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पांच माह बाद भी बिना फायर एनओसी के चल रहे संस्थानों पर नहीं हुई कार्रवाई
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सूरत में कोचिंग सेंटर और दिल्ली अग्निकांड के बाद भी जिले के शिक्षण सहित अन्य संस्थानों में फायर सेफ्टी के पूरे इंतजाम नहीं हैं। जून में हुए सर्वे में जिले में 330 संस्थानों में से मात्र 71 के पास फायर एनओसी मिली थी। इसकी रिपोर्ट दमकल केंद्र ने 24 जून में भी विभाग को भेज दी थी। इसके बाद भी ऐसे संस्थानों पर अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है।
महेंद्रगढ़ जिला एजुकेशन हब होने के कारण गली- गली में कोचिंग सेंटर, निजी स्कूल व कॉलेज खुले हुए हैं। कोचिंग सेंटरों के अलावा मैरिज पैलेस, होटल व पंप समेत अन्य संस्थानों में फायर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। सूरत में कोचिंग अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन ने एक कमेटी बनाकर पूरे जिले के संस्थानों की फायर संबंधी सर्वे कराया कराया था। जिसकी रिपोर्ट नारनौल दमकल केंद्र ने जिला प्रशासन व हेड क्वॉटर को 24 जून में भेज दी थी। टीम ने सर्वे में पाया कि स्कूलों, कॉलेजों व कोचिंग सेंटरों के अलावा पेट्रोल पंप संचालक भी फायर संबंधी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। दमकल केंद्र के अनुसार निजी स्कूल मान्यता लेते समय फायर सेफ्टी नार्म्स को पूरा करते हैं। इसके बाद फायर सिस्टम को लेकर गंभीर नहीं रहते हैं। अब दिल्ली अग्निकांड के बाद ऐसे संस्थानों के सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो रहे हैं।
वर्जन ::::
जिले के सभी संस्थानों का सर्वे कर रिपोर्ट मुख्यालय व जिला प्रशासन को 24 जून भेजा जा चुका है। जिले में करीब 71 संस्थानों के पास फायर एनओसी है। कोचिंग सेंटरों के अलावा होटलों और पेट्रोल पंपों के पास भी फायर एनओसी नहीं है। विभागीय निर्देशों के तहत ऐसे संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी।
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-सुरेश कुमार, जिला दमकल अधिकारी, नारनौल।
जिले में कुल संस्थान व जारी एनओसी
संस्थान-कुल भवन- सर्वे- एनओसी जारी
स्कूल- 298- 200- 49
कॉलेज-7-7-0
अस्पताल-58-58-20
होटल-27-27-0
ऑडिटोरियम-2-2-0
कोचिंग सेंटर-34-34-1
कुल-428-330-71
------------------
एनओसी के जरूरी मानक
1. कोचिंग सेंटर को नप से ट्रेड लाइसेंस होना चाहिए।
2. भवन का व्यवसायिक नक्शा पास होना चाहिए।
3. भवन के बेसमेंट में स्प्रिंकलर सिस्टम व स्मोक डिटेक्टर होना चाहिए।
4. ग्राउंड फ्लोर पर फायर सिस्टम होना चाहिए।
5. सेकेंड फ्लोर पर दस लाख लीटर का पानी का टैंक होना चाहिए।
6. थर्ड फ्लोर वाले भवनों पर स्प्रिंकलर सिस्टम, पानी की मोटर व जनरेटर होना चाहिए।
7. भवन में दो सीढ़ियां और रैंप होने चाहिए।
8. प्रत्येक कमरे का दो दरवाजा होना चाहिए, जो बाहर की ओर खुलते हो। इसके अलावा कोई रोशनदार बंद न हो।
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महेंद्रगढ़ जिला एजुकेशन हब होने के कारण गली- गली में कोचिंग सेंटर, निजी स्कूल व कॉलेज खुले हुए हैं। कोचिंग सेंटरों के अलावा मैरिज पैलेस, होटल व पंप समेत अन्य संस्थानों में फायर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। सूरत में कोचिंग अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन ने एक कमेटी बनाकर पूरे जिले के संस्थानों की फायर संबंधी सर्वे कराया कराया था। जिसकी रिपोर्ट नारनौल दमकल केंद्र ने जिला प्रशासन व हेड क्वॉटर को 24 जून में भेज दी थी। टीम ने सर्वे में पाया कि स्कूलों, कॉलेजों व कोचिंग सेंटरों के अलावा पेट्रोल पंप संचालक भी फायर संबंधी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। दमकल केंद्र के अनुसार निजी स्कूल मान्यता लेते समय फायर सेफ्टी नार्म्स को पूरा करते हैं। इसके बाद फायर सिस्टम को लेकर गंभीर नहीं रहते हैं। अब दिल्ली अग्निकांड के बाद ऐसे संस्थानों के सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो रहे हैं।
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जिले के सभी संस्थानों का सर्वे कर रिपोर्ट मुख्यालय व जिला प्रशासन को 24 जून भेजा जा चुका है। जिले में करीब 71 संस्थानों के पास फायर एनओसी है। कोचिंग सेंटरों के अलावा होटलों और पेट्रोल पंपों के पास भी फायर एनओसी नहीं है। विभागीय निर्देशों के तहत ऐसे संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी।
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-सुरेश कुमार, जिला दमकल अधिकारी, नारनौल।
जिले में कुल संस्थान व जारी एनओसी
संस्थान-कुल भवन- सर्वे- एनओसी जारी
स्कूल- 298- 200- 49
कॉलेज-7-7-0
अस्पताल-58-58-20
होटल-27-27-0
ऑडिटोरियम-2-2-0
कोचिंग सेंटर-34-34-1
कुल-428-330-71
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एनओसी के जरूरी मानक
1. कोचिंग सेंटर को नप से ट्रेड लाइसेंस होना चाहिए।
2. भवन का व्यवसायिक नक्शा पास होना चाहिए।
3. भवन के बेसमेंट में स्प्रिंकलर सिस्टम व स्मोक डिटेक्टर होना चाहिए।
4. ग्राउंड फ्लोर पर फायर सिस्टम होना चाहिए।
5. सेकेंड फ्लोर पर दस लाख लीटर का पानी का टैंक होना चाहिए।
6. थर्ड फ्लोर वाले भवनों पर स्प्रिंकलर सिस्टम, पानी की मोटर व जनरेटर होना चाहिए।
7. भवन में दो सीढ़ियां और रैंप होने चाहिए।
8. प्रत्येक कमरे का दो दरवाजा होना चाहिए, जो बाहर की ओर खुलते हो। इसके अलावा कोई रोशनदार बंद न हो।