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Mahendragarh-Narnaul News: बूंदाबांदी से खुले में रखे सरसों के बैग भीगे
Mon, 24 Apr 2023 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 24 Apr 2023 12:10 AM IST
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नारनौल। पश्चिमी विक्षोभ के चलते रविवार को कई जगहों पर बूंदाबांदी हुई। इसके चलते अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे रखे सैकड़ों टन सरसों के बैग भीग गए। बारिश के चलते मंडी में तैनात कर्मचारियों ने उठान का कार्य तेज कर दिया। वहीं रविवार को सरसों की खरीदारी न होने के कारण मंडियों में सरसों लेकर नहीं पहुंचे। हालांकि नारनौल अनाज मंडी में बारिश से अनाज के बचाव के लिए दो बड़े टीनशेड लगाए गए हैं। वहीं बूंदाबांदी से लोगों को गर्मी से राहत मिली। रविवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस प्रकार अधिकतम तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान में 0.1 डिग्री की कमी आई है।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम हो जाएगा। इसके बाद 30 अप्रैल से 2 मई तक दोबारा मौसम में बदलाव आएगा। इस दौरान तेज आंधी व बारिश की संभावना बन रही है। अप्रैल में तापमान में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। एक सप्ताह पहले तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पार पहुंच गया था, लेकिन तीन दिनों से मौसम में अचानक बदलाव के चलते तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। तापमान में कमी आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल के अंतिम दिनों व मई माह के पहले सप्ताह में तापमान सामान्य रहेगा। राजकीय महाविद्यालय के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 30 अप्रैल को एक ओर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके चलते 30 अप्रैल से 2 मई तक तेज आंधी व बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। रविवार को सुबह से ही मौसम में बदलाव के चलते नारनौल, निजामपुर व आसपास के क्षेत्र में बूंदाबांदी हुई है। इससे अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे रखे सरसों के बैग भीग गए। बूंदाबांदी होने के बाद हैफेड कर्मचारियों ने उठान में तेजी लाई। रविवार को सरसों की खरीद न होने से किसान मंडी में सरसों लेकर नहीं पहुंचे जिससे उनकी सरसों भीगने से बच गई।
- अब तक 8667 मीट्रिक टन सरसों की हुई खरीद
जिले में हैफेड ने 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू की थी। अब तक हैफेड ने 8667 मीट्रिक टन सरसों की खरीदी है। इसमें 6402 मीट्रिक टन सरसों का उठान हुआ है। हैफेड द्वारा नारनौल अनाज मंडी में 1920 मीट्रिक टन, अटेली अनाज मंडी में 1619 मीट्रिक टन, नांगल चौधरी अनाज मंडी में 1192 मीट्रिक टन, महेंद्रगढ़ में 44 मीट्रिक टन, कनीना में 2226 मीट्रिक टन व सतनाली में 1656 मीट्रिक टन सरसों खरीदी है। वहीं खाद्य आपूर्ति विभाग व वेयरहाउस ने 3500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। जिसमें कनीना अनाज मंडी में 900 मीट्रिक टन व सतनाली में 2175 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। अब तक गेहूं का 3075 मीट्रिक टन उठान हो चुका है। मौसम विभाग ने 30 अप्रैल से दोबारा बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में विभाग को गेहूं व सरसों की उठान प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है। अगर उठान प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई गई तो सरसों व गेहूं के काफी बैग भीग सकते हैं।
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- वर्जन
खरीद के तुरंत बाद सरसों का उठान किया जा रहा है। नारनौल व नांगल चौधरी में सरसों का शत प्रतिशत उठान किया जा चुका है। अगर किसी मंडी में उठान में कोई दिक्कत आ रही है तो उसकी जानकारी लेकर तुरंत उठान करवाया जाएगा।-- नीरज त्यागी, महाप्रबंधक हैफेड नारनौल।
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मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम हो जाएगा। इसके बाद 30 अप्रैल से 2 मई तक दोबारा मौसम में बदलाव आएगा। इस दौरान तेज आंधी व बारिश की संभावना बन रही है। अप्रैल में तापमान में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। एक सप्ताह पहले तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पार पहुंच गया था, लेकिन तीन दिनों से मौसम में अचानक बदलाव के चलते तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। तापमान में कमी आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल के अंतिम दिनों व मई माह के पहले सप्ताह में तापमान सामान्य रहेगा। राजकीय महाविद्यालय के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 30 अप्रैल को एक ओर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके चलते 30 अप्रैल से 2 मई तक तेज आंधी व बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। रविवार को सुबह से ही मौसम में बदलाव के चलते नारनौल, निजामपुर व आसपास के क्षेत्र में बूंदाबांदी हुई है। इससे अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे रखे सरसों के बैग भीग गए। बूंदाबांदी होने के बाद हैफेड कर्मचारियों ने उठान में तेजी लाई। रविवार को सरसों की खरीद न होने से किसान मंडी में सरसों लेकर नहीं पहुंचे जिससे उनकी सरसों भीगने से बच गई।
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- अब तक 8667 मीट्रिक टन सरसों की हुई खरीद
जिले में हैफेड ने 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू की थी। अब तक हैफेड ने 8667 मीट्रिक टन सरसों की खरीदी है। इसमें 6402 मीट्रिक टन सरसों का उठान हुआ है। हैफेड द्वारा नारनौल अनाज मंडी में 1920 मीट्रिक टन, अटेली अनाज मंडी में 1619 मीट्रिक टन, नांगल चौधरी अनाज मंडी में 1192 मीट्रिक टन, महेंद्रगढ़ में 44 मीट्रिक टन, कनीना में 2226 मीट्रिक टन व सतनाली में 1656 मीट्रिक टन सरसों खरीदी है। वहीं खाद्य आपूर्ति विभाग व वेयरहाउस ने 3500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। जिसमें कनीना अनाज मंडी में 900 मीट्रिक टन व सतनाली में 2175 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। अब तक गेहूं का 3075 मीट्रिक टन उठान हो चुका है। मौसम विभाग ने 30 अप्रैल से दोबारा बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में विभाग को गेहूं व सरसों की उठान प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है। अगर उठान प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई गई तो सरसों व गेहूं के काफी बैग भीग सकते हैं।
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खरीद के तुरंत बाद सरसों का उठान किया जा रहा है। नारनौल व नांगल चौधरी में सरसों का शत प्रतिशत उठान किया जा चुका है। अगर किसी मंडी में उठान में कोई दिक्कत आ रही है तो उसकी जानकारी लेकर तुरंत उठान करवाया जाएगा।