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नगर पालिका में पहली बार पुलिस सुरक्षा में होगी साधारण बैठक, तीनों पार्षदों ने मीटिंग में आने का किया दावा
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नगर पालिका का मुख्य द्वार
- फोटो : Narnol
नगर पालिका की साधारण बैठक पहली बार पुलिस सुरक्षा में होगी। इसके लिए नपा चेयरपर्सन ने पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण को लेटर लिखकर बैठक के लिए सुरक्षा की मांग कर चुके हैं। बैठक में किसी भी अवैध व्यक्ति को घुसने नहीं दिया जाएगा। नपा चेयरपर्सन का दावा है कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में तीन पार्षदों की सदस्यता का ही केस है। उनकी सदस्यता पर ही अविश्वास प्रस्ताव का फैसला होना है। ऐसे में पार्षद अमित मिश्रा, कमलेश तायल, नरेंद्र खन्ना बैठक में हिस्सा नहीं ले सकते। सदन की बैठक की एक गरिमा होती है। अगर किसी ने जबरदस्ती घुसने का प्रयास किया तो उसे कानूनी तौर पर रोका जाएगा।
पार्षद अमित मिश्रा ने दावा कि उनकी सदस्यता पर कोई कोर्ट केस नहीं है। उपायुक्त ने भी उनको मीटिंग में जाने की अनुमति प्रदान की हुई है और वो 13 जनवरी की बैठक में जाएंगे और ये उनका हक है। इन सब को देखकर मीटिंग में पूरा-पूरा हंगामा होने की संभावना है। वैसे भी सोमवार की मीटिंग को लेकर शहर के लोगों की चर्चा का विषय बना हुआ है।
बता दें कि नपा चेयरपर्सन रीना गर्ग के आदेश पर सचिव ने 31 दिसंबर को शहर के विकास कार्यों को लेकर पार्षदों की मीटिंग का एजेंडा जारी किया था। इस एजेंडे में 13 प्रस्ताव दिए गए हैं। एजेंडे की कॉपी पार्षद अमित मिश्रा, नरेंद्र खन्ना, कमलेश तायल तथा नपा चेयरपर्सन पार्षद पति सुरेंद्र बंटी को नहीं भेजी गई थी। इसलिए इन तीनों पार्षदों ने बैठक को लेकर 3 जनवरी को महेंद्रगढ़ कोर्ट में बैठक में शामिल होने के लिए याचिका डाली गई थी। जिसकी सुनवाई 7 जनवरी को हुई थी। इसी दिन उपायुक्त ने सचिव को तीनों पार्षदों को मीटिंग में शामिल होने के अनुमति दे दी थी परंतु उपायुक्त ने शर्त रखी थी कि उनकी सदस्यता पर कोई कोर्ट केस न हो। इस पर सचिव ने तीनों पार्षदों को मीटिंग में शामिल कर लिया था। तीन पार्षदों को बैठक में शामिल करने को लेकर नगर पालिका चेयरपर्सन ने बैठक को स्थगित कर दिया था। करीब 40 मिनट चली बैठक में पार्षदों- चेयरपर्सन के बीच बहस होती रही। दोनों पक्ष एक दूसरे पर कई तरह के आरोप लगाते रहे। करीब छह महीने बाद बुलाई गई सदन की बैठक में किसी प्रस्ताव पर विमर्श नहीं हो सका। बैठक के बाद नगर पालिका प्रधान ने सचिव को नोटिस जारी कर 9 सवालों पर जवाब मांगा। बैठक को लेकर अदालत में भी करीब अढ़ाई घंटे तक बहस हुई थी। बाद में अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 17 फरवरी की अगली तारीख तय की थी
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इन प्रस्ताव पर होना है मंथन
- भवन निर्माण नक्शों को पास करने के लिए
