{"_id":"6749f92129ab7d7f65079db8","slug":"now-you-will-not-have-to-go-to-private-hospital-for-gallbladder-operation-narnol-news-c-203-1-sroh1011-113534-2024-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: अब पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए नहीं जाना पड़ेगा निजी अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: अब पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए नहीं जाना पड़ेगा निजी अस्पताल
Fri, 29 Nov 2024 10:55 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 29 Nov 2024 10:55 PM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:53- नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में पित की थैली का ऑपरेशन करने के बाद मरीज को जांच कर
महेंद्रगढ़। अब लोगों को पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए निजी अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। अब नागरिक अस्पताल में लेप्रोस्कोपी मशीन से लोगो के ऑपरेशन किए जाएंगे। डॉ. संदीप यादव सर्जन ने शुक्रवार को सहारनपुर उत्तर प्रदेश निवासी कविता देवी का पित्त की थैली का सफल ऑपरेशन किया।
निजी अस्पतालों में पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए 30 से 50 हजार रुपये देने पड़ रहे हैं। अब नागरिक अस्पताल में लेप्रोस्कोपी मशीन आने से सभी लोगों ऑपरेशन करवाने के लिए फायदा होगा। गरीब लोगो को इलाज करवाने के लिए निजी अस्पतालों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। लोग ऑपरेशन के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेते थे। मरीज ऑपरेशन करवाने के लिए रेवाड़ी, गुरुग्राम इलाज करवाने के लिए जाते थे। इस मौके पर डॉ. वैभव, डॉ. अजय, ईश्वर, पवन, बिमला ओटी वार्ड इंचार्ज, लक्ष्मी, मुकेश, अनिल मौजूद रहे।
-- -- -- -- -- -
इंसेट
2 से 3 दिनों में चलने-फिरने लगता है पीड़ित
लेप्रोस्कोपी मशीन से पित्त की थैली, अपेंडिक्स, हार्निया, महिलाओं की बच्चेदानी का कुछ छोटे से कट से निदान और ऑपरेशन किया जाता है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, ऑपरेशन करने की एक एडवांस प्रक्रिया है जिसमें आधा इंच से भी छोटे कट की मदद से सर्जरी को पूरा किया जा सकता है। रोगी को रक्तस्त्राव नहीं होता है। 2 से 3 दिनों के भीतर वह चलने-फिरने लगता है। इसमें एक छोटे से कट के जरिए लेप्रोस्कोप और अन्य सर्जिकल उपकरण की मदद से सर्जरी की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसमें कोई इंफेक्शन नहीं होता है और बड़ा जख्म नहीं बनता है। यह ओपन सर्जरी के मुकाबले कई गुना अच्छी होती है।
विज्ञापन
-- -- -- -- --
वर्जन:
नागरिक अस्पताल नई लेप्रोस्कोपिक मशीन लगाई गई है। इसमें पित्त की थैली, अपेंडिक्स, हर्निया, महिलाओं की बच्चेदानी किया जाएगा। अगर किसी को इन बामारियों संबंधित समस्या हो तो नागरिक अस्पताल में आकर अपना इलाज करवा सकते है।
-- -डॉ. संदीप यादव, सर्जन, नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
निजी अस्पतालों में पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए 30 से 50 हजार रुपये देने पड़ रहे हैं। अब नागरिक अस्पताल में लेप्रोस्कोपी मशीन आने से सभी लोगों ऑपरेशन करवाने के लिए फायदा होगा। गरीब लोगो को इलाज करवाने के लिए निजी अस्पतालों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। लोग ऑपरेशन के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेते थे। मरीज ऑपरेशन करवाने के लिए रेवाड़ी, गुरुग्राम इलाज करवाने के लिए जाते थे। इस मौके पर डॉ. वैभव, डॉ. अजय, ईश्वर, पवन, बिमला ओटी वार्ड इंचार्ज, लक्ष्मी, मुकेश, अनिल मौजूद रहे।
विज्ञापन
इंसेट
2 से 3 दिनों में चलने-फिरने लगता है पीड़ित
लेप्रोस्कोपी मशीन से पित्त की थैली, अपेंडिक्स, हार्निया, महिलाओं की बच्चेदानी का कुछ छोटे से कट से निदान और ऑपरेशन किया जाता है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, ऑपरेशन करने की एक एडवांस प्रक्रिया है जिसमें आधा इंच से भी छोटे कट की मदद से सर्जरी को पूरा किया जा सकता है। रोगी को रक्तस्त्राव नहीं होता है। 2 से 3 दिनों के भीतर वह चलने-फिरने लगता है। इसमें एक छोटे से कट के जरिए लेप्रोस्कोप और अन्य सर्जिकल उपकरण की मदद से सर्जरी की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसमें कोई इंफेक्शन नहीं होता है और बड़ा जख्म नहीं बनता है। यह ओपन सर्जरी के मुकाबले कई गुना अच्छी होती है।
विज्ञापन
वर्जन:
नागरिक अस्पताल नई लेप्रोस्कोपिक मशीन लगाई गई है। इसमें पित्त की थैली, अपेंडिक्स, हर्निया, महिलाओं की बच्चेदानी किया जाएगा। अगर किसी को इन बामारियों संबंधित समस्या हो तो नागरिक अस्पताल में आकर अपना इलाज करवा सकते है।