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Mahendragarh-Narnaul News: तीन मंडियों में पहले दिन नहीं पहुंचा एक दाना, जिम्मेदार करते रहे किसानों का इंतजार
Tue, 26 Mar 2024 10:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 26 Mar 2024 10:48 PM IST
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महेंद्रगढ़/कनीना/सतनाली। प्रदेश सरकार की ओर से 26 मार्च से सरसों की खरीद की घोषणा कर दी गई है। क्षेत्र की महेंद्रगढ़, कनीना व सतनाली तीन मंडियों में सरसों खरीद की तैयारी की गई हैं। हालांकि पहले दिन कोई भी किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में नहीं पहुंचा।
एसडीएम संजीव कुमार ने महेंद्रगढ़ मंडी पहुंचकर खरीद की तैयारी का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।मंडी में फसल की बिक्री के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने बिजली-पानी, साफ-सफाई सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। टोकन के दौरान गेट पर किसी प्रकार की भीड़ नहीं होनी चाहिए। इस दौरान वेयरहाउस, हैफेड गोदाम का निरीक्षण किया गया। महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में मंगलवार को ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
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कनीना मंडी में एसडीएम ने लिया जायजा:
कनीना अनाज मंडी में मंगलवार के दिन खरीद का कार्य शुरू कर दिया। लेकिन पहले दिन एक भी किसान अपनी सरसों लेकर नहीं पहुंचा। एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने अनाज मंडी का निरीक्षण कर जरूरी दिशा निर्देश दिए। मार्केट कमेटी सचिव नकुल यादव ने बताया कि मंडी में 35 हजार क्विंटल सरसों एकत्रित करने की क्षमता है। पहले दिन कोई भी किसान अपनी सरसों को बेचने के लिए नहीं आया है। क्षेत्र में अभी किसान सरसों की कटाई भी कर रहे हैं, इसकी वजह से किसान फसल बेचने के लिए नहीं आ रहे हैं। मेरी फसल मेरी ब्योरा पर पंजीकरण किसान कभी भी आकर अपनी फसल बेच सकता है।
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कनीना अनाज मंडी में नहीं है जलपान की व्यवस्था:
अनाज मंडी शहर से करीब दो किलोमीटर दूर है इसलिए किसान अपनी फसल बेचने के लिए आते हैं तो उनको जलपान की सुविधा नहीं मिल पाती। मार्केट कमेटी की सचिव नकुल यादव ने बताया कि विभाग द्वारा आदेश है कि स्वयं सहायता समूह को मंडी में जलपान की व्यवस्था करवाने के लिए प्रावधान है लेकिन अभी तक उनके पास एक आवेदन नहीं आया है। पहले दिन एक भी किसान अपनी फसल को बेचने के लिए नहीं आया है। कनीना अनाज मंडी में प्रतिदिन 35 हजार क्विंटल खरीद करने की क्षमता है। एक दिन में एक किसान 25 क्विंटल सरसों बेच सकता है।
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- सतनाली मंडी में पहले दिन नहीं पहुंचा कोई भी किसान:
सतनाली मंडी के पहले दिन किसान अपनी सरसों लेकर नहीं पहुंचे। पहले दिन कोई भी किसान मंडी में नहीं पहुंचे, जिस कारण कोई भी खरीद का कार्य नहीं हुआ। ऑक्सन रिर्कोडर संदीप कुमार ने बताया सरकार द्वारा 26 मार्च से सरसों की खरीद करने के आदेश अनुसार सतनाली मंडी में सभी तैयारी कर ली गई है और सरसों की खरीद वेयर हाउस द्वारा की जाएगी।
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- सतनाली मंडी में किसानों की मूलभूत सुविधाओं का अभाव:
सतनाली अनाज मंडी में किसानों के बैठने के लिए कोई विशेष स्थान निर्धारित नहीं किया गया है। अनाज मंडी में किसानों के लिए टीन शेड नहीं है, चाहरदीवारी नहीं होने से बेसहारा पशु पर नियंत्रण करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। मंडी में न तो शौचालय और न ही रात को ठहरने के लिए किसान विश्राम गृह है। इन समस्याओं को लेकर किसानों ने इसके लिए कई बार मांग उठा चुके है लेकिन मार्केट कमेटी अभी इन समस्याओं को दूर नहीं कर पाई है।
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एसडीएम संजीव कुमार ने महेंद्रगढ़ मंडी पहुंचकर खरीद की तैयारी का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।मंडी में फसल की बिक्री के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने बिजली-पानी, साफ-सफाई सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। टोकन के दौरान गेट पर किसी प्रकार की भीड़ नहीं होनी चाहिए। इस दौरान वेयरहाउस, हैफेड गोदाम का निरीक्षण किया गया। महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में मंगलवार को ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
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कनीना मंडी में एसडीएम ने लिया जायजा:
कनीना अनाज मंडी में मंगलवार के दिन खरीद का कार्य शुरू कर दिया। लेकिन पहले दिन एक भी किसान अपनी सरसों लेकर नहीं पहुंचा। एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने अनाज मंडी का निरीक्षण कर जरूरी दिशा निर्देश दिए। मार्केट कमेटी सचिव नकुल यादव ने बताया कि मंडी में 35 हजार क्विंटल सरसों एकत्रित करने की क्षमता है। पहले दिन कोई भी किसान अपनी सरसों को बेचने के लिए नहीं आया है। क्षेत्र में अभी किसान सरसों की कटाई भी कर रहे हैं, इसकी वजह से किसान फसल बेचने के लिए नहीं आ रहे हैं। मेरी फसल मेरी ब्योरा पर पंजीकरण किसान कभी भी आकर अपनी फसल बेच सकता है।
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कनीना अनाज मंडी में नहीं है जलपान की व्यवस्था:
अनाज मंडी शहर से करीब दो किलोमीटर दूर है इसलिए किसान अपनी फसल बेचने के लिए आते हैं तो उनको जलपान की सुविधा नहीं मिल पाती। मार्केट कमेटी की सचिव नकुल यादव ने बताया कि विभाग द्वारा आदेश है कि स्वयं सहायता समूह को मंडी में जलपान की व्यवस्था करवाने के लिए प्रावधान है लेकिन अभी तक उनके पास एक आवेदन नहीं आया है। पहले दिन एक भी किसान अपनी फसल को बेचने के लिए नहीं आया है। कनीना अनाज मंडी में प्रतिदिन 35 हजार क्विंटल खरीद करने की क्षमता है। एक दिन में एक किसान 25 क्विंटल सरसों बेच सकता है।
- सतनाली मंडी में पहले दिन नहीं पहुंचा कोई भी किसान:
सतनाली मंडी के पहले दिन किसान अपनी सरसों लेकर नहीं पहुंचे। पहले दिन कोई भी किसान मंडी में नहीं पहुंचे, जिस कारण कोई भी खरीद का कार्य नहीं हुआ। ऑक्सन रिर्कोडर संदीप कुमार ने बताया सरकार द्वारा 26 मार्च से सरसों की खरीद करने के आदेश अनुसार सतनाली मंडी में सभी तैयारी कर ली गई है और सरसों की खरीद वेयर हाउस द्वारा की जाएगी।
- सतनाली मंडी में किसानों की मूलभूत सुविधाओं का अभाव:
सतनाली अनाज मंडी में किसानों के बैठने के लिए कोई विशेष स्थान निर्धारित नहीं किया गया है। अनाज मंडी में किसानों के लिए टीन शेड नहीं है, चाहरदीवारी नहीं होने से बेसहारा पशु पर नियंत्रण करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। मंडी में न तो शौचालय और न ही रात को ठहरने के लिए किसान विश्राम गृह है। इन समस्याओं को लेकर किसानों ने इसके लिए कई बार मांग उठा चुके है लेकिन मार्केट कमेटी अभी इन समस्याओं को दूर नहीं कर पाई है।