- शहर की स्ट्रीट लाइट पर लगी सोडियम लाइट व ट्यूब लाइट के स्थान पर एलईडी लाइट लगाने बारे
- नगरपालिका परिसर में 4 अन्य कमरे बनवाने का प्रस्ताव
- शहर के कूड़ा लिफ्टिंग के लिए 3 नए टैंपों खरीदे जाने का प्रस्ताव
- कचरा उठाने के लिए पांच ऊंट गाड़ियों के स्थान पर पांच छोटे ट्रैक्टर ट्रॉली लगाने का प्रस्ताव
- रणबीर सिंह हुड्डा पार्क में ग्रामय फाउंडेशन रेवाड़ी को 50 प्रतिशत शेयर पर शौचालय और रैन बसेरा बनाने का प्रस्ताव
- धारा 35 के तहत किए गए प्रस्ताव की पुष्टि करने के बारे
मीटिंग एवं पार्षदों की जांच एक ही दिन
नपा की मीटिंग एवं पार्षदों की जांच दोनों एक ही दिन रखी गई है। इसके लिए नपा पार्षद डॉ. तरुण यादव ने नपा चेयरपर्सन पर जानबूझकर 13 जनवरी को बैठक बुलाने का आरोप लगाया है। डॉ. तरुण ने बताया कि नपा चेयरपर्सन रीना गर्ग ने उनके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका डाली हुई जिसकी जांच उपायुक्त कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नपा चेयरपर्सन ने जानबूझकर मीटिंग इस दिन रखी है ताकि पार्षद मीटिंग में न पहुंच सकें। नपा चेयरपर्सन रीना गर्ग ने कहा कि मीटिंग 10 से 11 बजे तक की है जबकि जांच तो 2 बजे के बाद होगी।
बैठक में निश्चित रूप से जाएंगे। हम अपना सबूत दे रहे हैं कि हमारे पर कोई स्टे नहीं है। अगर स्टे है तो नपा चेयरपर्सन दस्तावेज पेश कर दें, हम वापस आ जाएंगे। महेंद्रगढ़ कोर्ट के आदेश में साफ लिखा है कि उनका स्टे अविश्वास प्रस्ताव को लेकर है, हमारी सदस्यता पर नहीं है। इसलिए मीटिंग में जाना हमारा हक है और हम जाएंगे।
- अमित मिश्रा, वार्ड पार्षद, महेंद्रगढ़।
हमने अमित मिश्रा, नरेंद्र खन्ना और कमलेश तायल को मीटिंग में शामिल नहीं हो सकते। उनकी सदस्यता को लेकर हाई कोर्ट में केस चल रहा है। अगर वो कोई सबूत पेश कर देते हैं तो हम उनको मीटिंग में शामिल कर लेंगे। - रीना गर्ग, नपा चेयरपर्सन, महेंद्रगढ़।
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पार्षद अमित मिश्रा ने दावा कि उनकी सदस्यता पर कोई कोर्ट केस नहीं है। उपायुक्त ने भी उनको मीटिंग में जाने की अनुमति प्रदान की हुई है और वो 13 जनवरी की बैठक में जाएंगे और ये उनका हक है। इन सब को देखकर मीटिंग में पूरा-पूरा हंगामा होने की संभावना है। वैसे भी सोमवार की मीटिंग को लेकर शहर के लोगों की चर्चा का विषय बना हुआ है।
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बता दें कि नपा चेयरपर्सन रीना गर्ग के आदेश पर सचिव ने 31 दिसंबर को शहर के विकास कार्यों को लेकर पार्षदों की मीटिंग का एजेंडा जारी किया था। इस एजेंडे में 13 प्रस्ताव दिए गए हैं। एजेंडे की कॉपी पार्षद अमित मिश्रा, नरेंद्र खन्ना, कमलेश तायल तथा नपा चेयरपर्सन पार्षद पति सुरेंद्र बंटी को नहीं भेजी गई थी। इसलिए इन तीनों पार्षदों ने बैठक को लेकर 3 जनवरी को महेंद्रगढ़ कोर्ट में बैठक में शामिल होने के लिए याचिका डाली गई थी। जिसकी सुनवाई 7 जनवरी