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Mahendragarh-Narnaul News: अधिकारियों की लापरवाही विकास पर पड़ रही भारी, शहर की सरकार ने दी धरने की चेतावनी
Sat, 20 Jul 2024 11:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 20 Jul 2024 11:33 PM IST
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फोटो संख्या:55-नगर पालिका महेंद्रगढ़ में बैठक करते नगर पालिका चेयरमैन रमेश सैनी, उपप्रधान मंजू
महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ नगरपालिका के अधिकारी पिछले दो सालों के दौरान शहर के विकास कार्याें को लेकर कतई गंभीर नहीं हैं। अधिकारियों की शिकायत मुख्यमंत्री, शहरी निकाय मंत्री से लेकर नगर आयुक्त तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। नपा प्रधान उप प्रधान व पार्षदों ने अधिकारियों पर विकास विकास कार्याें में कोई रुचि नहीं होने का आरोप लगाते धरने की चेतावनी दी गई है। इसका एक पत्र डीएमसी, मुख्यमंत्री व शहरी निकाय मंत्री को भेजा गया है।
पिछले दो सालों के दौरान नपा के यह जिम्मेदार अधिकारी नियमित रूप से वेतन व अन्य भत्ते भी हर माह ले रहे हैं। 19 जून 2022 को शहर के करीब 35 हजार मतदाताओं ने नपा प्रधान व 15 पार्षदों को चुनकर शहर की सरकार बनाई थी। इसके बाद 14 जुलाई को शहर की सरकार ने शपथ लेकर 15 से नपा कार्यालय में बैठना शुरू कर दिया। प्रधान ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से लेकर शहरी निकाय मंत्री सुभाष सुधा, डीएमसी महाबीर तक शिकायत भेजी, लेकिन कोई सुनवाई तक नहीं हो रही है।
नगर आयुक्त से मिल रहा कोरा आश्वासन
पिछले दो माह के नपा प्रधान, उप प्रधान व पार्षद तीन बार बैठक कर नगर आयुक्त महाबीर प्रसाद से विकास कार्य शुरू कराने की मांग उठा चुके हैं। गत 27 जून को नारनौल नगर आयुक्त कार्यालय में हुई बैठक में भी एक सप्ताह में विकास कार्याें के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कराने के आदेश दिए गए थे। वर्तमान में सचिव का कार्यभार देख रहे प्रशांत परासर ने तो छह माह से अपनी आईडी व पासवर्ड तक नहीं बनवाए हैं जो विकास कार्य शुरू कराने के लिए पहली प्रक्रिया थी। वहीं एमई दिनेश कुमार पिछले दस दिनों से कभी पहुंच पा रहे हैं तो कभी नहीं। ऐसे में उनसे कोई पूछने वाला भी नहीं है कि आखिर कहां गायब रहते हो। यही हालात जेई मनोज कुमार के हैं जो आते नियमित रूप से हैं, लेकिन करते कुछ नहीं।
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दो साल में 20 बैठक, 50 प्रस्ताव, एक भी धरातल पर नहीं उतरा
15 जुलाई 2022 को शहर की इस सरकार में प्रधान, उप प्रधान व 15 वार्ड पार्षदों ने शपथ ली थी। इस दो साल के कार्यकाल में 20 बैठकों में करीब 15 करोड़ रुपये के विकास कार्याें के लिए 50 प्रस्ताव पास किए गए। इनमें से 17 प्रस्ताव नपा के एजेंडे में शामिल थे, जबकि 33 प्रस्ताव शहर के विकास को लेकर वार्ड पार्षदों की ओर से किए गए थे। इसमें 20 से अधिक बदहाल मुख्य सड़कों के साथ-साथ 150 गलियों का नव निर्माण व मरम्मत सहित घर-घर कचरा कलेक्शन का टेंडर शामिल था। प्रस्ताव पास होकर डीएमसी की मंजूरी भी मिली, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से 50 कार्याें में से एक के भी टेंडर नहीं हो पाए।
नपा के अधिकारी पिछले दो सालों से शहर के विकास कार्याें में रुचि नहीं ले रहे हैं। 50 प्रस्ताव हुए, लेकिन एक भी विकास कार्य के टेंडर तक नहीं लगा पाए। लगातार डीएमसी से लेकर मुख्यमंत्री व शहरी निकाय मंत्री तक इनकी शिकायत भेजी जा रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उप प्रधान व पार्षदों के साथ बैठक कर आगामी एक सप्ताह में विकास कार्य शुरू नहीं होने पर धरना शुरू किया जाएगा। इसके लिए निदेशक शहरी निकास, उपायुक्त, नगर आयुक्त व एसडीएम को पत्र भेजकर अवगत कराया जा चुका है।
रमेश सैनी, प्रधान नगरपालिका महेंद्रगढ़।
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पिछले दो सालों के दौरान नपा के यह जिम्मेदार अधिकारी नियमित रूप से वेतन व अन्य भत्ते भी हर माह ले रहे हैं। 19 जून 2022 को शहर के करीब 35 हजार मतदाताओं ने नपा प्रधान व 15 पार्षदों को चुनकर शहर की सरकार बनाई थी। इसके बाद 14 जुलाई को शहर की सरकार ने शपथ लेकर 15 से नपा कार्यालय में बैठना शुरू कर दिया। प्रधान ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से लेकर शहरी निकाय मंत्री सुभाष सुधा, डीएमसी महाबीर तक शिकायत भेजी, लेकिन कोई सुनवाई तक नहीं हो रही है।
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नगर आयुक्त से मिल रहा कोरा आश्वासन
पिछले दो माह के नपा प्रधान, उप प्रधान व पार्षद तीन बार बैठक कर नगर आयुक्त महाबीर प्रसाद से विकास कार्य शुरू कराने की मांग उठा चुके हैं। गत 27 जून को नारनौल नगर आयुक्त कार्यालय में हुई बैठक में भी एक सप्ताह में विकास कार्याें के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कराने के आदेश दिए गए थे। वर्तमान में सचिव का कार्यभार देख रहे प्रशांत परासर ने तो छह माह से अपनी आईडी व पासवर्ड तक नहीं बनवाए हैं जो विकास कार्य शुरू कराने के लिए पहली प्रक्रिया थी। वहीं एमई दिनेश कुमार पिछले दस दिनों से कभी पहुंच पा रहे हैं तो कभी नहीं। ऐसे में उनसे कोई पूछने वाला भी नहीं है कि आखिर कहां गायब रहते हो। यही हालात जेई मनोज कुमार के हैं जो आते नियमित रूप से हैं, लेकिन करते कुछ नहीं।
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दो साल में 20 बैठक, 50 प्रस्ताव, एक भी धरातल पर नहीं उतरा
15 जुलाई 2022 को शहर की इस सरकार में प्रधान, उप प्रधान व 15 वार्ड पार्षदों ने शपथ ली थी। इस दो साल के कार्यकाल में 20 बैठकों में करीब 15 करोड़ रुपये के विकास कार्याें के लिए 50 प्रस्ताव पास किए गए। इनमें से 17 प्रस्ताव नपा के एजेंडे में शामिल थे, जबकि 33 प्रस्ताव शहर के विकास को लेकर वार्ड पार्षदों की ओर से किए गए थे। इसमें 20 से अधिक बदहाल मुख्य सड़कों के साथ-साथ 150 गलियों का नव निर्माण व मरम्मत सहित घर-घर कचरा कलेक्शन का टेंडर शामिल था। प्रस्ताव पास होकर डीएमसी की मंजूरी भी मिली, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से 50 कार्याें में से एक के भी टेंडर नहीं हो पाए।
नपा के अधिकारी पिछले दो सालों से शहर के विकास कार्याें में रुचि नहीं ले रहे हैं। 50 प्रस्ताव हुए, लेकिन एक भी विकास कार्य के टेंडर तक नहीं लगा पाए। लगातार डीएमसी से लेकर मुख्यमंत्री व शहरी निकाय मंत्री तक इनकी शिकायत भेजी जा रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उप प्रधान व पार्षदों के साथ बैठक कर आगामी एक सप्ताह में विकास कार्य शुरू नहीं होने पर धरना शुरू किया जाएगा। इसके लिए निदेशक शहरी निकास, उपायुक्त, नगर आयुक्त व एसडीएम को पत्र भेजकर अवगत कराया जा चुका है।
रमेश सैनी, प्रधान नगरपालिका महेंद्रगढ़।

फोटो संख्या:55-नगर पालिका महेंद्रगढ़ में बैठक करते नगर पालिका चेयरमैन रमेश सैनी, उपप्रधान मंजू

फोटो संख्या:55-नगर पालिका महेंद्रगढ़ में बैठक करते नगर पालिका चेयरमैन रमेश सैनी, उपप्रधान मंजू

फोटो संख्या:55-नगर पालिका महेंद्रगढ़ में बैठक करते नगर पालिका चेयरमैन रमेश सैनी, उपप्रधान मंजू

फोटो संख्या:55-नगर पालिका महेंद्रगढ़ में बैठक करते नगर पालिका चेयरमैन रमेश सैनी, उपप्रधान मंजू