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एक लाख से अधिक आबादी वाले शहर में नहीं पार्किंग की सुविधा

Wed, 17 Nov 2021 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 17 Nov 2021 11:54 PM IST
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No parking facility in a city with a population of more than one lakh
महावीर चौक पर बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण लगा जाम। संवाद - फोटो : Narnol
शहर में पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्किंग के अभाव में मजबूरन लोग सड़कों पर अपने खड़ा कर रहे हैं। जिससे बाजारों के साथ-साथ सड़कों पर हमेशा जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। जिससे लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
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नगर परिषद द्वारा चितवन वाटिका व नगर परिषद भवन में पार्किंग स्थल बनाने की योजना है, मगर वह बजट के अभाव में आगे नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि बस स्टैंड के सामने एक पेड पार्किंग बनाई गई है। लेकिन यह बाजार से काफी दूर है। इसलिए वाहन चालक अपने वाहनों को यहां नहीं खड़ा करते हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
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बता दें कि नारनौल शहर जिले का सबसे बड़ा शॉपिंग बाजार में माना जाता है। जिले के 250 से अधिक गांवों के लोगों के अलावा राजस्थान राज्य के भी 150 गांवों के लोगों यहां शॉपिंग करने के लिए आते हैं। शहर में पार्किंग की सुविधा नहीं होने की वजह से वे बाजार में रोड के बीच या इधर-उधर बाइक खड़ी कर देते हैं। जिससे खासी चौड़ी सड़क गली बन जाती है। ऐसे में साधनों का आवागमन बाधित हो जाता है और जाम की स्थिति बन जाती है। वर्तमान में विवाह-शादियों का सीजन होने के कारण शहर में प्रतिदिन 5 से 7 हजार दोपहिया एवं चौपहिया वाहन सड़कों पर खड़े रहते हैं। इसके अलावा पहले के मुकाबले वाहनों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। मगर प्रशासन ने पार्किंग के नाम पर शहर में कोई व्यवस्था नहीं की है। इससे शहरवासियों के साथ वाहन चालकों व राहगीरों को जाम की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। वर्तमान में मुख्य बाजारों से दोपहिया वाहन का निकलना भी मुश्किल हो रहा है, क्योंकि बाजारों में कुछ जगह पर तो दुकानदारों ने अपना सामान सजाकर अवैध रूप से अतिक्रमण किया हुआ है। वहीं कुछ जगह पर पार्किंग के अभाव में दुकानदार अपने वाहनों को खड़ा कर देते है। ऐसे में वाहन चालक को महावीर चौक से आजाद चौक तक हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है।
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कॉमर्शियल भवनों में नहीं पार्किंग सुविधा, नप की फाइल पास
शहर में 100 से अधिक बड़े-बड़े फर्नीचर, रेडीमेड कपड़े तथा अन्य वस्तुओं के शोरूम हैं। इसके अलावा लगभग 10 से अधिक बैंक तथा अनेक शिक्षण संस्थान चल रहे हैं। इनमें किसी के पास भी अपनी स्वयं की पार्किंग नहीं है। खास बात यह है कि इन भवनों का नक्शा भी नप से पास हो गए हैं। बावजूद इनमें पार्किंग नहीं है। नियमानुसार कॉमर्शियल भवन पार्किंग के बिना पास नहीं हो सकता। नप के अधिकारियों ने आज तक न तो इनको मौके पर जाकर चेक किया और न ही किसी को नोटिस जारी किया। यानी नप न तो पार्किंग स्वयं बना रही और कॉमर्शियल भवन मालिक को भी नोटिस नहीं दे रही। इन भवनों के सामने प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में बेतरतीब तरीके से खड़ी रहती हैं।
विवाह-शादी के सीजन में बढ़ रही परेशानी
इस समय शादी-विवाह का सीजन चल रहा है। इसलिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में आसपास के गांवों सहित शहरवासी बाजारों में खरीदारी करने के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन पार्किंग नहीं होने के कारण वे अपने वाहन इधर-उधर खड़ा कर देते हैं या फिर बाजारों में ही वाहन ले जाते हैं। इससे हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे अन्य वाहन चालक व राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शहर में चितवन वाटिका व नगर परिषद भवन निर्माण में पार्किंग बनाने की योजना है। लेकिन इनका कार्य तकनीकी कारणों से अटका हुआ है। फिर भी चितवन वाटिका या पुरानी कचहरी मैदान में वाहन खड़ा करने में प्रयोग किया जा सकता है। अंकित वशिष्ठ, एक्सईएन नगर परिषद नारनौल

 रेवाड़ी रोड पर अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहन। संवाद

रेवाड़ी रोड पर अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहन। संवाद- फोटो : Narnol

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