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Mahendragarh-Narnaul News: खाद खरीदने से पहले करनी होगी ऑनलाइन बुकिंग, क्यूआर कोड से मिलेगा उर्वरक
Tue, 16 Jun 2026 11:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:33 PM IST
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नारनौल। किसानों को अब खाद खरीदने के लिए पहले मोबाइल एप पर पंजीकरण कर अग्रिम बुकिंग करनी होगी। रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में उर्वरक वितरण के लिए ''फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल'' का पायलट प्रोजेक्ट लागू किया है। इसका उद्देश्य वास्तविक किसानों को निर्बाध खाद उपलब्ध कराना और इसकी कालाबाजारी पर रोक लगाना है
इसके तहत किसानों की भूमि और फसल संबंधी जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार किसान मोबाइल एप के माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे।
जिन किसानों की किसान आईडी पहले से एग्रीस्टैक पोर्टल पर बनी हुई है, उनकी भूमि संबंधी जानकारी स्वतः एप में दिखाई देगी। अन्य किसानों को भूमि का विवरण स्वयं दर्ज करना होगा, जिसका संबंधित विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में आधार नंबर अनिवार्य रहेगा।
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किसानों को आवश्यक उर्वरक की मात्रा एप में दर्ज कर अग्रिम बुकिंग करनी होगी। बुकिंग पूरी होने के बाद एक क्यूआर कोड और टोकन नंबर जारी होगा। उर्वरक विक्रेता पीओएस मशीन से इस क्यूआर कोड को स्कैन कर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद उर्वरक उपलब्ध कराएंगे। इससे उर्वरकों के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और कृषि विकास की योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है, वे कॉमन सर्विस सेंटर, खुदरा विक्रेताओं या स्वयं सहायता समूहों की मदद से भी बुकिंग करा सकेंगे।
वर्जन:
जिले में पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा, इसको लेकर कृषि विभाग की तरफ से सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रोजेक्ट लागू होने के बाद किसान खाद के लिए अग्रिम बुकिंग भी कर सकेगा। जिसके बाद वह 72 घंटे में उस दुकान से ले सकेगा।संजय यादव, क्यूसीआई कृषि विभाग।
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इसके तहत किसानों की भूमि और फसल संबंधी जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार किसान मोबाइल एप के माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे।
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जिन किसानों की किसान आईडी पहले से एग्रीस्टैक पोर्टल पर बनी हुई है, उनकी भूमि संबंधी जानकारी स्वतः एप में दिखाई देगी। अन्य किसानों को भूमि का विवरण स्वयं दर्ज करना होगा, जिसका संबंधित विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में आधार नंबर अनिवार्य रहेगा।
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किसानों को आवश्यक उर्वरक की मात्रा एप में दर्ज कर अग्रिम बुकिंग करनी होगी। बुकिंग पूरी होने के बाद एक क्यूआर कोड और टोकन नंबर जारी होगा। उर्वरक विक्रेता पीओएस मशीन से इस क्यूआर कोड को स्कैन कर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद उर्वरक उपलब्ध कराएंगे। इससे उर्वरकों के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और कृषि विकास की योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है, वे कॉमन सर्विस सेंटर, खुदरा विक्रेताओं या स्वयं सहायता समूहों की मदद से भी बुकिंग करा सकेंगे।
वर्जन:
जिले में पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा, इसको लेकर कृषि विभाग की तरफ से सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रोजेक्ट लागू होने के बाद किसान खाद के लिए अग्रिम बुकिंग भी कर सकेगा। जिसके बाद वह 72 घंटे में उस दुकान से ले सकेगा।संजय यादव, क्यूसीआई कृषि विभाग।