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एक हजार के नोट जमा कराने के लिए लगी लाइनें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Nov 2016 12:10 AM IST
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कैश के लिए गी लाइन
विमुद्रीकरण के 17वें दिन भी कुछ बैंकों में बाहर पैसा जमा करवाने व निकलवाने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा रही। इसके अलावा एटीएम के बाहर भी लोगों की लंबी-लंबी लाइन दिखाई दी।
आरबीआई द्वारा जारी निर्देशानुसार एक हजार के नोट अब किसी भी कार्य में उपयोग में नहीं होने के कारण शुक्रवार को हजार-हजार के नोट बैंकों में जमा करवाने लोगों की अधिक भीड़ रही। इससे लोगों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा।
टोकन के हिसाब से दिया पैसा
लोगों की अधिक मारामारी के चलते कई बैंकों में टोकन सिस्टम के हिसाब से लोगों को पैसा दिया। छोटे बैंकों में कैश नहीं आने के कारण शहर के बड़े बैंकों के बाहर लोगों की भारी भीड़ लगी रही।
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दो-चार एटीएम ही रहे चालू
72 एटीएम मशीनों में केवल दो-चार एटीएम ही चालू रहे। जिस कारण एटीएम मशीनों के बाहर भी लोगों की देर सायं तक लंबी-लंबी लाइन लगी रही। लोगों की भीड़ को देखते हुए एटीएम मशीनों में कर्मचारियों द्वारा दिन में दो से तीन बार कैश डालना पड़ा, वह भी पर्याप्त नहीं हो पाया।
छोटी नोट कराया जाए उपलब्ध
वहीं नोटबंदी का असर निजामपुर खंड में भी देखने को मिला। बीती रात केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेशों की पालना में नोटबंदी को लेकर लोग बैंकों के बाहर भारी भीड़ लगाकर खड़े दिखाई दिए। ऐसा पहली बार हुआ है कि अब रुपए बदले नहीं जाएंगे और सीधे खाते में जमा किए जाएंगे। लगभग 3 दर्जन गांवों से अधिक लोग निजामपुर खंड के बैंकों से जुड़े हुए है। पैसा निकलवाने आए लोगों ने भारत सरकार द्वारा लिए गए फैसले को सही बताया है, लेकिन बैंकों में रुपए की कमी के कारण शाम तक लाइन में लगने के बाद भी लोगों को रुपए नहीं मिल पाते, जिसका मुख्य कारण बैंकों उचित मात्रा में कैश का न मिलना है। बैंकों में आ रहे 2 हजार के नोट को लोग लेने से भी कतरा रहे हैं, जिसका मुख्य कारण बाजार में खुले पैसों की अनुपलब्धता है। रामरती, संतोष, मनीता, संगीता, राजकुमार, ख्याली देवी, भरपाई, अनकोरी, उषा, कमला, बिमला, कवर सिंह, पुष्पेंद्र, महिपाल, कालूराम, जगत सिंह सहित अन्य लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की कि बैंकों में कैश बढ़ाया जाए और बैंकों को उचित मात्रा में छोटे नोट उपलब्ध करवाए जाएं ताकि लोग अपनी जरूरत का सामान समय पर बाजार से खरीद सकें।
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आरबीआई द्वारा जारी निर्देशानुसार एक हजार के नोट अब किसी भी कार्य में उपयोग में नहीं होने के कारण शुक्रवार को हजार-हजार के नोट बैंकों में जमा करवाने लोगों की अधिक भीड़ रही। इससे लोगों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा।
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टोकन के हिसाब से दिया पैसा
लोगों की अधिक मारामारी के चलते कई बैंकों में टोकन सिस्टम के हिसाब से लोगों को पैसा दिया। छोटे बैंकों में कैश नहीं आने के कारण शहर के बड़े बैंकों के बाहर लोगों की भारी भीड़ लगी रही।
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दो-चार एटीएम ही रहे चालू
72 एटीएम मशीनों में केवल दो-चार एटीएम ही चालू रहे। जिस कारण एटीएम मशीनों के बाहर भी लोगों की देर सायं तक लंबी-लंबी लाइन लगी रही। लोगों की भीड़ को देखते हुए एटीएम मशीनों में कर्मचारियों द्वारा दिन में दो से तीन बार कैश डालना पड़ा, वह भी पर्याप्त नहीं हो पाया।
छोटी नोट कराया जाए उपलब्ध
वहीं नोटबंदी का असर निजामपुर खंड में भी देखने को मिला। बीती रात केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेशों की पालना में नोटबंदी को लेकर लोग बैंकों के बाहर भारी भीड़ लगाकर खड़े दिखाई दिए। ऐसा पहली बार हुआ है कि अब रुपए बदले नहीं जाएंगे और सीधे खाते में जमा किए जाएंगे। लगभग 3 दर्जन गांवों से अधिक लोग निजामपुर खंड के बैंकों से जुड़े हुए है। पैसा निकलवाने आए लोगों ने भारत सरकार द्वारा लिए गए फैसले को सही बताया है, लेकिन बैंकों में रुपए की कमी के कारण शाम तक लाइन में लगने के बाद भी लोगों को रुपए नहीं मिल पाते, जिसका मुख्य कारण बैंकों उचित मात्रा में कैश का न मिलना है। बैंकों में आ रहे 2 हजार के नोट को लोग लेने से भी कतरा रहे हैं, जिसका मुख्य कारण बाजार में खुले पैसों की अनुपलब्धता है। रामरती, संतोष, मनीता, संगीता, राजकुमार, ख्याली देवी, भरपाई, अनकोरी, उषा, कमला, बिमला, कवर सिंह, पुष्पेंद्र, महिपाल, कालूराम, जगत सिंह सहित अन्य लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की कि बैंकों में कैश बढ़ाया जाए और बैंकों को उचित मात्रा में छोटे नोट उपलब्ध करवाए जाएं ताकि लोग अपनी जरूरत का सामान समय पर बाजार से खरीद सकें।