फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   municipal commitee,notice,shopkeeper

आर्थिक तंगी से जूूझ रहे नप ने 250 बकायेदारों को भेजा नोटिस

Sun, 10 Nov 2019 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 10 Nov 2019 12:15 AM IST
विज्ञापन
municipal commitee,notice,shopkeeper
आर्थिक तंगी से जूूझ रहा नगर परिषद प्रॉपर्टी टैक्स वसूली पर जोर दे रहा है। जिससे की नप अपना रूटीन का काम चला सके। नगर परिषद ने 50 हजार से से ऊपर के 250 प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों को नोटिस भेजा है। नप का करीब 10 करोड़ रुपये टैक्स का स्कूलों, होटलों, सरकारी भवनों समेत अन्य पर बकाया है।
विज्ञापन

बता दें कि नगर परिषद को मुख्य आय हाउस टैक्स से होती है। लेकिन, लोग टैक्स देने में रुचि नहीं दिखाते। ऐसे में नप को कर्मचारियों के वेतन समेत अन्य कार्यों में परेशानी होती है। नप का कमर्शियल और रिहायशी भवनों पर करीब दस करोड़ रुपये बकाया है। नप 50 हजार रुपये से अधिक के बकायेदारों को नोटिस भेजा रहा है। ऐसे लोगों को नोटिस मिलने के 15 दिन में टैक्स जमा कराने को कहा गया है। नप के टैक्स इंस्पेक्टर वैभव शर्मा ने बताया कि करीब 250 बकायेदारों को नोटिस भेजी गई है। उन्होंने बताया कि बकायेदारों में स्कूल, होटल, मैरिज हॉल, मंदिर में बनी दुकानें, कमर्शियल व सरकारी भवन शामिल है। इसमें कुछ ऐसे संस्थान भी जो लंबे समय से टैक्स जमा नहीं कराया हुआ है और लाखों रुपये बकाया है। सभी से जल्द टैक्स जमा कराने को कहा गया है।
विज्ञापन

विकास कार्य प्रभावित होते हैं
नप विकास कार्यों को लेकर पूरी तरह से सरकार पर निर्भर है। टैक्स कलेक्शन होने से नप को छोटे कार्य स्थानीय स्तर पर कराने में मदद मिलती है। हाउस टैक्स वसूली की गति कमजोर होने से नप को कार्य कराने में परेशानी हो रही है। नप को स्ट्रीट लाइटें व वाहनों की रिपेयर जैसे छोटे-छोटे कार्यों के लिए परेशानी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

25 लाख रुपये वेतन पर होता है खर्च
नप से मिली जानकारी के अनुसार कर्मचारियों के वेतन देने के लिए हर माह 20 से 25 लाख रुपये की जरुरत होती है। इसके अलावा आफिस व अन्य खर्चे अलग है। ऐसे में नप को हर माह करीब 40 से 50 लाख रुपये की जरूरत होती है। यह राशि नप को अपने स्तर पर ही इंतजाम करने होते हैं।

नगर परिषद टैक्स वसूली पर ध्यान दे रहा है। इसमें बड़े बकायेदारों पर विशेष जोर है। दूसरा डीसी से अनुमति मिलने पर बड़े बकायेदारों की प्रॉपर्टी सील की कार्रवाई की जाएगी। नप को आर्थिक रुप से मजबूत बनाने के लिए कुछ जगहों पर दुकानों का निर्माण कराया जाएगा।
- भारती सैनी, चेयरपर्सन, नप नारनौल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed