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Mahendragarh-Narnaul News: शहर की कोई भी विकास परियोजनाएं नहीं उतर पा रही हैं धरातल पर
Fri, 15 Mar 2024 03:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 15 Mar 2024 03:35 AM IST
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महेंद्रगढ़। नगरपालिका की नई सरकार बने करीब दो वर्ष बीत चुका है, लेकिन अभी तक कोई भी योजना धरातल पर नहीं उतार पाई है। शहरवासी शहर में नगरपालिका से विकास कार्याें का इंतजार कर रहे हैं।
नगर पालिका में अधिकारियों के रिक्त पद भरे जाने के बाद शहरवासियों को विकास कार्यों के लिए कुछ उम्मीद जगी थी। लोकसभा चुनाव को देखते हुए कभी भी आचार संहिता लग सकती है। ऐसे में शहरवासियों को विकास कार्यों को लेकर इंतजार लंबा करना होगा। नपा के पास पर्याप्त वाहन नहीं होने के कारण सफाई व्यवस्था ठप है। शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर कचरे के ढेर लगे हैं। वहीं शहर के 20 से अधिक मुख्य सड़क व गलियां बदहाल हो चुकी हैं। पिछले 15 सालों से इन सड़कों पर निर्माण तक नहीं हुआ है। जिन सड़कों का निर्माण चुनाव से पूर्व नपा का जब प्रशासन के हाथ में चार्ज था तो कुछ सड़कों पर काम हुआ था उनमें भी लोगों द्वारा भारी धांधली के आरोप लगाए गए थे। शहर का सिनेमा रोड, मसानी चौक से परशुराम चौक, डुलाना रोड, बुचौली रोड, सब्जी मंडी रोड, ब्रह्मचारी रोड, 11 हट्टा बाजार सहित मुख्य चौक-चौराहे गलियां बदहाल हो चुकी हैं। 12 कालोनियों को मान्यता दिलाने के लिए गत नवंबर माह में कराए गए सर्वे की रिपोर्ट पर भी आब्जेक्शन लगाकर शहरी निकाय विभाग द्वारा इसे रद्द कर दिया। जिम्मेदार इसके ऑब्जेक्शन तक को दूर नहीं कर पाए हैं। वहीं 2.50 करोड़ की लगात से निर्माणाधीन सामुदायिक भवन, अतिक्रमण पर नियंत्रण, अस्थाई पार्किंग, 5 करोड़ से बनने वाले नपा के नए भवन व आधुनिक शॉपिंग कॉम्पलेक्स, 20 मुख्य सड़कों के मजबूती एवं नवीनीकरण, शहर में जगमग योजना के तहत 56 लाख की लागत से 2300 स्ट्रीट लाइटें लगाने सहित अन्य प्रकार की योजनाएं भी ठंडे बस्ते में चली गई हैं।
डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हो या फिर बदहाल सड़कों की दशा सुधारना या फिर शहर में अन्य विकास कार्य हों। अब आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च माह में आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में शहर में विकास कार्याें की बाट जोह रहे लोगों को और लंबा इंतजार करना होगा।
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गत 22 माह के दौरान नपा के अधिकारियों पर कभी गलत एनडीसी के मामले में तो कभी अन्य प्रकार की धांधली के मामले की जांच की तलवार लटकी हुई थी। इस मामले में जब नगरपालिका के सचिव को सस्पेंड किया गया था तो लंबे समय तक नये सचिव नहीं आये। अब सचिव व एमई के रिक्त पद भरे जा चुके है। अकाउंटेंट, बीआई, एसआई सहित अन्य रिक्त पद खाली है। नपा के पिछले 22 माह के कार्यकाल की बात करें तो विकास के नाम पर नपा के हाथ खाली हैं। वहीं छोटे-मोट कार्यों के कोई भी बिल पास नहीं हो रहे हैं, लेकिन हर माह 15 लाख के करीब कर्मचारियों व अधिकारियों के वेतन के बिल तय समय पर पास किए जा रहे हैं।
पिछले 22 माह में नहीं हुए कोई भी बिल पास
पिछले 22 माह के दौरान कोई भी बिल तक पास नहीं हो पाए हैं। इनके कारण नपा के पांच टेंपो में से तीन लंबे समय से मरम्मत के अभाव में खड़े हैं। वहीं ट्रैक्टर का समय पर रखरखाव नहीं होने से आधे समय वह भी बंद रहते हैं। 2.50 करोड़ रुपये का टेंडर लगाने के बावजूद भी डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। इससे शहर में सफाई के हालात बदहाल हैं। शहर के 11 हट्टा बाजार की 2.50 करोड़ की फाइल पर भी छह माह पूर्व लगे ऑब्जेक्शन को अधिकारी दूर तक नहीं कर पाए हैं।
नगर पालिका के मुख्य पद भरे जा चुके है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। आचार संहिता के चलते विकास कार्यों को लेकर कुछ समय लग सकता है। लोकसभा चुनाव के बाद विकास कार्य तेजी से करवाएं जाएगें।
-रमेश सैनी, प्रधान, नगरपालिका, महेंद्रगढ़
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नगर पालिका में अधिकारियों के रिक्त पद भरे जाने के बाद शहरवासियों को विकास कार्यों के लिए कुछ उम्मीद जगी थी। लोकसभा चुनाव को देखते हुए कभी भी आचार संहिता लग सकती है। ऐसे में शहरवासियों को विकास कार्यों को लेकर इंतजार लंबा करना होगा। नपा के पास पर्याप्त वाहन नहीं होने के कारण सफाई व्यवस्था ठप है। शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर कचरे के ढेर लगे हैं। वहीं शहर के 20 से अधिक मुख्य सड़क व गलियां बदहाल हो चुकी हैं। पिछले 15 सालों से इन सड़कों पर निर्माण तक नहीं हुआ है। जिन सड़कों का निर्माण चुनाव से पूर्व नपा का जब प्रशासन के हाथ में चार्ज था तो कुछ सड़कों पर काम हुआ था उनमें भी लोगों द्वारा भारी धांधली के आरोप लगाए गए थे। शहर का सिनेमा रोड, मसानी चौक से परशुराम चौक, डुलाना रोड, बुचौली रोड, सब्जी मंडी रोड, ब्रह्मचारी रोड, 11 हट्टा बाजार सहित मुख्य चौक-चौराहे गलियां बदहाल हो चुकी हैं। 12 कालोनियों को मान्यता दिलाने के लिए गत नवंबर माह में कराए गए सर्वे की रिपोर्ट पर भी आब्जेक्शन लगाकर शहरी निकाय विभाग द्वारा इसे रद्द कर दिया। जिम्मेदार इसके ऑब्जेक्शन तक को दूर नहीं कर पाए हैं। वहीं 2.50 करोड़ की लगात से निर्माणाधीन सामुदायिक भवन, अतिक्रमण पर नियंत्रण, अस्थाई पार्किंग, 5 करोड़ से बनने वाले नपा के नए भवन व आधुनिक शॉपिंग कॉम्पलेक्स, 20 मुख्य सड़कों के मजबूती एवं नवीनीकरण, शहर में जगमग योजना के तहत 56 लाख की लागत से 2300 स्ट्रीट लाइटें लगाने सहित अन्य प्रकार की योजनाएं भी ठंडे बस्ते में चली गई हैं।
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डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हो या फिर बदहाल सड़कों की दशा सुधारना या फिर शहर में अन्य विकास कार्य हों। अब आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च माह में आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में शहर में विकास कार्याें की बाट जोह रहे लोगों को और लंबा इंतजार करना होगा।
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गत 22 माह के दौरान नपा के अधिकारियों पर कभी गलत एनडीसी के मामले में तो कभी अन्य प्रकार की धांधली के मामले की जांच की तलवार लटकी हुई थी। इस मामले में जब नगरपालिका के सचिव को सस्पेंड किया गया था तो लंबे समय तक नये सचिव नहीं आये। अब सचिव व एमई के रिक्त पद भरे जा चुके है। अकाउंटेंट, बीआई, एसआई सहित अन्य रिक्त पद खाली है। नपा के पिछले 22 माह के कार्यकाल की बात करें तो विकास के नाम पर नपा के हाथ खाली हैं। वहीं छोटे-मोट कार्यों के कोई भी बिल पास नहीं हो रहे हैं, लेकिन हर माह 15 लाख के करीब कर्मचारियों व अधिकारियों के वेतन के बिल तय समय पर पास किए जा रहे हैं।
पिछले 22 माह में नहीं हुए कोई भी बिल पास
पिछले 22 माह के दौरान कोई भी बिल तक पास नहीं हो पाए हैं। इनके कारण नपा के पांच टेंपो में से तीन लंबे समय से मरम्मत के अभाव में खड़े हैं। वहीं ट्रैक्टर का समय पर रखरखाव नहीं होने से आधे समय वह भी बंद रहते हैं। 2.50 करोड़ रुपये का टेंडर लगाने के बावजूद भी डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। इससे शहर में सफाई के हालात बदहाल हैं। शहर के 11 हट्टा बाजार की 2.50 करोड़ की फाइल पर भी छह माह पूर्व लगे ऑब्जेक्शन को अधिकारी दूर तक नहीं कर पाए हैं।
नगर पालिका के मुख्य पद भरे जा चुके है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। आचार संहिता के चलते विकास कार्यों को लेकर कुछ समय लग सकता है। लोकसभा चुनाव के बाद विकास कार्य तेजी से करवाएं जाएगें।
-रमेश सैनी, प्रधान, नगरपालिका, महेंद्रगढ़