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नपा में तीन साल से नहीं हुआ कोई विकास कार्य, जर्जर सड़कों से गुजरने की मजबूरी
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शहर की टूटी हुई सड़क।
- फोटो : Narnol
नगर पालिका में पिछले तीन साल से किसी विकास कार्य के लिए टेंडर नहीं लगाया गया है। चेयरपर्सन -पार्षदों के आपसी टकराव के चलते यहां कोई अधिकारी काम नहीं करना चाहता। पिछले दो साल में नगर पालिका में 13 बार नगर पालिका के सचिव का तबादला हो चुका है। पिछले एक महीने से नगर पालिका में कोई सचिव नहीं है। ऐसे में सड़कों के निर्माण की अभी कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
बता दें कि नगर पालिका के पार्षदों-चेयरपर्सन का टकराव शहर के विकास पर संकट बन गया है। शहर की अधिकतर सड़कें जर्जर हालत में हैं। इन सड़कों पर पैचवर्क तक नहीं कराया जा रहा। सड़कों पर पैचवर्क कराने के लिए तीन बार टेंडर लगाने का प्रयास किया गया। यह प्रयास शहरी सरकार के जनप्रतिनिधियों के टकराव की भेंट चढ़ गए। जब चेयरपर्सन ने टेंडर लगाने का प्रयास किया तो पार्षदों ने उस पर आपत्ति जता दी। जब उपप्रधान ने टेंडर लगाने का प्रयास किया तो चेयरपर्सन की ओर से आपत्ति की गई। पिछले तीन साल से शहर के लोग जर्जर सड़कों से गुजर रहे हैं। पार्षदों- चेयरपर्सन के इस आपसी टकराव के कारण नगर पालिका में कोई अधिकारी- कर्मचारी काम नहीं करना चाहता। नगर पालिका से सबसे बड़े अधिकारी सचिव का पिछले दो साल में 17 बार ट्रांसफर हो चुका है। एक महीने से नगर पालिका सचिव का पद खाली है। नगर पालिका में कोई सचिव नहीं आना चाहता। अगर किसी अधिकारी को यहां लगाया जाता है तो वह जल्द से जल्द यहां से तबादला कराने के प्रयास में लगा रहता है। अगर औसत के हिसाब से देखें तो पिछले 24 महीने में 13 बार सचिव का तबादला हुआ। औसतन हर दूसरे महीने में सचिव का तबादला होता रहा।
दूसरे अधिकारियों- कर्मियों के पद भी खाली
नगर पालिका में सचिव का पद 9 जनवरी 2020 से खाली है। एमई भी पूर्णकालिक नहीं है। दूसरी नगर पालिका के एमई को यहां का कार्यभार दिया गया है। नगर पालिका के बिल्डिंग इंस्पेक्टर, सेनेटरी इंस्पेक्टर, लेखाकार व सफाई दरोगा का पद भी खाली है। सफाई कर्मियों के 48 पदों में से 25 पद खाली हैं।
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तीन साल से नहीं हुआ कोई काम
पिछले तीन साल में नगर पालिका ने विकास कार्य का एक भी टेंडर नहीं लगाया है। आखिरी बार वर्ष 2016 में कुछ सड़कों का निर्माण कराया गया था। उसके बाद से सड़क, सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट व मेंटेनेंस सहित अन्य कोई कार्य नहीं कराया गया है। शहर में सफाई और कचरा उठाने का काम ही कराया जा रहा है।
नगर पालिका में अधिकारियों के पद भरने के लिए कई बार अनुरोध कर चुके हैं। अधिकारी न होने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। डीसी से लेकर प्रधान सचिव तक सभी को चिट्ठी लिख चुके हैं। अधिकारी न होने के कारण ही टेंडर नहीं लगा पा रहे।
-रीना गर्ग, चेयरपर्सन, नगर पालिका, महेंद्रगढ़।
