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Mahendragarh-Narnaul News: न तो कुत्तों को पकड़ने की व्यवस्था, न ही शेल्टर होम

Sun, 09 Nov 2025 12:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Sun, 09 Nov 2025 12:37 AM IST
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Neither the arrangement for catching dogs, nor the shelter home
फोटो नंबर-10नारनौल के महिला कॉलेज में बैठा आवारा कुत्ता। संवाद - फोटो : udhampur news
नारनौल। शहर में आवारा कुत्तों से समस्या अब गंभीर होती जा रही है। शहर का ऐसा कोई स्थान नहीं है जहां कुत्ते नहीं घूम रहे हों। शहर में 3500 व ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 4500 आवारा कुत्ते सड़कों पर घूम रहे हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, पार्क, हाईवे और अन्य सार्वजनिक स्थलों से कुत्तों को पकड़ कर सुरक्षित शेल्टर होम में रखने के आदेश दिए थे। लावारिस कुत्तों की देखभाल और बधियाकरण की व्यवस्था की जाए, ताकि समस्या पर स्थायी नियंत्रण पाया जा सके।
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शहर में एक भी स्थान ऐसा नहीं है जहां कुत्ते न घूम रहे हों। शहर में 3500 और ग्रामीण क्षेत्रों तकरीबन 4500 आवारा कुत्ते सड़कों पर घूम रहें है लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों के बाद नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। हालांकि नारनौल नगर परिषद की ओर से अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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शहर में न तो कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई टेंडर जारी किया गया है और न ही शेल्टर होम बनाया गया है। इस लापरवाही के कारण शहर के स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बाजार, गली-मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। लोगों के अनुसार, अक्सर ये कुत्ते राहगीरों और दो पहिया वाहन चालकों पर अचानक हमला कर देते हैं। इससे कई बार चोटें भी लग जाती हैं।
इंसेट

रोज 15 से 20 लोगों का हो रहा टीकाकरण
शहर में बढ़ती कुत्तों की संख्या के कारण रोजाना अस्पताल में 15 से 20 लोग टीक लगाने जा रहे हैं। नागरिक अस्पताल में इन 10-15 लोगों में 5 से 7 मरीज रोज नए होते हैं। इसी कारण नागरिक अस्पताल में हर महीनें लगभग 100 से 150 के बीच कुत्ते के काटने से घायल लोग पहुंच रहे हैं।
वर्जन-

सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों को लेकर जो निर्देश जारी किए हैं उनका पालन किया जाएगा। अभी इसके लिए सरकार द्वारा एसओपी जारी की जानी है। जो गाइड लाइन होगी उसी के अनुसार जगह निश्चित कर शेल्टर होम और उनको पकड़ा जाएगा।-कमलेश सैनी। चेयरपर्सन नगर परिषद, नारनौल।
बाक्स-

गजब! शहर में नहीं है एक भी पालतू कुत्ता
पुनीत भारद्वाज
नारनौल। शहर में आवारा कुत्तों के अलावा कई पालतू कुत्ते भी हैं लेकिन जागरूकता के अभाव में इनका पंजीकरण नहीं कराया गया है।
पालतू कुत्तों के रजिस्ट्रेशन करवाने का प्रावधान है। लेकिन जागरूकता के अभाव में अभी तक एक भी पालतू कुत्ते का रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है। इस बारे नगर परिषद के जेई विकास शर्मा ने बताया कि पालतु कुत्तों के रजिस्ट्रेशन को लेकर लोगों में जागरूकता नहीं है। अब इसे लेकर नप द्वारा जल्द ही अभियान चलाकर रजिस्ट्रेशन शुरू किए जाएंगें।


कुत्ते के काटने को लेकर एक महीने में तीन शिकायतें पुलिस दी जा चुकी है। इनमें एक पालतू कुत्ते ने गांव बोचड़िया निवासी सात वर्षीय बच्चे जयंत को काटा था। इसकी शिकायत बच्चे के चाचा ब्रह्मप्रकाश ने अटेली थाने में दर्ज करवाई थी। वहीं दूसरी शिकायत गहली थाने में 11 वर्षीय पुष्पेंद्र को कुत्ते द्वारा काटने पर उसकी माता अजंना देवी दर्ज करवाई थी। इसके अलावा शहर के बहरोड रोड पर आठ वर्षीय बच्ची गुंजन को भी एक पालतू कुत्ते ने काट लिया था। इसकी भी थाने में शिकायत दी गई थी। इन सभी मामलों में पुलिस की कार्रवाई अभी जारी है।
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