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Mahendragarh-Narnaul News: खाद-बीज के लिए एक ही गोदाम, 40 गांव परेशान
Sun, 19 Jan 2025 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 19 Jan 2025 12:09 AM IST
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फोटो नंबर-07अटेली के ग्रामीण क्षेत्र में खंडहर हुई दी कोपरेटिव सहकारिता पैक्स की इमारत।संवाद
- फोटो : विकास भवन में बैठक के दौरान निर्देश देते सीडीओ डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र।
जितेंद्र सोलंकी
मंडी अटेली। द कोऑपरेटिव सहकारिता पैक्स की ग्रामीण क्षेत्रों में बनी इमारतें खंडहर हो गईं। इससे छह शाखाएं बंद हो गई हैं। इससे ग्रामीणों को खाद-बीज आदि खरीदने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अटेली कस्बे में स्थापित द कोऑपरेटिव सहकारिता बैंक के अंतर्गत 40 गांव आते हैं। इन गांवों के नागरिकों को बैंकिंग सुविधा देने के लिए खेड़ी, कांटी, गणियार, गुजरवास, तुर्कीयावास, राता और सैदपुर में बैंक शाखाएं खोली गई थीं। इनकी इमारतों का निर्माण 1980 के दशक में किया गया था, लेकिन अब ये इमारतें खंडहर हो चुकी हैं।
कस्बे में स्थापित बैंक शाखाएं किराये के भवन में चल रही हैं।
गांवों में खोली गईं शाखाएं बंद होने के कारण ग्राहकों को अटेली बैंक में लेनदेन के लिए आना-जाना पड़ता है।
इसके कारण ग्राहकों काे समय व आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। बताया जाता है कि किसानों को वितरित किए जाने वाले खाद, बीज की किल्लत का सामना करना पड़ता है। चूंकि गांव राता कलां में स्थापित पैक्स में ही गोदाम है, जो खेड़ी गांव से 30 किलोमीटर दूर है। इतनी दूरी का सफर तय करने में किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्राहकों ने सरकार से मांग कि है कि शाखाओं को दोबारा चालू किया जाए, ताकि गांव में ही सुविधा उपलब्ध हो सके।
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मंडी अटेली। द कोऑपरेटिव सहकारिता पैक्स की ग्रामीण क्षेत्रों में बनी इमारतें खंडहर हो गईं। इससे छह शाखाएं बंद हो गई हैं। इससे ग्रामीणों को खाद-बीज आदि खरीदने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अटेली कस्बे में स्थापित द कोऑपरेटिव सहकारिता बैंक के अंतर्गत 40 गांव आते हैं। इन गांवों के नागरिकों को बैंकिंग सुविधा देने के लिए खेड़ी, कांटी, गणियार, गुजरवास, तुर्कीयावास, राता और सैदपुर में बैंक शाखाएं खोली गई थीं। इनकी इमारतों का निर्माण 1980 के दशक में किया गया था, लेकिन अब ये इमारतें खंडहर हो चुकी हैं।
कस्बे में स्थापित बैंक शाखाएं किराये के भवन में चल रही हैं।
गांवों में खोली गईं शाखाएं बंद होने के कारण ग्राहकों को अटेली बैंक में लेनदेन के लिए आना-जाना पड़ता है।
इसके कारण ग्राहकों काे समय व आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। बताया जाता है कि किसानों को वितरित किए जाने वाले खाद, बीज की किल्लत का सामना करना पड़ता है। चूंकि गांव राता कलां में स्थापित पैक्स में ही गोदाम है, जो खेड़ी गांव से 30 किलोमीटर दूर है। इतनी दूरी का सफर तय करने में किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्राहकों ने सरकार से मांग कि है कि शाखाओं को दोबारा चालू किया जाए, ताकि गांव में ही सुविधा उपलब्ध हो सके।
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