Nuh Violence: हरियाणा में दो जिलों की पंचायतों का फरमान जारी, समुदाय विशेष व शरारती तत्वों के व्यापार पर रोक
नारनौल में कई गांवों के सरपंचों ने नूंह में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद अपने लेटरपेड पर पत्र जारी किए थे। जिसमें लिखा था कि अपने-अपने गांव में समुदाय विशेष व शरारती तत्वों को किसी भी तरह का व्यवसाय न करने देने की अनुमति नहीं दी जाए। जिस पर एसडीएम ने संज्ञान लिया है।
विस्तार
नारनौल के अटेली क्षेत्र के कई गांवों के सरपंचों द्वारा अपने लेटरपेड पर नूंह में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद लिखे विवादित पत्रों पर जिला प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। इस मामले में एसडीएम नारनौल की तरफ से बीडीपीओ अटेली को सभी पत्रों की जांच करने के आदेश दिए हैं। एसडीएम ने निर्देश दिए हैं कि इन पत्रों को यदि बीडीपीओ को दिया गया है तो ऐसे पत्र जारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि लोकतांत्रिक देश में कोई किसी भी जगह व्यापार कर सकता है।
ये था पूरा मामला
अटेली खंड के कई गांवों के सरपंचों ने नूंह में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद अपने लेटरपेड पर पत्र जारी किए थे। इसमें उन्होंने नूंह में हुए हिंदुओं पर अत्याचार को देखते हुए अपने-अपने गांव में समुदाय विशेष व शरारती तत्वों को किसी भी तरह का व्यवसाय न करने देने की अनुमति नहीं दिए जाने की बात लिखी है। यह पत्र एसडीएम नारनौल के नाम लिखे गए थे। हालांकि अब तक एसडीएम नारनौल को यह पत्र नहीं मिले हैं। वहीं अब एसडीएम नारनौल की तरफ से इस मामले में जांच करवाने की बात कही जा रही है।
अधिकारी के अनुसार
भारत में कोई भी व्यक्ति कहीं पर भी जाकर रह सकता है और व्यापार कर सकता है। ऐसे में अगर सरपंचों ने इस प्रकार के पत्र लिखे हैं तो उनकी जांच करवाई जाएगी। इस बारे में संबंधित बीडीपीओ को जांच करने के आदेश दिए गए हैं। यदि ऐसे पत्र लिखे गए हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -मनोज कुमार, एसडीएम, नारनौल।
खडगवास में फेरी लगाने वाले व्यक्तियों पर होगी पाबंदी
रेवाड़ी के गांव खडगवास में रविवार को सरपंच बलराम एवं समाजसेवी सुबेदार विक्रम सिंह की अगुवाई में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में दक्षिण हरियाणा में घटित हुई असामाजिक घटना की एक स्वर में निंदा करते हुए दोनों समुदायों से वर्षों से चली आ रही सामाजिक सद्भावना, समरसता एवं आपसी भाईचारे के साथ क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की।
बैठक में सरपंच ने गांव खड़गवास में कुछ समय पूर्व हुई, गांव वालों की संपत्तियों की चोरी, पशु चोरी एवं छोटी-मोटी आपसी झगड़ों की घटनाओं की समीक्षा करते हुए यह सर्वसम्मति से सार्वजनिक रूप से निर्णय लिया। कहा गया कि गांव में किसी अनजान व बाहरी व्यक्ति पर व्यापार की सख्ती से पाबंदी लगाई जाएगी।
सरपंच ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो एक प्रक्रिया के अंतर्गत व्यक्ति की पूर्ण जांच पड़ताल कर गांव के पंचायत से इन कार्यों के लिए गांव में फेरी लगाने हेतु लिखित में अनुमति के पश्चात ही फेरी लगाने की सहमति दी जा सकेगी। ताकि गांव में हर तरह की सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके।