{"_id":"654508ea335ad7ef7d0144e2","slug":"narnaul-villagers-blocked-the-road-with-dead-body-of-father-and-son-2023-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Narnaul: पिता-पुत्र के शव को सड़क पर रख ग्रामीणों ने लगाया जाम, डंपर की टक्कर से हुई थी मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Narnaul: पिता-पुत्र के शव को सड़क पर रख ग्रामीणों ने लगाया जाम, डंपर की टक्कर से हुई थी मौत
Fri, 03 Nov 2023 08:21 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 03 Nov 2023 08:21 PM IST
सार
पीड़ित परिवार की मांगों को लेकर ग्रामीण अड़े हुए हैं। शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। एसडीएम, डीएसपी, तहसीलदार, बीडीपीओ सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। मृतक की पत्नी को स्थायी रोजगार देने की मांग है।
विज्ञापन
लोगों ने लगाया जाम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के नारनौल के खातोली अहीर के पास डंपर की टक्कर से हादसे में हुई पिता-पुत्र की मौत से खफा ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह करीब दस बजे मृतकों के शव को धौलेड़ा बस स्टैंड पर सड़क के बीच रखकर सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू किया। धरने पर धौलेड़ा गांव सहित आसपास के गांवों से आए सैंकड़ों ग्रामीण शामिल हुए।
विज्ञापन
काफी संख्या में महिलाओं ने भी धरने पर पहुंचकर पीड़ित परिवार के लिए मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन की नाकामी और ओवरलोड की काली कमाई से निर्दोष लोगों के खून से सड़के लाल हो रही है। इसी के चलते हादसे पिता-पुत्र की मौत से घर बंद हो गया। मृतक ज्योतिषाचार्य विकास शास्त्री की मौत से परिवार टूट गया है।
विज्ञापन
अब पीड़ित परिवार में मृतक शास्त्री की बुजुर्ग मां व धर्मपत्नी सहित एक मासूम लड़की बची है। इससे अब परिवार का कोई सहारा ही नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि मृतक शास्त्री अपने पिता के इकलौते बेटे थे। वही शास्त्री को भी 15 वर्षीय इकलौता बेटा ऋषभ था जो शास्त्री के साथ ही बाइक पर था और डंपर की टक्कर से दोनों की मौत हो गई।
विज्ञापन
ग्रामीणों की ये रही मांग
पिता-पुत्र के शव सड़क पर रखकर धरना प्रदर्शन की सूचना पर प्रशासन की ओर एसडीएम मनोज कुमार, बीडीपीओ प्रमोद कुमार, डीएसपी जितेंद्र कुमार व माइनिंग अधिकारी भूपेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, परंतु ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर अड़ गए। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक मृतक विकास शास्त्री की धर्मपत्नी को स्थायी नौकरी, क्रशर व माइंस ओवरलोड डंपर भरने पर पाबंदी, गांव के अंदर से खनन सामग्री से लदे भारी वाहन गुजरने पर रोक नहीं लगेगी धरना जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि उनकी मांगों का लिखित में आश्वासन नहीं मिलता है तब तक ग्रामीण शवों का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस पर एसडीएम ने ग्रामीणों को मृतक की धर्मपत्नी को नौकरी देने की मांग पर अपनी असमर्थता जाहिर करते हुए शेष सभी मांगो को पूरी करने का भरोसा दिलाया, परंतु ग्रामीण सहमत नहीं हुए। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों का सड़क पर शव के साथ धरना प्रदर्शन जारी था।
मांग पूरी होने के बाद ही किया जाएगा अंतिम संस्कार
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मृतक विकास शास्त्री की पत्नी को सरकारी नौकरी नहीं मिलती है, तब तक धरना जारी रहेगा। उनका कहना है कि इसको लेकर चाहे 3-4 दिन लग जाए। मांग पूरी होने के बाद ही शवों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
ग्रामीणों पर मुकदमे करते है दर्ज
ग्रामीणों का कहना है कि प्रत्येक नागरिक को अपनी मांग रखने का अधिकार है, किंतु अब ग्रामीण ओवरलोड को लेकर यदि सड़क पर धरना प्रदर्शन करते हैं तो ट्रक मालिक व चालक पर कार्रवाई की बजाय पुलिस ग्रामीणों पर ही मुकदमा दर्ज कर देती है। ग्रामीणों ने कहा कि दो दिन पहले ही नयागांव में शौच कर रहे बुजुर्ग पर डंपर चढ़ा दिया था। इससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके बावजूद शासन प्रशासन की ओर से ओवरलोड यमदूत पर शिकंजा नही कसा जा रहा है।
यहां है हालात खराब
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में दुर्घटना मामले में सबसे अधिक हालात खराब दौखेरा व धौलेड़ा सड़क मार्ग की है। उन्होंने कहा कि दौखेरा में जनसुनवाई के दौरान भी जिला प्रशासन से ओवरलोड पर नियंत्रण की मांग की थी, परंतु माइंस संचालकों की ऐसी जकड़ है कि सड़क मार्ग पर कोई अधिकारी कार्रवाई के लिए कदम नहीं बढ़ाता है, जबकि मार्ग पर दर्जनों निर्दोष लोगों की ओवरलोड डंपरों की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। यही हालात धौलेड़ा सड़क मार्ग के बने है।
ग्रामीणों की ज्यादातर मांग प्रशासन की तरफ से मान ली गई है, लेकिन मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग पर सहमति नहीं बनी है। जिसकी वजह से ग्रामीण धरने पर बैठे हुए हैं। -मनोज कुमार, एसडीएम, नारनौल।