नगर पालिका सचिव की नियुक्त शहरी स्थानीय निकाय की ओर से की जानी है। इस बारे में शहरी निकाय निदेशक से लिखा हुआ है। अगले सप्ताह तक किसी की नियुक्ति होने की संभावना है। अगर नियुक्ति नहीं हो सकी तो तब तक किसी दूसरे सचिव को अतिरिक्त कार्यभार दिलाया जाएगा। जिससे काम चलाया जा सके। विकास कार्यों में पार्षद-चेयरपर्सन ही बता सकेंगे।
जगदीश शर्मा, उपायुक्त, महेंद्रगढ़
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बता दें कि नगर पालिका के पार्षदों-चेयरपर्सन का टकराव शहर के विकास पर संकट बन गया है। शहर की अधिकतर सड़कें जर्जर हालत में हैं। इन सड़कों पर पैचवर्क तक नहीं कराया जा रहा। सड़कों पर पैचवर्क कराने के लिए तीन बार टेंडर लगाने का प्रयास किया गया। यह प्रयास शहरी सरकार के जनप्रतिनिधियों के टकराव की भेंट चढ़ गए। जब चेयरपर्सन ने टेंडर लगाने का प्रयास किया तो पार्षदों ने उस पर आपत्ति जता दी। जब उपप्रधान ने टेंडर लगाने का प्रयास किया तो चेयरपर्सन की ओर से आपत्ति की गई। पिछले तीन साल से शहर के लोग जर्जर सड़कों से गुजर रहे हैं। पार्षदों- चेयरपर्सन के इस आपसी टकराव के कारण नगर पालिका में कोई अधिकारी- कर्मचारी काम नहीं करना चाहता। नगर पालिका से सबसे बड़े अधिकारी सचिव का पिछले दो साल में 17 बार ट्रांसफर हो चुका है। एक महीने से नगर पालिका सचिव का पद खाली है। नगर पालिका में कोई सचिव नहीं आना चाहता। अगर किसी अधिकारी को यहां लगाया जाता है तो वह जल्द से जल्द यहां से तबादला कराने के प्रयास में लगा रहता है। अगर औसत के हिसाब से देखें तो पिछले 24 महीने में 13 बार सचिव का तबादला हुआ। औसतन हर दूसरे महीने में सचिव का तबादला होता रहा।
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दूसरे अधिकारियों- कर्मियों के पद भी खाली
नगर पालिका में सचिव का पद 9 जनवरी 2020 से खाली है। एमई भी पूर्णकालिक नहीं है। दूसरी नगर पालिका के एमई को यहां का कार्यभार दिया गया है। नगर पालिका के बिल्डिंग इंस्पेक्टर, सेनेटरी इंस्पेक्टर, लेखाकार व सफाई दरोगा का पद भी खाली है। सफाई कर्मियों के 48 पदों में से 25 पद खाली हैं।
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तीन साल से नहीं हुआ कोई काम
पिछले तीन साल में नगर पालिका ने विकास कार्य का एक भी टेंडर नहीं लगाया है। आखिरी बार वर्ष 2016 में कुछ सड़कों का निर्माण कराया गया था। उसके बाद से सड़क, सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट व मेंटेनेंस सहित अन्य कोई कार्य नहीं कराया गया है। शहर में सफाई और कचरा उठाने का काम ही कराया जा रहा है।
नगर पालिका में अधिकारियों के पद भरने के लिए कई बार अनुरोध कर चुके हैं। अधिकारी न होने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। डीसी से लेकर प्रधान सचिव तक सभी को चिट्ठी लिख चुके हैं। अधिकारी न होने के कारण ही टेंडर नहीं लगा पा रहे।
-रीना गर्ग, चेयरपर्सन, नगर पालिका, महेंद्रगढ़।
नगर पालिका सचिव की नियुक्त शहरी स्थानीय निकाय की ओर से की जानी है। इस बारे में शहरी निकाय निदेशक से लिखा हुआ है। अगले सप्ताह तक किसी की नियुक्ति होने की संभावना है। अगर नियुक्ति नहीं हो सकी तो तब तक किसी दूसरे सचिव को अतिरिक्त कार्यभार दिलाया जाएगा। जिससे काम चलाया जा सके। विकास कार्यों में पार्षद-चेयरपर्सन ही बता सकेंगे।
जगदीश शर्मा, उपायुक्त, महेंद्रगढ़