को हुई थी। इसी दिन उपायुक्त ने सचिव को तीनों पार्षदों को मीटिंग में शामिल होने के अनुमति दे दी थी परंतु उपायुक्त ने शर्त रखी थी कि उनकी सदस्यता पर कोई कोर्ट केस न हो। इस पर सचिव ने तीनों पार्षदों को मीटिंग में शामिल कर लिया था। तीन पार्षदों को बैठक में शामिल करने को लेकर नगर पालिका चेयरपर्सन ने बैठक को स्थगित कर दिया था। करीब 40 मिनट चली बैठक में पार्षदों- चेयरपर्सन के बीच बहस होती रही। दोनों पक्ष एक दूसरे पर कई तरह के आरोप लगाते रहे। करीब छह महीने बाद बुलाई गई सदन की बैठक में किसी प्रस्ताव पर विमर्श नहीं हो सका। बैठक के बाद नगर पालिका प्रधान ने सचिव को नोटिस जारी कर 9 सवालों पर जवाब मांगा। बैठक को लेकर अदालत में भी करीब अढ़ाई घंटे तक बहस हुई थी। बाद में अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 17 फरवरी की अगली तारीख तय की थी
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इन प्रस्ताव पर होना है मंथन
- भवन निर्माण नक्शों को पास करने के लिए
- शहर की स्ट्रीट लाइट पर लगी सोडियम लाइट व ट्यूब लाइट के स्थान पर एलईडी लाइट लगाने बारे
- नगरपालिका परिसर में 4 अन्य कमरे बनवाने का प्रस्ताव
- शहर के कूड़ा लिफ्टिंग के लिए 3 नए टैंपों खरीदे जाने का प्रस्ताव
- कचरा उठाने के लिए पांच ऊंट गाड़ियों के स्थान पर पांच छोटे ट्रैक्टर ट्रॉली लगाने का प्रस्ताव
- रणबीर सिंह हुड्डा पार्क में ग्रामय फाउंडेशन रेवाड़ी को 50 प्रतिशत शेयर पर शौचालय और रैन बसेरा बनाने का प्रस्ताव
- धारा 35 के तहत किए गए प्रस्ताव की पुष्टि करने के बारे
मीटिंग एवं पार्षदों की जांच एक ही दिन
नपा की मीटिंग एवं पार्षदों की जांच दोनों एक ही दिन रखी गई है। इसके लिए नपा पार्षद डॉ. तरुण यादव ने नपा चेयरपर्सन पर जानबूझकर 13 जनवरी को बैठक बुलाने का आरोप लगाया है। डॉ. तरुण ने बताया कि नपा चेयरपर्सन रीना गर्ग ने उनके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका डाली हुई जिसकी जांच उपायुक्त कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नपा चेयरपर्सन ने जानबूझकर मीटिंग इस दिन रखी है ताकि पार्षद मीटिंग में न पहुंच सकें। नपा चेयरपर्सन रीना गर्ग ने कहा कि मीटिंग 10 से 11 बजे तक की है जबकि जांच तो 2 बजे के बाद होगी।
बैठक में निश्चित रूप से जाएंगे। हम अपना सबूत दे रहे हैं कि हमारे पर कोई स्टे नहीं है। अगर स्टे है तो नपा चेयरपर्सन दस्तावेज पेश कर दें, हम वापस आ जाएंगे। महेंद्रगढ़ कोर्ट के आदेश में साफ लिखा है कि उनका स्टे अविश्वास प्रस्ताव को लेकर है, हमारी सदस्यता पर नहीं है। इसलिए मीटिंग में जाना हमारा हक है और हम जाएंगे।
- अमित मिश्रा, वार्ड पार्षद, महेंद्रगढ़।
हमने अमित मिश्रा, नरेंद्र खन्ना और कमलेश तायल को मीटिंग में शामिल नहीं हो सकते। उनकी सदस्यता को लेकर हाई कोर्ट में केस चल रहा है। अगर वो कोई सबूत पेश कर देते हैं तो हम उनको मीटिंग में शामिल कर लेंगे। - रीना गर्ग, नपा चेयरपर्सन, महेंद्रगढ़।