को लेकर कोई मैसेज मोबाइल पर आ रहा है तथा न ही बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। निगम अधिकारियों की लापरवाही से अटके बिजली बिलों का भुगतान एक साथ कर पाना सभी उपभोक्ताओं के लिए संभव नहीं है। पांच माह या इससे अधिक समय का बिल एक साथ आने से सरकार द्वारा तय किए गए मानकों के अनुसार उपभोक्ताओं को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।
कोरोना बढ़ने के कारण बिलों में देरी हो गई थी। इस वजह से बिल नहीं भेजे गए थे। अब दस अंकों के नए मीटर नंबर दिए जा रहे हैं और मौके पर ही रीडिंग लेकर उनको बिल भी दे रहे हैं। दस हजार उपभोक्ताओं को हमने दो हिस्सों में बांटा हुआ है। एक महीने में पांच हजार उपभोक्ताओं तथा उससे अगले महीने पांच हजार दूसरे उपभोक्ताओं को बिल वितरित करते हैं। अभी तक शहर के अधिकतर बिल वितरित किए जा चुका हैं, जहां पर नहीं हुए हैं वो भी जल्द करवा देंगे। सरकार की ओर से सरचार्ज माफ किया गया है। वहीं स्लैब प्रणाली में भी कोई दिक्कत नहीं है। चार महीने का बिल नहीं आया है तो औसत रीडिंग के अनुसार बिल दिए जा रहे हैं। इससे निगम को ही नुकसान हो रहा है।
-बुधराम पंवार, एक्सईएन, बिजली निगम, महेंद्रगढ़।